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CU: शिकागो विश्वविद्यालय में गूंजा भारत का नाम, कृष्णमूर्ति वी. सुब्रमण्यम को मिला शीर्ष पूर्व छात्र सम्मान
Fri, 01 May 2026 12:18 PM IST
Shahin Praveen
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shahin Praveen
Updated Fri, 01 May 2026 12:18 PM IST
सार
Krishnamurthy V Subramanian: शिकागो विश्वविद्यालय ने भारत के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति वी. सुब्रमण्यम को उनके उत्कृष्ट योगदान और वैश्विक स्तर पर प्रभाव के लिए शीर्ष पूर्व छात्र पुरस्कार से सम्मानित किया है, जिससे देश का गौरव बढ़ा है।
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शिकागो विश्वविद्यालय
- फोटो : csu.edu/admissions/
विस्तार
Former Chief Economic Advisor: शिकागो विश्वविद्यालय ने शुक्रवार को बताया कि भारत के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति वी. सुब्रमण्यम को उसके प्रतिष्ठित पूर्व छात्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
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विश्वविद्यालय के अनुसार, 1941 में इस पुरस्कार की शुरुआत के बाद से यह सम्मान पाने वाले वे पहले भारतीय अर्थशास्त्री हैं। इस उपलब्धि के साथ वे नोबेल पुरस्कार विजेताओं और पॉल सैमुएलसन, गैरी बेकर, क्लाउडिया गोल्डिन, कार्ल सागन और फिलिप कोटलर जैसे प्रसिद्ध विद्वानों की सूची में शामिल हो गए हैं।
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इस अवसर पर बोलते हुए सुब्रमण्यम ने कहा, "इस अकादमिक परंपरा में शामिल होना मेरे लिए अत्यंत गर्व की बात है। इसे और भी अधिक महत्वपूर्ण बनाने वाली बात यह है कि यह सम्मान भारत से और भारत के लिए किए गए कार्यों के लिए है। सी वी रमन, होमी जे भाभा, विक्रम साराभाई और एम एस स्वामीनाथन जैसे अग्रदूतों के मार्ग का अनुसरण करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।"
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कोविड-19 के दौरान आर्थिक नीतियों में अहम योगदान
विश्वविद्यालय ने कहा कि सुब्रमण्यम कोविड-19 के समय एक महत्वपूर्ण आर्थिक आवाज थे। उनके द्वारा तैयार किए गए आर्थिक सर्वेक्षण बहुत अहम माने गए, जिनमें भारत की नीतियों को बेहतर बनाने, प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और सभी के विकास पर ध्यान दिया गया।महामारी के दौरान उन्होंने सबसे पहले ‘वी-आकार की आर्थिक सुधार’ की बात कही थी, यानी अर्थव्यवस्था जल्दी गिरकर फिर तेजी से संभल सकती है। इस सोच ने मुश्किल समय में भारत की मजबूती पर भरोसा बढ़ाया।
यह पुरस्कार खास तौर पर भारत में किए गए उनके काम को मान्यता देता है। इससे पहले यह सम्मान ज्यादातर पश्चिमी देशों से जुड़े लोगों को मिलता था, इसलिए यह एक बड़ा बदलाव भी माना जा रहा है।
आर्थिक नीतियों में बड़ी भूमिका
बयान में कहा गया कि मुख्य आर्थिक सलाहकार (2018–2021) के रूप में सुब्रमण्यम ने तीन आर्थिक सर्वेक्षण तैयार किए और कठिन समय में देश की आर्थिक नीतियां तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।पिछले साल मई में सरकार ने एक अप्रत्याशित फैसले में उन्हें अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के कार्यकारी निदेशक पद से उनके कार्यकाल खत्म होने से छह महीने पहले ही हटा दिया।
हालांकि, उनके पद छोड़ने की वजह आधिकारिक तौर पर नहीं बताई गई। इसके बाद पिछले साल अगस्त में भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल को IMF में कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया।
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