तो क्या फ्लॉप हो गया है 'बिग बॉस 8'?
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बीते बरसों में बिग बॉस को इतने दर्शक मिलते रहे हैं कि इसे अघोषित रूप से ही भारतीय टेलीविजन की दुनिया का सबसे बड़ा रियलिटी शो मान लिया गया। परंतु इस बार बिग बॉस-8 की स्थिति देख कर नहीं लग रहा है कि यह दर्शकों की उम्मीदों पर खरा उतर पा रहा है।
टेलीविजन के दुनिया के जानकारों के अनुसार तीन हफ्ते से ज्यादा हो जाने के बाद भी बिग बॉस-8 की दर्शकों पर कोई पकड़ नहीं बन पाई है। सबसे खास बात तो यह है कि इतने दिनों में यह पिछले साल की टीआरपी को छूने में नाकाम रहा है। गुजरे सप्ताहांत में जहां इसकी टीआरपी 2.2 थी, वहीं इस बार यह गिर कर मात्र 1.8 रह गई है।
क्या चुक गया है सलमान का जादू?
हालांकि बाद में उन्होंने ‘किक’ से अपना रिकॉर्ड दुरुस्त किया था। जहां तक शो की बात है तो सलमान बिग बॉस-8 के उस विमान के पायलट हैं, जिसे जंगल में गिरा हुआ दिखाया गया। असल में दर्शकों को यह आइडिया बिल्कुल भी पसंद नहीं आया कि उजाड़ सी जगह में प्रतियोगियों को देखें।
इसके अलावा इस बार सलमान का वह ‘मजाकिया’ अंदाज भी गायब है, जो पुराने सीजन में दिखता रहा है। एक और बात यह कि ‘बिग बॉस’ का पूरा कॉन्सेप्ट शो का न रह कर फिल्मों के प्रमोशन का अड्डा हो गया है।
फिल्म का प्रमोशन ज्यादा
हर फिल्म के प्रमोशन के लिए ऐक्टर यहां आते हैं और बिग बॉस की बातें कम होती हैं। फिल्म पर चर्चा ज्यादा की जाती है। साथ ही शो में कभी-कभी उत्पादों का भी जमकर प्रचार किया जाता है। अगर उत्पादों का ही प्रचार देखना है तो उसके विज्ञापन क्यों न देखे जाएं?
दर्शकों की मानें तो बिग बॉस-8 की सबसे बड़ी कमजोरी इसमें लाए गए प्रतियोगी हैं। जिनमें दर्शकों की बिल्कुल भी दिलचस्पी नहीं जग रही है। ज्यादातर इनमें टीवी के कलाकार हैं? उनमें से भी कई की कोई पहचान नहीं है। सवाल यह है कि टीवी के ही कलाकार देखना हैं तो फिर सीरियल देखने में क्या बुराई है।
चर्चित चेहरे भी नहीं इस बार
उल्लेखनीय है कि बिग बॉस के दर्शक अलग किस्म के हैं और उनकी सीरियलों में दिलचस्पी नहीं होती है। ऐसे में टीवी के ऐक्टर उन पर थोपना कितना जायज है?
फिल्म की दुनिया से भी सोनाली राउत, मिनीषा लांबा, आर्य बब्बर, उपेन पटेल और पुनीत इस्सर जैसे फ्लॉप ऐक्टरों को लिया गया है। इस बार बिग बॉस की दुनिया में ऐसा कुछ नहीं हो रहा है, जिससे प्रतियोगियों के घर में जरा भी उथल-पुथल मचे। कुल मिला कर यह एक बासी आइडियों का शो बन कर रह गया है।
अब देखना होगा कि शो की टीआरपी को बचाने के लिए प्रोड्यूसर क्या करेंगे। छोटे पर्दे की दुनिया इतनी बड़ी हो चुकी है कि इसमें मनोरंजन के विकल्पों की कोई कमी नहीं है।
यहां अमिताभ बच्चन जैसे सितारे की मौजूदगी में युद्ध जैसा सीरियल फ्लॉप साबित हो चुका है। दूसरे कार्यक्रमों के चुनौती बने रहने वाले बिग बॉस के सामने अब खुद की लोकप्रियता बचाए रखने की चुनौती है।