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Success Story:बाड़मेर के विष्णु बने डॉक्टर, कजाकिस्तान से किया एमबीबीएस, जानें आप कैसे ले सकते हैं यहां एडमिशन

Fri, 18 Oct 2024 11:12 AM IST
Pushpendra Mishra Media Solution Initiative
Media Solution Initiative Published by: Pushpendra Mishra Updated Fri, 18 Oct 2024 11:12 AM IST
सार

परिवार में किसी ने 10वीं भी नहीं किया था पास, विदेश से एमबीबीएस डॉ. बनकर लौटे विष्णु, जुलाई 2024 में की एग्जिट परीक्षा पास, अधिक जानकारी के लिए आगे पढ़ें...

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Success Story: Vishnu of Barmer became a doctor, did MBBS from Kazakhstan, know how you can take admission her
Study Mbbs Abroad - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

देश में ऐसे कई युवा हैं जिनका नीट स्कोर कम गया, या जिन्होंने नीट क्वालीफाई ही नहीं कर पाया। उन्हें राजस्थान स्थित बाड़मेर जिले के रहने वाले विष्णु से सीखने की जरूरत है। जिस परिवार में किसी बच्चे ने 10वीं भी पास न की हो उस परिवार से निकलकर विष्णु आज जोधपुर में प्रशिक्षु डॉक्टर के रूप में काम कर रहे हैं। आइये जानते हैं विष्णु की पूरी कहानी।

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कजाकिस्तान से एमबीबीएस की डिग्री लेकर आए विष्णु ने भारत में प्रैक्टिस के लिए लाइसेंसिंग एग्जाम भी पास कर लिया है। अब वह देश में कहीं भी सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में अपनी सेवाएं दे सकेंगे। अपनी सक्सेस स्टोरी बताते हुए विष्णु ने कहा कि देश के सरकारी कॉलेजों में नीट स्कोर पर दाखिला न मिलने पर प्राइवेट कॉलेजों से एमबीबीएस करना सबसे वश की बात नहीं है। क्योंकि उसके लिए मोटी रकम चाहिए। 2018 में बा़ड़मेर के एक स्थानीय इंटर कॉलेज से 12वीं करने के बाद मुझे पढ़ाई के लिए विदेश जाने की इच्छा थी। क्योंकि पिता जी एक इंटर कॉलेज में शिक्षक थे। जो चाहते थे कि मैं एमबीबीएस करूं। लेकिन मैं नीट परीक्षा की तैयारी में अपना एक साल बर्बाद नहीं करना चाहता था। ऐसे में मेरा एमबीबीएस में दाखिला होना आसान नहीं था। लेकिन कजाकिस्तान की कई यूनिवर्सिटीज में 12वीं बॉयो से 50 प्रतिशत अंकों से पास छात्रों को एमबीबीएस में दाखिला दे दिया जाता है। पिता जी ने एक एजेंसी (मोक्ष) से बात करके मेरा कजाकिस्तान की सरकारी यूनिवर्सिटी कोक्शेताउ स्टेट मेडिकल में दाखिला करा दिया। अगर आप भी एमबीबीएस में दाखिला लेने के इच्छुक हैं तो सफलता मोक्ष के टोल फ्री नंबर 1800-571-0202 पर कॉल करके कोक्शेताऊ यूनिवर्सिटी में दाखिले की सीट पक्की कर सकते हैं। 

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कैसे की तैयारी, क्या रही फीस

अगर आप भी एमबीबीएस करने के इच्छुक हैं और विदेश जाना चाहते हैं। तो आपको कजाकिस्तान की कोक्शेताउ यूनिवर्सिटी को ही चुनना चाहिए। भारत के प्राइवेट कॉलेजों से 70 प्रतिशत कम फीस में आप यहां अपनी पूरी एमबीबीएस कम्प्लीट कर सकते हैं। भारत में नीट परीक्षा की तैयारी में तकरीबन एक वर्ष का समय लगता है। जो मैं नहीं लगाना चाहता था। इसलिए जब विदेश में कई यूनिवर्सिटीज के बिना नीट स्कोर के दाखिला देने की बात सुनी तो मैं तैयार हो गया। हालांकि बहुत सारी यूनिवर्सिटी भारत के नीट स्कोर पर ही भारतीय छात्रों को एमबीबीएस प्रोग्राम में दाखिला देती हैं। मैंने सितम्बर में जब आवेदन किया तो मेरा पासपोर्ट बनकर तैयार नहीं हो पाया। इसलिए मैं जा नहीं सका। उसी दौरान कोर्ट का एक फैसला आया जिससे मार्च 2018 में मेरा दाखिला हो गया। विदेश में कजाकिस्तान की मुद्रा भारत से कम है। जिसके कारण मुझे यहां मात्र 1.2 लाख रुपये प्रति सेमेस्टर फीस में एमबीबीएस करने का मौका मिल गया। अगर पहले वर्ष के खर्च की बात करें तो आपको तकरीबन 4 से 5 लाख रुपये अपने हाथ में लेकर चलना चाहिए। क्योंकि दो सेमेस्टर की करीब 3 लाख रुपये फीस और वहां पहुंचने के लिए हवाई जहाज का किराया, व छात्रावास - मेस का खर्चा।

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भारतीय छात्र जब कजाकिस्तान पहुंचेंगे तो उनके लिए जो जानना जरूरी है

विष्णु कहते हैं कि कोक्शेताउ कजाकिस्तान की बेहतरीन मेडिकल यूनिवर्सिटी है। इसमें काफी संख्या में भारतीय छात्र पढ़ते हैं। मेरा जब दाखिला हुआ तो पहले साल यहां मुझे भाषा की थोड़ी बहुत दिक्कत हुई। क्योंकि यहां की स्थानीय भाषा कजाक है और कुछ लोग रसियन भी बोलते हैं। अगर आपको ये दोनों ही भाषा नहीं आती तो आपको अंग्रेजी में बात करनी होगी। हालांकि भारतीय छात्र या शिक्षक मिलने पर आप उनसे हिंदी में भी बात कर सकते हैं।

जिन छात्रों को लगता है कि वहां कैसे रहूंगा, मुस्लिम कंट्री है खाना कैसा मिलेगा। उनके लिए बता दूं कि भारतीय छात्रों के लिए कजाकिस्तान में कोई परेशानी नहीं है। वहां की मुद्रा भारत से सस्ती है। साथ ही छात्रावास में रहने वाले छात्रों को भारतीय खाना भी मिलता है। ऐसे युवा जो शाकाहारी हैं उन्हें शाकाहारी भोजन आसानी से मिल जाता है।

कजाकिस्तान के मौसम के बारे में विष्णु ने कहा कि जैसे भारत में आपको 4-5 ऋतुएं देखने को मिलती हैं लेकिन कजाकिस्तान में ऐसा नहीं है। गर्मियों में हल्की गर्मी और साल के ज्यादातर महीनों में ठंड रहती है। आपको यहां के मौसम में ढलने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। जिन छात्रों को ये लगता है कि वह घर वापस कब आ सकेंगे उनके लिए बता दूं कि कजाकिस्तान में हर वर्ष छात्रों को 2 महीने के लिए छुट्टी मिलती है। जिसमें आप यहां आकर अपने परिवार के साथ समय बिता सकते हैं।

 

कोक्शेताउ में पढ़ाई का स्तर है बेहतर

जैसे ही आप कजाकिस्तान की यूनिवर्सिटीज डालकर गूगल पर सर्च करोगे तो आपको यहां कैस्पियन, अस्ताना, करगंडा, सीमेय जैसी दर्जनों निजी व सरकारी यूनिवर्सिटीज दिखेंगी। जिनकी अलग-अलग फीस है। लेकिन कजाकिस्तान की सरकारी मेडिकल यूनिवर्सिटी कोक्शेताउ इनमें बेस्ट है। इस यूनिवर्सिटी में फीस भी कम है और यहां की पढ़ाई का स्तर भी बहुत उन्नत है। साथ ही यह एनएमसी, डब्ल्यूएचओ से मान्यता प्राप्त भी है।

 

भारत में लाइसेसिंग एग्जाम किया क्वालीफाई, बने प्रशिक्षु डॉक्टर  

भारत में प्रैक्टिस के लिए विदेश से एमबीबीएस करने वाले हर छात्र को एक एग्जाम क्लीयर करना होता है। 300 नंबर का ये एग्जाम 150 अंक आने पर देश में प्रैक्टिस का लाइसेंस दे देता है। मैंने एमबीबीएस के 5वें वर्ष से ही इसकी तैयारी शुरु कर दी थी। भारत आने पर जनवरी 2024 में जब मैंने एग्जिट एग्जाम दिया तो क्वालीफाई नहीं हुआ। मेरे 146 नंबर ही आ पाए। इसलिए जुलाई 2024 में मैंने इसे क्वालीफाई करके जोधपुर के एक अस्पताल में काम शुरू कर दिया है। 

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