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प्रोड्यूसर और हीरो के बर्ताव के चलते इस मेगा बजट फिल्म का राइटर डिप्रेशन में, यूनियन में की मामले की शिकायत

Sat, 27 Jun 2020 01:01 PM IST
shrilata biswas अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Published by: shrilata biswas Updated Sat, 27 Jun 2020 01:01 PM IST
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battle of bhima koregaon film writer in depression and complaint in union
आशू त्रिखा, अर्जुन रामपाल - फोटो : सोशल मीडिया

प्रोड्यूसर नंबर वन वाशू भगनानी ने जब मॉडलिंग में नाम कमा रहे अर्जुन रामपाल को लेकर दीवानापन फिल्म का एलान किया था तो इसके निर्देशक बने आशू त्रिखा। आशू और अर्जुन की दोस्ती के चर्चे एक बार फिर हो रहे हैं, लेकिन इस बार मामला कुछ और है। दरअसल निर्माता रमेश थेटे की फिल्म 'बैटल ऑफ भीमा कोरेगांव' के लेखक ने आशू पर उन्हें बेइज्जत करने और फिल्म से बाहर करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। अर्जुन इस मामले पर चुप हैं। आशू मामले को टाल रहे हैं और राइटर पहुंच गया है अपनी यूनियन के पास पूरे मामले की शिकायत लेकर।

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फिल्म, टेलीविजन व वेब सीरीज के लेखकों और गीतकारों की यूनियन स्क्रीन राइटर्स एसोसिशन से की गई शिकायत के मुताबिक फिल्म बैटल ऑफ कोरेगांव के एसोसिएट निर्देशक और लेखक अरुण शिंदे इन दिनों काफी व्यथित और अवसाद में हैं। उनका कहना है कि उन्हें इस फिल्म से बेइज्जत करके निकाला गया है। साथ ही उनका आरोप है कि फिल्म के निर्माता न तो फिल्म में उनका श्रेय देना चाह रहे हैं हैं और न ही उनके इस प्रोजेक्ट पर किए काम का भुगतान करने कर रहे हैं। 

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अरुण शिंदे का कहना है कि इस फिल्म के निर्माता रमेश थेटे ने पिछले साल नवंबर में उन्हें एक पुरानी पटकथा पर काम करने के लिए बुलाया था। अरुण ने बताया, 'मैं एक साथ कई चीजों पर काम कर रहा था इसलिए मैंने रमेश के साथ एसोसिएट निर्देशक और लेखक के रूप में इस फिल्म के लिए एक एग्रीमेंट बनवाया। हालांकि, जब मैंने रमेश से उस एग्रीमेंट की एक कॉपी मांगी तो वह बहाने बनाने लगे। इसके बावजूद मैं अगले दो महीने तक उस पटकथा पर काम करता रहा और अर्जुन रामपाल के आग्रह पर मैंने उस पटकथा में कई बदलाव भी किए। जब पटकथा पूरी हो गई तब इस फिल्म में रचनात्मक निर्देशक के रूप में आशु त्रिखा को लिया गया।'
अरुण का आरोप है कि आशु इस फिल्म के लेखक और निर्देशक दोनों ही बनना चाहते हैं। अरुण ने फिल्म के निर्माता रमेश से आशु के इस व्यवहार की शिकायत की तो खुद अरुण को ही फिल्म से बाहर कर दिया गया। अरुण ने बताया कि पूरे मामले को लेकर रमेश, आशु और अर्जुन रामपाल के बीच एक होटल में मीटिंग भी हुई लेकिन उस मीटिंग में अरुण को नहीं बुलाया गया। हालांकि, इस मामले में फिलहाल आशु चुप्पी साधे हुए हैं। उनका कहना है कि वह एक अंतरराष्ट्रीय अभियान से जुड़े हुए थे और उसके काम में व्यस्त थे। जल्दी ही वह इस मामले का संज्ञान लेंगे। अर्जुन रामपाल ने अभी तक इस बारे में कुछ कहा नहीं है।

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