NEET 2021 Controversy: राहुल गांधी के ट्वीट पर धर्मेंद्र प्रधान के ताबड़तोड़ जवाब, युवराज कहकर दिया सुप्रीम कोर्ट का हवाला
राहुल गांधी और धर्मेंद्र प्रधान में तकरार हो गई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार अंधा बताया तो केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान यह सहन नहीं कर पाए। उन्होंने राहुल गांधी को युवराज कहकर चिढ़ाया और सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए अपनी बात और सरकार का पक्ष भी स्पष्ट कर दिया।
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नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट, NEET 2021 की परीक्षाएं 11 सितंबर को स्नातकोत्तर और 12 सितंबर को स्नातक दोनों छात्रों के लिए आयोजित होने वाली हैं। नीट 2021 के इम्तिहान को स्थगित करने की मांग सोशल मीडिया पर जोर पकड़ रही है, ऐसे में कई लोगों ने या तो इसका समर्थन किया है या इसकी निंदा की है। इन लोगों में राहुल गांधी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जैसी कुछ प्रमुख हस्तियां भी शामिल हैं। यहां तक तो सब ठीक था, लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ कि राहुल गांधी और धर्मेंद्र प्रधान में तकरार हो गई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार अंधा बताया तो केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान यह सहन नहीं कर पाए। उन्होंने राहुल गांधी को युवराज कहकर चिढ़ाया और सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए अपनी बात और सरकार का पक्ष भी स्पष्ट कर दिया।
दरअसल, सोशल मीडिया पर NEET 2021 स्थगित करने का ट्रेंड जारी है। जबकि पूरे मामले का कोई निष्कर्ष नहीं निकला है, परीक्षा स्थगित करने की मांग को सुप्रीम कोर्ट भी खारिज कर चुका है। इस मुद्दे को लेकर राहुल गांधी ने हाल ही में ट्विटर पर छात्रों की परेशानी को एक वैध कारण बताते हुए NEET 2021 को स्थगित करने का आह्वान किया था। राहुल ने लिखा, भारत सरकार छात्रों के संकट के प्रति अंधी बनी हुई है। #NEET परीक्षा स्थगित करें। उन्हें उचित मौका दिया जाए। बस फिर क्या था, सोशल मीडिया पर आंदोलनरत छात्रों को देश के सबसे बड़े विपक्षी दल कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष का साथ मिल गया था। राहुल गांधी के ट्वीट को कई रिप्लाई और री-ट्वीट मिले, लेकिन सबसे प्रमुख रिप्लाई खुद केंद्रीय शिक्षा मंत्री का था।
GOI is blind to students’ distress.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 7, 2021
Postpone #NEET exam. Let them have a fair chance.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस पर पलटवार करते हुए जवाब में लिखा, राहुल गांधी अपने को रत्ती भर भी ज्ञान के बिना हर चीज का विशेषज्ञ मानते हैं। उन्होंने आगे लिखा, क्राउन प्रिंस के एक विफल हकदार होने की व्यर्थता और गलत भावना का अतिप्रवाह परीक्षाओं के कार्यक्रम में हस्तक्षेप करने, अनुचित तनाव देने और छात्रों को पीड़ित करने के अलावा कोई बहाना नहीं है।
प्रधान ने लिखा, यहां तक कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने बड़ी संख्या में छात्रों के लिए अनुचित होने का हवाला देते हुए NEET परीक्षा को पुनर्निर्धारित करने की याचिका पर विचार नहीं किया। क्या है कि राहुल गांधी एक फर्जी विशेषज्ञ ज्ञानी बनते हैं और वास्तविक विशेषज्ञों के सामूहिक ज्ञान पर सवाल उठाते हैं। युवराज को उन मामलों पर व्यापक बयान जारी करने के बजाय झूठ गढ़ने, आधे-अधूरे सच बोलने और किसी भी प्रगतिशील चीज के विरोधी होने की अपनी विशेषज्ञता पर टिके रहना चाहिए।
Even the Hon’ble Supreme Court has not entertained the plea to reschedule the #NEET examination citing the deferment as being unfair to a large number of students.
— Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) September 8, 2021
What makes @RahulGandhi the ‘pseudo expert’ question the collective wisdom of the bench and actual experts?
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