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Anandji Virji: कुमार सानू से लेकर उदित नारायण तक इन गायकों को संगीत से किया मशहूर, यादगार हैं सारे गाने
Sun, 02 Mar 2025 09:42 AM IST
सिराजुद्दीन
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: सिराजुद्दीन
Updated Sun, 02 Mar 2025 09:42 AM IST
सार
Anandji Virji Birthday Special: आनंदजी वीरजी को संगीत विरासत में मिला। उन्होंने अपने संगीत से कई फिल्मों और गानों को हिट कराया साथ ही कई गायकों को मशहूर कर दिया। आज उनके जन्मदिन पर पढ़ें उनके मशहूर किस्से।
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आनंदजी वीरजी शाह
- फोटो : फोटो- अमर उजाला
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विस्तार
बॉलीवुड के बेहतरीन संगीतकार आनंदजी वीरजी शाह आज अपना 92वां जन्मदिन मना रहे हैं। उन्होंने अपने करियर में 'पल पल दिल के पास', 'नीले नीले अंबर पर', 'बेखुदी में सनम' और 'क्या खूब लगती हो' जैसे बेहतरीन गाने दिए हैं। बॉलीवुड इंड्स्ट्री में आनंदजी एक कामयाब संगीतकार रहे हैं। इनके गाने आज भी लोगों को खूब भाते हैं। इन्होंने अपने भाई कल्याणजी के साथ मिलकर दो सौ से ज्यादा फिल्मों के गानों को संगीत दिया है।
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उधारी चुकाने के बदले सीख लिया संगीत
आनंदजी का संगीत से पुश्तैनी ताल्लुक था। उनके दादा और परदादा गुजरात के मशहूर लोक संगीतकार थे। एक खबर के मुताबिक एक संगीत शिक्षक वीरजी के पैसे नहीं चुका पा रहा था। इसके बदले उसने दोनों भाईयों आनंदजी-कल्याणजी को फ्री में संगीत की शिक्षा दी। बड़े होकर दोनों भाइयों ने 'कल्याणजी वीरजी एंड पार्टी' के नाम से ऑर्केस्ट्रा ग्रुप बनाया। ये ग्रुप देश के कई हिस्सों में संगीत शो का आयोजन करता था।
यह खबर भी पढ़ें: Kiss Controversy: उदित नारायण के किस विवाद पर मीका सिंह दी प्रतिक्रिया, बोले- इन्हें भी वही करना है
आनंदजी का संगीत से पुश्तैनी ताल्लुक था। उनके दादा और परदादा गुजरात के मशहूर लोक संगीतकार थे। एक खबर के मुताबिक एक संगीत शिक्षक वीरजी के पैसे नहीं चुका पा रहा था। इसके बदले उसने दोनों भाईयों आनंदजी-कल्याणजी को फ्री में संगीत की शिक्षा दी। बड़े होकर दोनों भाइयों ने 'कल्याणजी वीरजी एंड पार्टी' के नाम से ऑर्केस्ट्रा ग्रुप बनाया। ये ग्रुप देश के कई हिस्सों में संगीत शो का आयोजन करता था।
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अल्का याग्निक और उदित नारायण जैसे गायकों को किया मशहूर
आनंदजी वीरजी ने अपने भाई कल्याणजी के साथ मिलकर 250 फिल्मों के गानों को संगीत दिया। इन फिल्मों में से 17 फिल्में गोल्डन जुबली थीं और 39 फिल्में सिल्वर जुबली थीं। इन दोनों की जोड़ी के बारे में कहा जाता है कि इन्होंने कई लोगों को मशहूर बनाया है। इनकी बदौलत ही गायक अल्का याग्निक, कुमार सानू, उदित नारायण और सुनिधि चौहान बड़े गायक बन सके।
यह खबर भी पढ़ें: Shreya Ghoshal: मुश्किल में श्रेया घोषाल, एक्स अकाउंट को लेकर फैंस को दी ये चेतावनी
आनंदजी वीरजी ने अपने भाई कल्याणजी के साथ मिलकर 250 फिल्मों के गानों को संगीत दिया। इन फिल्मों में से 17 फिल्में गोल्डन जुबली थीं और 39 फिल्में सिल्वर जुबली थीं। इन दोनों की जोड़ी के बारे में कहा जाता है कि इन्होंने कई लोगों को मशहूर बनाया है। इनकी बदौलत ही गायक अल्का याग्निक, कुमार सानू, उदित नारायण और सुनिधि चौहान बड़े गायक बन सके।
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आनंदजी के गाने
- फोटो : फोटो- अमर उजाला
भाई के साथ मिलकर हासिल की कामयाबी
आनंदजी वीरजी शाह की पैदाइश 2 मार्च 1933 को हुई थी। उनके पिता वीरजी शाह कमाने के लिए मुंबई गए और वहां उन्होंने किराना का कारोबार किया। यह हैरत की बात है कि आनंदजी अपने भाई कल्याणजी के साथ कल्याणजी-आनंदजी की जोड़ी बनाई थी। दोनों ने मिलकर बेहतरीन गानों को संगीत दिया और दुनिया को इन पर झूमने के लिए मजबूर किया।
आनंदजी वीरजी शाह की पैदाइश 2 मार्च 1933 को हुई थी। उनके पिता वीरजी शाह कमाने के लिए मुंबई गए और वहां उन्होंने किराना का कारोबार किया। यह हैरत की बात है कि आनंदजी अपने भाई कल्याणजी के साथ कल्याणजी-आनंदजी की जोड़ी बनाई थी। दोनों ने मिलकर बेहतरीन गानों को संगीत दिया और दुनिया को इन पर झूमने के लिए मजबूर किया।
हासिल की बड़ी उपलब्धि और अवॉर्ड
'सट्टा बाजार' और 'मदारी' ये पहली फिल्में थीं, जिनसे आनंदजी वीरजी ने अपने करियर की शुरूआत की थी। साल 1960 में बलराज साहनी और मीना कुमारी की फिल्म 'सट्टा बाजार' को संगीत दिया। इससे उन्हें पहचान मिली। आनंदजी और उनके भाई कल्याणजी ने तकरीबन 250 से ज्यादा फिल्मों को संगीत दिया। पूरे करियर में दोनों को कई अवॉर्ड्स मिले। साल 1975 में रिलीज हुई फिल्म 'कोरा कागज' के लिए दोनों भाइयों की जोड़ी को फिल्मफेयर अवॉर्ड दिया गया।
'सट्टा बाजार' और 'मदारी' ये पहली फिल्में थीं, जिनसे आनंदजी वीरजी ने अपने करियर की शुरूआत की थी। साल 1960 में बलराज साहनी और मीना कुमारी की फिल्म 'सट्टा बाजार' को संगीत दिया। इससे उन्हें पहचान मिली। आनंदजी और उनके भाई कल्याणजी ने तकरीबन 250 से ज्यादा फिल्मों को संगीत दिया। पूरे करियर में दोनों को कई अवॉर्ड्स मिले। साल 1975 में रिलीज हुई फिल्म 'कोरा कागज' के लिए दोनों भाइयों की जोड़ी को फिल्मफेयर अवॉर्ड दिया गया।
इन फिल्मों को दिया संगीत
आनंदजी-कल्याणजी की जोड़ी ने जिन फिल्मों को संगीत दिया उनमें 'दुल्हा-दुल्हन', 'जब-जब फूल खिले', 'मदारी', 'छलिया', 'हिमालय की गोद में', 'हसीना मान जाएगी', 'उपकार', 'सफ़र', 'कोरा कागज़', 'डॉन', 'पूरब और पश्चिम', 'जॉनी मेरा नाम', 'महल', 'मुकद्दर का सिकंदर' और 'कुर्बानी' शामिल हैं।
आनंदजी-कल्याणजी की जोड़ी ने जिन फिल्मों को संगीत दिया उनमें 'दुल्हा-दुल्हन', 'जब-जब फूल खिले', 'मदारी', 'छलिया', 'हिमालय की गोद में', 'हसीना मान जाएगी', 'उपकार', 'सफ़र', 'कोरा कागज़', 'डॉन', 'पूरब और पश्चिम', 'जॉनी मेरा नाम', 'महल', 'मुकद्दर का सिकंदर' और 'कुर्बानी' शामिल हैं।