Supreme Court: नीट सुपर स्पेशियलिटी मॉपअप राउंड में दोबारा भाग लेने के लिए दायर की गई याचिका खारिज
9 मई, 2022 को तमिलनाडु की ओर से पेश हुए वकील ने शीर्ष अदालत को बताया था कि राज्य के इन-सर्विस कोटे की 92 अधूरी सीटों को इस साल अखिल भारतीय कोटा (AIQ) को सौंप दिया जाएगा।
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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को छात्रों की उस याचिका पर विचार करने से इंकार कर दिया, जिसमें छात्रों ने नीट सुपर स्पेशियलिटी, 2021 की 92 इन सर्विस सीटों को नई सीटों के साथ जोड़ने की मांग की थी। यह सीटें तमिलनाडु राज्य द्वारा छोड़ी गई थी। छात्रों की मांग थी कि इन सीटों को सभी उम्मीदवारों को उपलब्ध कराया जाए भले ही वे पहले के राउंड में शामिल रहे हों।
जस्टिस सी टी रविकुमार और जस्टिस सुधांशु धूलिया की अवकाशकालीन पीठ ने मामले पर कहा कि शीर्ष अदालत ने नौ मई को सभी खाली/स्ट्रे/वैकेंट सुपर-स्पेशियलिटी सीटों के लिए मॉप-अप राउंड आयोजित कराने की अनुमति दी थी। हालांकि, कोर्ट ने कहा था कि इस प्रक्रिया में वे उम्मीदवार भाग नहीं ले सकेंगे जिन्होंने पहले के राउंड में भाग लिया हो।
पीठ ने कहा कि हम फैसले के खिलाफ नहीं जा सकते। जब कोई विशिष्ट निर्देश होता है, तो हम यह नहीं कर सकते। जब इस अदालत द्वारा कानून निर्धारित किया जाता है, तो अब केवल इसलिए कि आप फैसले के पक्षकार नहीं हैं। पीठ ने आगे कहा कि हमें नहीं लगता कि हमें इस अदालत द्वारा पारित आदेश के आलोक में याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए तर्कों के साथ आगे बढ़ना चाहिए। हमें यह बात मानने में कोई भी संकोच नहीं है कि याचिकाकर्ता ऐसी प्रार्थना करने का हकदार नहीं है। संक्षेप में, ऐसी रिट याचिका को विफल होना चाहिए और खारिज कर दिया जाना चाहिए।
बता दें कि पीठ कवियारसन एमपी और अन्य की ओर से दायर की गई याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता ने तमिलनाडु राज्य द्वारा छोड़ी गई नीट सुपर स्पेशियलिटी, 2021 की 92 इन सर्विस सीटों को नई सीटों के साथ जोड़ने और सभी उम्मीदवारों को इसमें भाग लेने देने की मांग की थी। दरअसल, 9 मई, 2022 को तमिलनाडु की ओर से पेश हुए वकील ने शीर्ष अदालत को बताया था कि राज्य के इन-सर्विस कोटे की 92 अधूरी सीटों को इस साल अखिल भारतीय कोटा (AIQ) को सौंप दिया जाएगा।
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