सोनी राजदान: महेश भट्ट से शादी करते ही क्यों सोनी राजदान के हाथ से छिन गईं फिल्में? अभिनेत्री का छलका दर्द
Soni Razdan: आलिया भट्ट के पिता महेश भट्ट एक नामी निर्देशक हैं। वहीं, उनकी मां सोनी राजदान भी चर्चित अदाकारा हैं। हालांकि, शादी के बाद अचानक उन्हें फिल्में मिलनी बंद हो गई थीं। हाल ही में वे इस बारे में बात करती दिखीं।
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सोनी राजदान का कहना है कि महेश भट्ट से शादी के बाद उन्हें अचानक फिल्मों के ऑफर मिलने लगभग बंद हो गए थे। उन्होंने 'सारांश' फिल्म और 'बुनियाद' सीरियल में काम करके अच्छी पहचान बना ली थी। मगर, शादी के बाद सबकुछ बदल गया। एक हालिया बातचीत में सोनी राजदान ने शादी के बाद आए बदलावों पर बात की।
कब हुई थी सोनी राजदान और महेश भट्ट की शादी?
सोनी राजदान ने जूम के साथ एक बातचीत में कहा, 'जब मेरी शादी हुई, तब मैं पहले से ही काम कर रही थी। इसलिए, वह काम तो चलता रहा, लेकिन उसके बाद कुछ नहीं हुआ। बस जीरो। ऐसा लगा जैसे सब कुछ खत्म हो गया हो'। बता दें कि सोनी राजदान और महेश की शादी साल 1986 में हुई थी। तब तक सोनी को लगता था कि उन्होंने एक कलाकार के तौर पर अपनी काबिलियत साबित करने के लिए काफी काम कर लिया है।
महेश भट्ट को क्या कहते थे लोग?
सोनी ने जब अपने पति महेश भट्ट से पूछा कि अचानक काम मिलना क्यों बंद हो गया? तो उन्हें सीधा-सा जवाब मिला। महेश भट्ट ने उनसे कहा कि इंडस्ट्री के लोगों ने उनसे साफ-साफ पूछा था, 'क्या तुम्हारी पत्नी को काम करने की जरूरत है? वह शादीशुदा है, है ना?' सोनी ऐसी सोच से वाकिफ नहीं थीं, जिसमें महिलाओं से शादी के बाद काम छोड़ने की उम्मीद की जाती थी। उन्होंने कहा, 'यह मेरे लिए बिल्कुल अजीब बात थी। मैं ऐसी सोच या मानसिकता से नहीं आई थी। उन दिनों, बहुत से लोग ऐसा ही सोचते थे'।
क्यों बंद हुईं फिल्में मिलना?
सोनी राजदान ने अपने अनुभव को एक बड़े पैटर्न से जोड़ा। एक ऐसा रवैया, जो दशकों से हिंदी सिनेमा में महिला कलाकारों की पर्सनल लाइफ को संभालने के तरीके को तय करता था। उन्होंने कहा कि कई अभिनेत्रियों के करियर के पीक पर शादी में देरी करने या उससे पूरी तरह बचने की वजह यही थी। इंडस्ट्री महिलाओं की शादी को करियर खत्म करने वाला मोड़ मानती थी।
सोनी राजदान बोलीं- 'मुझे शादी करनी ही थी'
उन्होंने कहा, 'इसीलिए एक्टर्स ने जल्दबाजी नहीं की और पहले शादी नहीं की'। उन्होंने आगे कहा, 'लेकिन मैं प्यार में थी। मुझे शादी करनी ही थी'। उन्होंने कहा कि वे ऐसे करियर के लिए अपनी पर्सनल लाइफ की कुर्बानी नहीं देना चाहती थीं, जिसकी कोई गारंटी न हो। उनका फैसला साफ था कि वह अपनी जिंदगी जिएंगी और साथ ही अपने करियर को भी आगे बढ़ाएंगी। आखिरकार उन्होंने दोनों के बीच तालमेल बिठाया, लेकिन उन्होंने माना कि इस सफर में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। वर्षों तक उस इंडस्ट्री ने उन्हें नजरअंदाज किया, जिसने यह तय कर लिया था कि शादीशुदा महिलाओं के लिए स्क्रीन पर कोई जगह नहीं है। वर्क फ्रंट की बात करें तो सोनी को नेटफ्लिक्स की नई रिलीज 'शक: ट्रस्ट नो वन' में देखा जा सकता है।