‘मुझे आर्यन खान के लिए अफसोस है’, अरशद वारसी ने शाहरुख के साथ अपने रिश्तों पर की बात; बताया कैसे रोल हैं पसंद
Arshad Warsi Exclusive: ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ में गफूर इस्माइल के किरदार में नजर आए अरशद वारसी ने शाहरुख के साथ अपने रिश्तों पर बात की। जानिए सीरीज और आर्यन को लेकर क्या कुछ बोले अरशद…
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अभिनेता अरशद वारसी इन दिनों अपनी हालिया रिलीज फिल्म 'भागवत: चैप्टर वन राक्षस' को लेकर चर्चाओं में बने हुए हैं। इस बीच अमर उजाला से खास बातचीत के दौरान अरशद ने फिल्म की कहानी, किरदार और आर्यन खान के शो ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ में काम करने के अपने अनुभव के बारे में खुलकर बात की। साथ ही उन्होंने स्क्रिप्ट को असली हीरो भी बताया।
स्क्रिप्ट है असली हीरो
स्क्रिप्ट को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए अरशद वारसी ने कहा, ‘मैं सिर्फ खराब स्क्रिप्ट को मना करता हूं, जॉनर को नहीं। चाहे एक्शन हो, कॉमेडी, ड्रामा या थ्रिलर, अगर कहानी मजबूत है, तो मैं जरूर करता हूं। कभी-कभी दोस्ती यारी के लिये हां कह देता हूं, लेकिन आमतौर पर स्क्रिप्ट मेरे लिये सबकुछ होती है। कमजोर कहानी पर कोई भी फिल्म टिक नहीं सकती।'
एक्टर को किरदार में पूरी तरह डूबना करता है मदद
'भागवत: चैप्टर वन राक्षस' पर बात करते हुए अरशद ने कहा कि इस फिल्म की कहानी असली घटनाओं से प्रेरित है। मेरा किरदार बहुत जटिल और दिलचस्प है। मुझे ऐसे रोल करना पसंद है जिनमें सोचने के लिये कुछ हो। बतौर एक्टर जब आप किसी रोल में डूब जाते हैं, तो वही आपको बढ़ने में मदद करता है। नहीं तो केवल फिल्म में एक स्टैंड अप कॉमेडियन बनकर रह जाते हो। वैसे बतौर दर्शक मुझे मसाला एंटरटेनिंग फिल्में भी पसंद हैं। कोई भी हल्की फुल्की, सेंसलेस फिल्म ऑन करो और अगर हंसी आ जाये तो दिन बन जाता है। मुझे फ्रेंड्स सीरीज बहुत पसंद है, जब मन करे देख लेता हूं। ऐसी चीजें दिमाग को हल्का कर देती हैं।'
बिना कहानी सुने ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ को हां बोला
शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान के साथ 'द बैड्स ऑफ बॉलीवुड' में काम करने के अनुभव पर अभिनेता ने कहा, 'मैं शाहरुख खान और उनके परिवार से बहुत प्यार करता हूं। वो लोग बेहद अच्छे इंसान हैं। कुछ दिन पहले मैंने शाहरुख से कहा था - आपने मुझे बिगाड़ दिया है। आर्यन के साथ काम करने के बाद ये बात और पक्की हो गयी। उनके घर का माहौल बहुत अपनापन भरा है। सुहाना और आर्यन दोनों बेहद सादे और जमीन से जुड़े बच्चे हैं। मैंने वो सीरीज सिर्फ शाहरुख और उनके बेटे के लिये की थी। सच कहूं तो मुझे आर्यन के लिये बहुत अफसोस है, जो कुछ उसके साथ हुआ। मुझे उसके लिये सच में बहुत सहानुभूति है। वो बहुत अच्छा लड़का है और मैं बस उसके साथ खड़ा रहना चाहता था। आर्यन ने जब मुझसे कैमियो के लिये कहा, तो मैंने बिना कहानी सुने हां कर दी। दो दिन का शूट था, लेकिन बहुत मजा आया।'
यह खबर भी पढ़ेंः 'इंडस्ट्री को पता है कि मैं कहीं नहीं जाने वाला', अरशद वारसी ने अपने करियर पर की बात, बोले- अब फर्क नहीं पड़ता
तिग्मांशु धूलिया की 'घमासान' में निभाएंगे डाकू का किरदार
अपने दूसरे प्रोजेक्ट ‘घमासान’ के बारे में बात करते हुए अरशद ने बताया कि तिग्मांशु धूलिया की घमासान में मैंने एक एलीट डकैत का रोल किया है। रोल छोटा है, लेकिन असरदार है। लंबे वक्त बाद ऐसा किरदार किया जिसमें मजा आया। ऐसे रोल करने से याद आता है कि आप सच में एक्टर हैं, वरना कभी कभी लगता है कि बस 26 साल से जोक ही मार रहा हूं।'
जया बच्चन ने बताया था अल पचीनो
अरशद मुस्कुराते हुए बताते हैं, 'कई साल पहले जया बच्चन ने मुझसे कहा था कि मुझे अल पचीनो जैसा रोल करना चाहिये। उन्होंने कहा था, ‘तुम हमारे इंडस्ट्री के अल पचीनो हो। वो सुनकर बहुत अच्छा लगा। अगर कभी वैसा रोल मिला तो मैं जरूर सोचूंगा।'
कभी-कभी अच्छा काम करने की भी मिलती है सजा
अपनी इमेज पर अरशद ईमानदारी से कहते हैं, 'देखिये, पहली फिल्म में अगर आप खराब काम करते हो, तो लोग आपको अच्छे रोल देंगे। लेकिन अगर पहली ही बार बहुत अच्छा काम कर लिया, तो जिन्दगी भर वही काम मिलता रहेगा। यही इस इंडस्ट्री की हकीकत है। कभी कभी अच्छा काम करने की भी सजा मिलती है।'