UCEED-CEED 2024: आईआईटी बॉम्बे ने डिजाइन प्रवेश परीक्षा के पाठ्यक्रम में किया संशोधन, जानें क्या-क्या बदला?
UCEED-CEED 2024: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, बॉम्बे (IIT बॉम्बे) ने अंडर ग्रेजुएट कॉमन एंट्रेंस एग्जाम फॉर डिजाइन (UCEED) और कॉमन एंट्रेंस एग्जाम फॉर डिजाइन (CEED) 2024 परीक्षाओं के सिलेबस को संशोधित किया है।
विस्तार
UCEED-CEED 2024 Syllabus Revised by IIT Bombay: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, बॉम्बे (IIT बॉम्बे) ने अंडर ग्रेजुएट कॉमन एंट्रेंस एग्जाम फॉर डिजाइन (UCEED) और कॉमन एंट्रेंस एग्जाम फॉर डिजाइन (CEED) 2024 परीक्षाओं के सिलेबस को संशोधित किया है। UCEED और CEED 2024 संशोधित पाठ्यक्रम आधिकारिक वेबसाइट - uceed.iitb.ac.in और ceed.iitb.ac.in पर उपलब्ध कराए गए हैं।
IIT बॉम्बे की ओर से आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया है कि UCEED और CEED 2023 के प्रश्न पत्रों को खुले, रचनात्मक और जिज्ञासु स्वभाव, गंभीर रूप से सोचने की क्षमता, समझने और संवाद करने की क्षमता और वैश्विक दृष्टिकोण के एक्सपोजर का आकलन करते हुए उम्मीदवारों का परीक्षण करने के लिए डिजाइन किया जाएगा। इसके तहत प्रश्न पत्र के दो भाग होंगे।
CEED पाठ्यक्रम में एबिलिटी और क्रिएटिविटी पर जोर
CEED प्रश्न पत्र में विजुअलाइजेशन और स्थानिक तर्क, प्रायोगिक और वैज्ञानिक ज्ञान का उपयोग, अवलोकन और डिजाइन संवेदनशीलता, दिन-प्रतिदिन के जीवन में छिपे गुणों का पता लगाने की क्षमता और उनके बारे में गंभीर रूप से सोचने, पर्यावरण और समाज, विश्लेषणात्मक और विषयों से प्रश्न पूछे जाएंगे। CEED के पेपर के पार्ट 2 में ड्राइंग एबिलिटी, क्रिएटिविटी, कम्युनिकेशन, प्रॉब्लम आइडेंटिफिकेशनमें तार्किक तर्क, भाषा, रचनात्मकता, कला और डिजाइन ज्ञान और कला, कलाकृति, उत्पाद, कलाकार, डिजाइनर, कला और डिजाइन इतिहास और प्रवृत्तियों और डिजाइन विधियों और प्रथाओं के बारे में जागरूकता के बारे में पूछा जाएगा।
UCEED पाठ्यक्रम में डिजाइन सेंसेटिविटी पर फोकस
वहीं, UCEED पाठ्यक्रम के अनुसार, भाग ए में विजुअलाइजेशन और स्थानिक तर्क, प्रायोगक और वैज्ञानिक ज्ञान, अवलोकन और डिजाइन सेंसेटिविटी, पर्यावरण और समाज, विश्लेषणात्मक और तार्किक तर्क, भाषा और रचनात्मकता सहित विषयों से प्रश्न होंगे। जबकि UCEED पार्ट बी में ड्राइंग एंड डिजाइन एप्टीट्यूड से संबंधित प्रश्न होंगे। UCEED, CEED 2024 संशोधित पाठ्यक्रम जारी करते हुए, IIT बॉम्बे ने कहा कि ऊपर दिए गए विषय संपूर्ण हैं और प्रश्नों की प्रकृति का संकेत देते हैं।
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