Amitabh & His Mother: अमिताभ को उनकी मां से पड़ती थी जमकर डांट, इस वजह से चादर में मुंह छिपा लेते थे बिग बी
कैसे थे अमिताभ के उनकी मां के साथ रिश्ते? बचपन में मां से क्यों डांट खाते थे बिग बी? आइए जानते हैं अमिताभ बच्चन की जिंदगी में तेजी बच्चन के योगदान के बारे में
विस्तार
सदी के महानायक अमिताभ बच्चन आज अपना 80वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं। बॉलीवुड के शहंशाह अपने जीवन के 80 वसंत देख चुके हैं। एक भरी पूरी कामयाब जिंदगी का एक और मुकाम। क्या छोटा और क्या बड़ा पर्दा, कामयाबी मानों आई और हमेशा के लिए उनसे लिपट गई। मुश्किलें जरूर आई होंगी लेकिन अमिताभ बच्चन के सामने आंख मिला ठहर न सकी। हालांकि, हिंदी के प्रसिद्ध कवि के बड़े बेटे के लिए यह इतना आसान नहीं था। शरीर की लंबाई भले ही ऊपर वाले कि देन हो लेकिन, अभिनय जगत में जो ऊंचाई जो कद उन्होंने हासिल किया है वह अपनी मेहनत और लगन के बल पर ही किया है। इस सफर में उनके माता-पिता का सबसे ज्यादा योगदान रहा। तो चलिए अमिताभ के 80वें जन्मदिन पर 'बॉलीवुड का शहंशाह, 80 साल-80 किस्से' सीरीज के तहत जानते हैं उनके माता-पिता के बारे में-
कम ही मिलता है मां का जिक्र
अमिताभ बच्चन के पिता हरिवंश राय बच्चन मशहूर कवि थे। बिग बी को भी अक्सर सार्वजनिक मंचो पर अपने पिता की कविताएं बोलते देखा जाता है और वह अक्सर उनकी बातें भी करते हैं। हालांकि, कम ही ऐसे मौके रहे हैं, जब अमिताभ बच्चन की मां का जिक्र कहीं हुआ हो। दिग्गज अभिनेता भी अपनी मां के साथ रिश्ते के बारे में उतना नहीं बात करते, लेकिन उनकी मां का उनकी जर्नी में बहुत अहम रोल रहा है।
मां से आए अभिनय के गुण
हर मां की तरह अमिताभ बच्चन की मां का भी उनके जीवन और करियर में अहम योगदान रहा है। अमिताभ बच्चन की मां का नाम तेजी बच्चन था और अभिनेता में अभिनय के गुण उन्हीं से आए हैं। दरअसल, तेजी बच्चन भी एक उम्दा कलाकार थीं और उन्होंने स्टेज प्ले भी किए थे। वह कॉलेज में पढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में बहुत एक्टिव रहती थीं, जिसका असर अमिताभ की परवरिश पर देखा जा सकता है। फिल्म जगत में होने के बाद भी अमिताभ अपने परिवार और जीवन मूल्यों से बहुत गहराई से जुड़े हैं, इसमें तेजी बच्चन का बड़ा रोल रहा है ।
इंदिरा गांधी की अच्छी दोस्त थीं तेजी बच्चन
यह तो सभी जानते हैं कि राजीव गांधी और अमिताभ बच्चन एक समय पर बेहद अच्छे दोस्त रहे हैं लेकिन उनका पहले से ही गांधी परिवार के साथ बहुत करीबी रिश्ता था। दरअसल तेजी बच्चन इंदिरा गांधी की दोस्त थी । यहां तक कि राजीव और सोनिया कि शादी में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और यही दोस्ती अमिताभ के संघर्ष के दिनों में बेहद मददगार साबित हुई ।
अमिताभ बच्चन को खूब पड़ती थी डांट
हालांकि, तेजी बच्चन एक अच्छी मां होने के साथ ही काफी सख्त भी थीं और अमिताभ की गलतियों पर उनको खूब डांट भी लगाती थीं। आमिताभ ने केबीसी के सेट पर अपने एक किस्सा शेयर करते हुए बताया था कि वे क्रिकेट के बहुत शौकीन थे और मैच की कमेंट्री सुनने के लिए बिस्तर में जाकर खुद को चादर से छिपा लेते थे और फिर ट्रांजिस्टर पर कमेंट्री सुनते थे। और जब भी उनकी मां उन्हें पकड़ लेती थीं तो उन्हें डांट पड़ती थी और उन्हें पढ़ाई करने के लिए कहती थीं।