Hijack And Hostage Thriller Movies: 'नीरजा' से लेकर 'धुरंधर' तक, इन फिल्मों में दिखी प्लेन हाईजैक की दास्तान
Bollywood Movies Based On Plane Hijack: बॉलीवुड ने प्लेन हाईजैक जैसी घटनाओं को कभी देशभक्ति और जासूसी के नजरिए से दिखाया, तो कभी इसमें जज्बातों और संघर्ष को जगह दी। आइए जानते हैं उन बॉलीवुड फिल्मों के बारे में, जिनमें प्लेन हाईजैक की कहानी दिखाई गई है।
विस्तार
हिंदी सिनेमा में भी अलग-अलग तरह की कहानियों को पर्दे पर दिखाया गया है। इनमें आतंकवाद और प्लेन हाईजैक जैसी घटनाओं पर बनी फिल्में भी शामिल हैं। कुछ फिल्मों की कहानी पूरी तरह काल्पनिक रही, तो कुछ सच्ची घटनाओं से प्रेरित थीं। इन फिल्मों में विमान के अंदर फंसे यात्रियों का डर, आतंकियों का खौफ और लोगों को बचाने की कोशिश ने दर्शकों को काफी रोमांचित किया।
जानिए उन बॉलीवुड फिल्मों के बारे में, जिनमें प्लेन हाईजैक की कहानी दिखाई गई है।
सोनम कपूर की फिल्म 'नीरजा' इस लिस्ट की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक है। साल 2016 में रिलीज हुई यह फिल्म फ्लाइट अटेंडेंट नीरजा भनोट की असली कहानी पर आधारित थी। 1986 में पैन एम फ्लाइट 73 को कराची में आतंकियों ने हाईजैक कर लिया था।
फिल्म में दिखाया गया है कि नीरजा ने मुश्किल हालात में अपनी जान की परवाह किए बिना यात्रियों को बचाने की कोशिश की। उन्होंने कई यात्रियों की जान बचाई और इसी दौरान अपनी जान गंवा दी। राम माधवानी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में सोनम कपूर के साथ शबाना आजमी भी अहम भूमिका में थीं।
अजय देवगन और अभिषेक बच्चन की फिल्म 'जमीन' साल 2003 में रिलीज हुई थी। रोहित शेट्टी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में आतंकियों के एक प्लेन हाईजैक करने की कहानी दिखाई गई थी।
फिल्म की कहानी में आतंकवादी विमान को हाईजैक करने के बाद अपने एक साथी को जेल से छुड़ाने की मांग करते हैं। फिल्म में हाईजैक के साथ-साथ आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और यात्रियों को बचाने की कोशिश को भी दिखाया गया था।
साल 2008 में रिलीज हुई फिल्म 'हाईजैक' में शाइनी आहूजा और ईशा देओल मुख्य भूमिका में नजर आए थे। फिल्म की कहानी एक पिता के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी बेटी हाईजैक किए गए विमान में फंस जाती है।
इसके बाद पिता अपनी बेटी को बचाने के लिए खुद उस विमान तक पहुंचने की कोशिश करता है। फिल्म में विमान के अंदर मौजूद यात्रियों और हाईजैकर्स के बीच चल रहे तनाव को दिखाया गया था। यह फिल्म आईसी-814 हाईजैक की घटना से प्रेरित थी।
अक्षय कुमार की 'बेल बॉटम' भी प्लेन हाईजैक पर बनी चर्चित फिल्मों में शामिल है। साल 2021 में रिलीज हुई इस फिल्म की कहानी 1980 के दशक में हुई कई विमान अपहरण की घटनाओं से प्रेरित थी।
फिल्म में अक्षय कुमार ने एक रॉ एजेंट का किरदार निभाया था, जिसे हाईजैक किए गए विमान में फंसे यात्रियों को बचाने का मिशन दिया जाता है। फिल्म में हाईजैकर्स से निपटने और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश को एक्शन के साथ दिखाया गया था।
विद्युत जामवाल की फिल्म 'आईबी 71' साल 2023 में रिलीज हुई थी। यह फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध से पहले की एक खुफिया कहानी पर आधारित थी। फिल्म में एक विमान को हाईजैक करने के प्लान को एक बड़े रणनीतिक मिशन के हिस्से के तौर पर दिखाया गया था।
कहानी में भारतीय खुफिया एजेंसियां एक ऐसा प्लान बनाती हैं, जिसका मकसद पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से भारतीय विमानों के रास्ते को सुरक्षित करना और संभावित हवाई हमले को रोकना था।
सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म 'योद्धा' साल 2024 में रिलीज हुई थी। फिल्म की कहानी एक हाईजैक किए गए यात्री विमान के इर्द-गिर्द घूमती है। सिद्धार्थ ने फिल्म में अरुण कात्याल नाम के सैनिक का किरदार निभाया, जो विमान में मौजूद यात्रियों को बचाने के लिए आतंकियों से भिड़ जाता है।
फिल्म में विमान के अंदर फंसे यात्रियों, हाईजैकर्स और उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे सैनिक के बीच का तनाव दिखाया गया है। 'योद्धा' में हाईजैक की कहानी के साथ भरपूर एक्शन और रोमांच भी देखने को मिलता है।
यामी गौतम और सनी कौशल की 'चोर निकल के भागा' भी विमान हाईजैक की कहानी को अलग अंदाज में दिखाती है। फिल्म की शुरुआत एक डायमंड चोरी की योजना से होती है, लेकिन हालात उस समय बदल जाते हैं जब विमान हाईजैक हो जाता है।
इसके बाद चोरी और हाईजैक की कहानी आपस में जुड़ जाती है और फिल्म में कई ट्विस्ट देखने को मिलते हैं।
धुरंधर
रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर' में भी प्लेन हाईजैक की एक अहम कड़ी देखने को मिलती है। फिल्म 2025 में रिलीज हुई और सुपरहिट रही। फिल्म की कहानी की पृष्ठभूमि में 1999 का चर्चित आईसी-814 कंधार हाईजैक शामिल है। इस घटना के बाद विमान में सवार यात्रियों को छुड़ाने के लिए भारत सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई थी।
फिल्म में इस घटना को सीधे तौर पर सिर्फ हाईजैक की कहानी के रूप में नहीं दिखाया गया, बल्कि इसे आगे बढ़ने वाली जासूसी और आतंकवाद से जुड़ी कहानी की अहम कड़ी बनाया गया है।
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