प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार शाम को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में सीबीएसई बोर्ड की 12वीं की परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय किया गया था। इसी फैसले की तर्ज पर काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) यानी सीआईएससीई ने ISC (Indian School Certificate) की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय किया गया।
Board Exam 2021: अब तक इन राज्यों में रद्द हो चुकी हैं 12वीं की परीक्षाएं, इनमें फैसला बाकी
सीबीएसई और आईएससी बोर्ड के बाद कई राज्यों हरियाणा, गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र द्वारा सूबे में बोर्ड परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है।
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हरियाणा सरकार का फैसला: 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं की रद्द
सीबीएसई की तर्ज पर हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड की 12वीं की परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई हैं। हालांकि, कोविड की स्थिति सामान्य होने पर विद्यार्थियों के पास परीक्षा देने का विकल्प मौजूद रहेगा। सीबीएसई बोर्ड की 12वीं की परीक्षा रद्द होने के बाद हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने मंगलवार देर शाम यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि भविष्य में हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से यह विकल्प रहेगा कि अगर कोई छात्र परीक्षा देना चाहता है तो दे सकता है। गौरतलब है कि 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं को पहले ही रद्द किया जा चुका है। 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को 31 मई तक टाला गया था। अब हरियाणा में भी 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं नहीं होंगी। बता दें कि सीबीएसई के फैसले के बाद सबसे पहले हरियाणा सरकार ने ही राज्य में परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी।
गुजरात में भी 12वीं की परीक्षा रद्द की गई
गुजरात सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी एजुकेशन बोर्ड ने बुधवार को कक्षा बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है। सूबे के शिक्षा मंत्री भूपेन्द्र सिंह चूड़ास्मा ने देश में कोरोना महामारी के दौरान बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए यह फैसला लिया है। हालांकि, कक्षा बारहवीं के विद्यार्थियों का अंतिम परिणाम किस आधार पर तैयार किया जाएगा, बोर्ड इसके संबंध में कोई घोषणा नहीं की है।
माना जा रहा है कि बोर्ड जल्द ही आंतरिक मूल्यांकन फॉर्मूले के संबंध में कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी कर सकता है। बता दें कि गुजरात बोर्ड एक जुलाई से कक्षा दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं को आयोजित करने की घोषणा कर चुका था। बता दें कि कुछ सप्ताह पूर्व ही राज्य के शिक्षा मंत्री ने जुलाई में परीक्षाएं आयोजित करने की बात कही थी। लेकिन अब केंद्र सरकार के द्वारा सीबीएसई परीक्षाओं पर लिए गए फैसले के बाद यहां भी परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय किया गया है।
मध्यप्रदेश : एमपी बोर्ड कक्षा 12वीं की परीक्षाएं रद्द
मध्यप्रदेश बोर्ड कक्षा 12 की परीक्षा रद्द कर दी गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसके निर्देश दिए हैं। बता दें कि कोरोना संक्रमण की बढ़ते दर और विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को मद्देनजर रखते हुए मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीबीएसई कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया था। इसके बाद से ही मध्यप्रदेश सरकार द्वारा बारहवीं बोर्ड परीक्षा को रद्द करने के फैसले के कयास लगाए जा रहे थे।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने 12वीं बोर्ड परीक्षा से संबंध में अंतिम फैसला लेने के लिए बुधवार को बैठक बुलाई थी। बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सहमति और निर्देशानुसार, परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में 12वीं बोर्ड की परीक्षा इस वर्ष आयोजित नहीं की जाएगी। बच्चों की जिंदगी हमारे लिये अनमोल है, करिअर की चिंता हम बाद में कर लेंगे। ऐसे समय जब पूरा देश और प्रदेश कोरोना का संकट झेल रहा है तब बच्चों पर परीक्षाओं का मानसिक बोझ डालना उचित नहीं है।
उत्तराखंड बोर्ड की 12वीं की परीक्षाएं भी रद्द
उत्तराखंड बोर्ड की 12वीं की परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई हैं। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने बुधवार को इसकी घोषणा करते हुए आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंनें कहा कि छात्रों व शिक्षकों के हितों को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सभी छात्र-छात्राओं को प्रमोट किया जाएगा। साथ ही जो बच्चे समझते हैं कि उन्हें कम अंक देकर प्रमोट किया गया है उन्हें परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाएगा।
उत्तराखंड बोर्ड की 12वीं में एक लाख 23 हजार से अधिक छात्र पंजीकृत हैं, जबकि 10 वीं की परीक्षा में एक लाख 48 हजार से अधिक छात्र पंजीकृत हैं। शिक्षा विभाग की ओर से बोर्ड के छात्रों की परीक्षा के लिए 1347 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। सरकार की ओर से पहले हाईस्कूल की परीक्षा को रद्द किया गया। जबकि अब 12वीं की परीक्षा को भी रद्द कर दिया गया है।
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