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UGC: हर साल देश की 10 बेस्ट पीएचडी थीसिस को मिलेगा पुरस्कार, यूजीसी ने लिया फैसला

Tue, 08 Oct 2024 06:41 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Tue, 08 Oct 2024 06:41 PM IST
सार

Ph.D. Excellence Citation: यूजीसी ने हर वर्ष देश की 10 बेस्ट पीएचडी थीसिस को पुरस्कृत करने का निर्णय लिया है। इसके लिए "पीएचडी उत्कृष्टता प्रशस्ति पत्र" की स्थापना की गई है। इन थीसिस का चुनाव एक दो-स्तरीय कठोर चयन समिति द्वारा किया जाएगा।
 

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UGC set to launch "Ph.D. Excellence Citation" to honor top Doctoral research
UGC - फोटो : x/@ugc_india

विस्तार

UGC: नवाचार को बढ़ावा देने के लिए यूजीसी ने अच्छा शोध कार्य करने वाले पीएचडी शोधार्थियों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने विभिन्न विषयों में प्रतिवर्ष असाधारण शोध को मान्यता देने और पुरस्कृत करने के लिए "पीएचडी उत्कृष्टता प्रशस्ति पत्र" की स्थापना की है। इसके तहत, हर वर्ष शीर्ष 10 पीएचडी थीसिस को पुरस्कृत किया जाएगा। इस पहल की शुरूआत नई शिक्षा नीति, 2020 को ध्यान में रखकर की गई है।

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यूजीसी ने इसके लिए एक कठोर दो-स्तरीय चयन प्रक्रिया का प्रस्ताव दिया है, जिसमें विश्वविद्यालय स्तर पर एक स्क्रीनिंग समिति और यूजीसी स्तर पर एक अंतिम चयन समिति शामिल है। मूल्यांकन में मौलिकता, ज्ञान में योगदान, शोध पद्धति, स्पष्टता, प्रभाव और थीसिस की समग्र प्रस्तुति पर विचार किया जाएगा।

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पीएचडी प्रवेश में हुआ 10% का इजाफा

यूजीसी के एक अध्ययन से यह पता चलता है कि शोध डिग्री (पीएचडी) करने वाले उम्मीदवारों की संख्या में वृद्धि हुई है। शोध के अनुसार, पीएचडी प्रवेश 2010-11 में 77,798 से दोगुना होकर 2017-18 में 161,412 हो गए, जो 10% वार्षिक वृद्धि दर को दर्शाता है। अध्ययन में विभिन्न विषयों में प्रदान की गई पीएचडी का विस्तृत विवरण भी दिया गया है:-

  • विज्ञान: 30%
  • इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी: 26%
  • सामाजिक विज्ञान: 12%
  • भारतीय भाषाएं: 6%
  • प्रबंधन: 6%
  • कृषि विज्ञान: 4%
  • चिकित्सा विज्ञान: 5%
  • शिक्षा: 5%
  • वाणिज्य: 3%
  • विदेशी भाषाएं: 3%


इस प्रकार, यूजीसी ने भारतीय विश्वविद्यालयों में उच्च क्षमता वाले शोध को प्रोत्साहित करने के प्रयास में प्रत्येक वर्ष विभिन्न धाराओं के विजेताओं को मान्यता देने और सम्मानित करने के लिए "पीएचडी उत्कृष्टता प्रशस्ति पत्र" की स्थापना की।

सिर्फ ये विश्वविद्यालय ले सकते हैं हिस्सा

भारतीय विश्वविद्यालयों में अपनी थीसिस का बचाव करने वाले शोध विद्वान - जिनमें राज्य, केंद्रीय, निजी और डीम्ड विश्वविद्यालय शामिल हैं - आवेदन करने के पात्र हैं। हालांकि, केवल राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा मान्यता प्राप्त और UGC अधिनियम की धारा 2(f) के तहत मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय ही भाग ले सकते हैं। विश्वविद्यालयों को हर साल पांच विषयों में से एक से पांच थीसिस नामांकित करने की अनुमति है।

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