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उत्तराखंड में हो रही घटनाएं शर्मनाकः अमिताभ बच्चन
इंटरनेट डेस्क
Updated Sat, 29 Jun 2013 02:07 PM IST
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उत्तराखंड में आई आपदा पर अमिताभ बच्चन बेहद दुखी हैं। अपने विचारों को हाल ही में उन्होंने फेसबुक पर कुछ इस तरह से शेयर किया।
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FB 253 उत्तराखंड में हो रही घटनाएं शर्मनाक हैं ( पीड़ितों के साथ लूटपाट की घटनाओं पर)
मैंने उत्तराखंड में हो रही घटनाओं और तमाम मुद्दों के बारे में पढ़ा। जो बेहद हैरान करने वाली, शर्मनाक और अपमानजनक हैं। ये कहानियां अमानवीयता की कहानी बयां करती हैं। जो लोग गलत गतिविधियों में लिप्त हैं उन्हें मनुष्य नहीं कहा जा सकता और ना ही उन्हें मनुष्य की तरह ट्रीट किया जाना चाहिए।
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बहादुरी की कई कहानियां भी सुनी
ट्रेजेडी में फंसे हुए लोगों की कहानियां वाकई हिलाकर रख देने वाली हैं। बहादुरी की ये कहानियां बताती हैं कि आप कठिन परिस्थितियों में खुद को कैसे बचा सकते हैं। लेकिन इसके साथ ही शोषण की, कठोर व्यवहार और अपने फायदे के लिए काम करने वालों की कहानियां भी सुनने को मिल रही है जो बेहद परेशान करने वाली है। ऐसे लोगों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।
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त्रासदी के लिए इकट्ठा रकम की जवाबदेही हो
मैं उन लोगों के लिए प्रार्थना करता हूं जिन लोगों ने इस आपदा में अपनी जान गंवाई और जो अभी भी कष्ट झेल रहे हैं। निजी तौर पर जो हो सकता था सबने किया लेकिन अभी और मदद की जरूरत है।
अभी लोगों के पुनर्वास में लंबा समय लगेगा। मैं उम्मीद करता हूं कि त्रासदी के नाम पर जो पैसा इकट्ठा किया जा रहा है वो उन लोगों तक पहुंचे। लेकिन जो लोग पैसा इकट्टा कर रहे हैं, उनकी इसके प्रति जवाबदेही भी होनी चाहिए।
FB 252 मुझे भारतीय होने पर गर्व है
मुझे भारतीय होने पर गर्व है, बावजूद इसके कि इसमें कई खामियां हैं। लेकिन ऐसा कौन सा देश है जिसमें दोष नहीं है। यहां तक कि दुनिया के सबसे शक्तिशाली और एडवांस देश अमेरिका में कोई प्राकृतिक विपदा आती है तो वे लोग भी बेबस और लाचार हो जाते हैं।
अभी संभलने में लगेगा समय
भारत जैसे देश में आलोचना करना बहुत आसान है जबकि जिम्मेदारी उठाना बहुत मुश्किल है। लेकिन आप याद कीजिए कि आपने आखिरी बार कब अपने अलावा किसी और के लिए कुछ काम किया हो। ये पहला मौका है जब सब मिलकर एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं।
मुझसे अक्सर पूछा जाता है कि दूसरे देशों में ऐसी आपदाओं से आसानी से निपटा जा सकता है जबकि भारत में ऐसा नहीं,क्यों?
इस पर मैं उनसे पूछता हूं कि हमारे देश को आजाद हुए अभी 65 साल ही हुए हैं। जबकि पश्चिमी देशों को आजाद हुए काफी समय हो गया है।
हमें हजारों साल तक गुलाम रखा गया, हम पर आक्रमण किए गए। हमें संभलने का मौका ही नहीं मिला। लेकिन दूसरे देशों की तुलना में हम अब भी काफी संभले हुए हैं। हमें अपने भारतीय होने पर गर्व करना चाहिए।