पश्चिम बंगाल बोर्ड : 10वीं 12वीं की परीक्षाओं पर फैसले के लिए पैनल गठित, जल्द आएगी रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर की परीक्षाएं आयोजित करने अथवा रद्द करने पर निर्णय करने के लिए एक उच्च स्तरीय पैनल गठित किया है। पैनल में छह विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं।
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कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण के मामलों के कारण सीबीएसई और आईएससी के बाद ज्यादातर राज्यों ने अपने यहां बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन रद्द कर दिया है। हालांकि, पश्चिम बंगाल में अभी 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं पर फैसला नहीं हो पाया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर की परीक्षाएं आयोजित करने अथवा रद्द करने पर निर्णय करने के लिए एक उच्च स्तरीय पैनल गठित किया है। पैनल में छह विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं।
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अब पैनल की ओर से परीक्षाओं के मसले पर सभी हितधारकों से विचार - विमर्श के बाद अपने सुझाव और निष्कर्ष वाली रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी। उस रिपोर्ट में सुझाए जाने वाले फॉमूर्ले के आधार पर पश्चिम बंगाल सरकार अंतिम निर्णय लेगी। इन सबके बीच पश्चिम बंगाल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (WBBSE) और वेस्ट बंगाल काउंसिल ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन (WBCHSE) के शीर्ष अधिकारियों ने बुधवार को निर्धारित संयुक्त प्रेस वार्ता को भी रद्द कर दिया था।
संयुक्त प्रेस वार्ता में उन्हें माध्यमिक (कक्षा 10वीं) और हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) की इस साल की परीक्षा के टाइम टेबल पर अपने फैसले की घोषणा करनी थी। क्योंकि, इससे पहले मुख्यमंत्री की ओर से परीक्षाओं का आयोजन किए जाने की बात कही गई थी। हालांकि, परीक्षाओं के मसले पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा गठित बुधवार को विशेषज्ञ समिति को 72 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है। राज्य सरकार विशेषज्ञ समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट का मूल्यांकन करेगी और फिर उसके आधार पर अंतिम निर्णय किया जाएगा।
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हालांकि, परीक्षाओं पर निर्णय में ज्यादा समय नहीं लगेगा, क्योंकि बोर्ड छात्रों के तनाव को कम करना चाहता है। बता दें कि इससे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि पश्चिम बंगाल में क्रमशः अगस्त के दूसरे सप्ताह और जुलाई के अंतिम सप्ताह में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षा आयोजित की जाएंगी है। साथ ही केवल अनिवार्य और महत्वपूर्ण विषयों की परीक्षा ली जाएगी। स्कूलों को अतिरिक्त विषयों के लिए आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अंक देने के लिए निर्देशित किया गया था।
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