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जहां बर्तन धोते हैं प्रतिभागी, वहां मेकर्स करते हैं ये काम; यहां देखें बिग बाॅस के घर के अंदर के राज
Thu, 09 Oct 2025 03:23 PM IST
हिमांशु सोनी
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: हिमांशु सोनी
Updated Thu, 09 Oct 2025 03:23 PM IST
सार
Bigg Boss 19 Behind The Camera: 'बिग बॉस 19' के घर को आखिर कैसे एक ही जगह से कंट्रोल किया जाता है। कैसे हर एक प्रतियोगी पर पैनी नजर रखी जाती है। 45 मिनट के एपिसोड में क्या दिखाना है, क्या नहीं। ये सब कैसे तय किया जाता है। चलिए जानते हैं इस खबर में।
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बिग बॉस 19
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जब आप टीवी पर 'बिग बॉस 19' को देखते हैं तो आपको स्क्रीन पर सिर्फ कंटेस्टेंट्स नजर आते हैं लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पर्दे के पीछे यह शो किस तरह चलता है? कैसे हर कंटेस्टेंट की हर हरकत, हर बातचीत, हर रिएक्शन पर कैमरों की निगरानी रहती है? आइए जानते हैं, बिग बॉस 19 के सेट से जुड़ी वो बातें जिनके बारे में शायद ही आपको पता होगा।
शीशे के पीछे छिपे हैं कैमरे
बिग बॉस के घर की सबसे दिलचस्प बात यह है कि घर में लगे शीशे जिनमें प्रतिभागियों को उनकी शक्ल नजर आती हैं, उन्हीं शीशों में से मेकर्स कंटेस्टेट्स को देख सकते हैं। इसे ‘कैमरा गली’ कहते हैं। यह वो जगह है जहां से टीम 24 घंटे कंटेस्टेंट्स पर नजर रखती है। यहां के क्रू मेंबर सिर्फ ब्लैक कपड़े पहन सकते हैं ताकि वन-वे मिरर में उनका रिफ्लेक्शन न दिखे। मेकर्स काले कपड़ों में इन शीशों के पीछे से कंटेस्टेंट्स को आसानी से देख सकते हैं और उनकी हरकतों पर भी नजर रखते हैं।
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1000 लोगों की मेहनत से बनता है एक शो
सेट पर मौजूद प्रोडक्शन हेड सर्वेश से जब अमर उजाला ने बातचीत की तो उन्होंने कहा, 'यह शो बनाना किसी फिल्म से कम नहीं है। सिर्फ एक एपिसोड आप तक पहुंचाने के लिए 800 से 900 लोगों की मेहनत लगती है।' गोरेगांव फिल्म सिटी में बना यह सेट लगभग 2 एकड़ में फैला है। यहां एडिटिंग रूम, मेडिकल यूनिट, मीटिंग एरिया और कैमरा गली जैसी जगहें हैं, जहां से कंटेस्टेंट की हर मूवमेंट पर नजर रखी जाती है।
कंटेस्टेंट्स के लिए मेडिकल रूम और डॉक्टर की ड्यूटी 24 घंटे
इसके अलावा अंदर रहने वालों के लिए मेडिकल टीम हर समय तैनात रहती है। एक डॉक्टर दिन में 12 घंटे और दूसरा डॉक्टर रात में 12 घंटे की शिफ्ट में काम करता है। कोई चोट, तनाव या स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो, तुरंत मदद उपलब्ध होती है।
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शीशे के पीछे छिपे हैं कैमरे
बिग बॉस के घर की सबसे दिलचस्प बात यह है कि घर में लगे शीशे जिनमें प्रतिभागियों को उनकी शक्ल नजर आती हैं, उन्हीं शीशों में से मेकर्स कंटेस्टेट्स को देख सकते हैं। इसे ‘कैमरा गली’ कहते हैं। यह वो जगह है जहां से टीम 24 घंटे कंटेस्टेंट्स पर नजर रखती है। यहां के क्रू मेंबर सिर्फ ब्लैक कपड़े पहन सकते हैं ताकि वन-वे मिरर में उनका रिफ्लेक्शन न दिखे। मेकर्स काले कपड़ों में इन शीशों के पीछे से कंटेस्टेंट्स को आसानी से देख सकते हैं और उनकी हरकतों पर भी नजर रखते हैं।
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1000 लोगों की मेहनत से बनता है एक शो
सेट पर मौजूद प्रोडक्शन हेड सर्वेश से जब अमर उजाला ने बातचीत की तो उन्होंने कहा, 'यह शो बनाना किसी फिल्म से कम नहीं है। सिर्फ एक एपिसोड आप तक पहुंचाने के लिए 800 से 900 लोगों की मेहनत लगती है।' गोरेगांव फिल्म सिटी में बना यह सेट लगभग 2 एकड़ में फैला है। यहां एडिटिंग रूम, मेडिकल यूनिट, मीटिंग एरिया और कैमरा गली जैसी जगहें हैं, जहां से कंटेस्टेंट की हर मूवमेंट पर नजर रखी जाती है।
कंटेस्टेंट्स के लिए मेडिकल रूम और डॉक्टर की ड्यूटी 24 घंटे
इसके अलावा अंदर रहने वालों के लिए मेडिकल टीम हर समय तैनात रहती है। एक डॉक्टर दिन में 12 घंटे और दूसरा डॉक्टर रात में 12 घंटे की शिफ्ट में काम करता है। कोई चोट, तनाव या स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो, तुरंत मदद उपलब्ध होती है।
बिग बॉस 19
- फोटो : इंस्टाग्राम
सलमान खान का वीकेंड का वार का शूट
इसके अलावा जो मेकर्स से अमर उजाला की बातचीत के दौरान पता चला कि सलमान खान सप्ताह में दो दिन वीकेंड का वार एपिसोड शूट करते हैं। एक दिन पहले टेक्निकल चेक होता है। दबंग खान करीब 6 से 8 घंटे तक शूट करते हैं। वहीं 250 से ज्यादा लोग सिर्फ सलमान के शूट पर मौजूद रहते हैं।
यह खबर भी पढ़ें: डेटिंग रूमर्स के बीच फिर साथ दिखाई दिए वीर पहाड़िया और तारा सुतारिया, वीडियो हुआ वायरल
पीसीआर रूम से कंट्रोल होता है पूरा शो
इसके अलावा बिग बॉस शो का पूरा कंट्रोल एक जगह पर होता है जिसे पीसीआर रूम कहा जाता है। यहीं से घर की लाइट, गैस, एसी, डोर लॉक सब कुछ कंट्रोल होता है। क्रिएटिव डायरेक्टर पुनीत कहते हैं- 'जो लोग कहते हैं कि शो स्क्रिप्टेड है, उन्हें यह रूम देखना चाहिए। हर कैमरा लाइव है और कंटेंट पूरी तरह रियल।' पीसीआर में 70 से 100 लोगों की टीम लगातार 24 घंटे काम करती है। 105 दिनों तक यह सिस्टम बिना बंद हुए चलता है- जैसे कोई ‘कभी न सोने वाली फैक्ट्री’।
इसके अलावा जो मेकर्स से अमर उजाला की बातचीत के दौरान पता चला कि सलमान खान सप्ताह में दो दिन वीकेंड का वार एपिसोड शूट करते हैं। एक दिन पहले टेक्निकल चेक होता है। दबंग खान करीब 6 से 8 घंटे तक शूट करते हैं। वहीं 250 से ज्यादा लोग सिर्फ सलमान के शूट पर मौजूद रहते हैं।
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पीसीआर रूम से कंट्रोल होता है पूरा शो
इसके अलावा बिग बॉस शो का पूरा कंट्रोल एक जगह पर होता है जिसे पीसीआर रूम कहा जाता है। यहीं से घर की लाइट, गैस, एसी, डोर लॉक सब कुछ कंट्रोल होता है। क्रिएटिव डायरेक्टर पुनीत कहते हैं- 'जो लोग कहते हैं कि शो स्क्रिप्टेड है, उन्हें यह रूम देखना चाहिए। हर कैमरा लाइव है और कंटेंट पूरी तरह रियल।' पीसीआर में 70 से 100 लोगों की टीम लगातार 24 घंटे काम करती है। 105 दिनों तक यह सिस्टम बिना बंद हुए चलता है- जैसे कोई ‘कभी न सोने वाली फैक्ट्री’।
बिग बॉस 19 का घर
- फोटो : अमर उजाला
24 घंटे की फुटेज से 45 मिनट का एपिसोड
दूसरी मंजिल पर बने एडिटिंग बेस में 20 से अधिक एडिट रूम हैं। हर एडिटर के पास एक दिन का टाइमलाइन बोर्ड होता है- कौन सा सीन, किस समय शूट हुआ, किसने क्या कहा, सब दर्ज किया जाता है। एक दिन की लगभग 2000 घंटे की फुटेज से सिर्फ 45 मिनट की कहानी तैयार होती है। एडिट टीम बताती है- 'हमारा काम क्रिकेट मैच जैसा लाइव एडिटिंग करना होता है। गलती की गुंजाइश नहीं।'
घर की हर चीज पर बाहर से नियंत्रण
इस दौरान एक और दिलचस्प बात यह पता चली कि घर के अंदर कोई स्विच नहीं है। सारी लाइटें, गीजर, गैस, पानी, सब कुछ बाहर से ऑपरेट होता है। यह कंट्रोल रूम ही तय करता है कि घर के अंदर क्या ऑन या ऑफ होगा।
मुख्य द्वार हमेशा लॉक रहता है
इसके अलावा मुख्य द्वार हमेशा लॉक रहता है। यह सिर्फ तभी खुलता है जब कोई कंटेस्टेंट घर से बाहर जाता है या नया गेस्ट अंदर आता है। पहले के सीजन्स में कुशाल टंडन, राजा चौधरी के अचानक घर छोड़ देने के बाद, सुरक्षा और मजबूत की गई है।
दूसरी मंजिल पर बने एडिटिंग बेस में 20 से अधिक एडिट रूम हैं। हर एडिटर के पास एक दिन का टाइमलाइन बोर्ड होता है- कौन सा सीन, किस समय शूट हुआ, किसने क्या कहा, सब दर्ज किया जाता है। एक दिन की लगभग 2000 घंटे की फुटेज से सिर्फ 45 मिनट की कहानी तैयार होती है। एडिट टीम बताती है- 'हमारा काम क्रिकेट मैच जैसा लाइव एडिटिंग करना होता है। गलती की गुंजाइश नहीं।'
घर की हर चीज पर बाहर से नियंत्रण
इस दौरान एक और दिलचस्प बात यह पता चली कि घर के अंदर कोई स्विच नहीं है। सारी लाइटें, गीजर, गैस, पानी, सब कुछ बाहर से ऑपरेट होता है। यह कंट्रोल रूम ही तय करता है कि घर के अंदर क्या ऑन या ऑफ होगा।
मुख्य द्वार हमेशा लॉक रहता है
इसके अलावा मुख्य द्वार हमेशा लॉक रहता है। यह सिर्फ तभी खुलता है जब कोई कंटेस्टेंट घर से बाहर जाता है या नया गेस्ट अंदर आता है। पहले के सीजन्स में कुशाल टंडन, राजा चौधरी के अचानक घर छोड़ देने के बाद, सुरक्षा और मजबूत की गई है।