प्रद्युम्न की मौत पर संजय दत्त ने जताया अफसोस, प्रसून जोशी ने लिख दी कविता
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संजय ने इंटरव्यू के दौरान कहा, बहुत ही बुरा माहौल है। मां-बाप को अपने बच्चों को लेकर हमेशा सतर्क रहना होगा। स्कूलों में भी बच्चे अब सुरक्षित नहीं हैं। अभिभावकों के लिए इससे डरावनी स्थिति क्या होगी? सभी को सावधान रहना होगा। बच्चों की सुरक्षा को लेकर फिलहाल बहुत कठिन समय है।
संजय दत्त अपनी बात रखते हुए आगे कहा, 'मैं भी पिता हूं। मुझे भी अपने बच्चों की चिंता रहती हैं। मैं हमेशा मेरे बच्चों को कहता हूं। घर जल्दी आओ और हमारे साथ घर पर सुरक्षित रहो। अब सिर्फ महिलाओं के सम्मान ही नहीं बल्कि अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर हम सबको गंभीरता से सोचने की जरुरत हैं।'
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इसके साथ ही रेणुका शहाणे ने इस मुद्दे पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए सोशल मीडिया पर एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने प्रशासन पर कई कड़े सवाल उठाए। साथ ही बच्चों की सुरक्षा को किस तरह से बनाए रखा जा सकता है, इसका भी पत्र में जिक्र किया है। इस पत्र में रेणुका ने समाज में कई तरह के मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी है।
वही सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी ने इस हादसे से पनपी अपनी भावनाओं एक बेहद भावुक कविता में पिरोया है। प्रसून की कविता है- जब बचपन तुम्हारी गोद में आने से कतराने लगे, जब मां की कोख से झांकती जिंदगी बाहर आने से घबराने लगे'
हादसे के बाद फरहान अख्तर ने भी सोशल मीडिया पर ट्वीट किया था।
My dear Pradyuman,
— Farhan Akhtar (@FarOutAkhtar) September 9, 2017
My heart weeps for you and for your family at this time of unimaginable grief and pain. pic.twitter.com/oHkrcQNgOi