SOL Admission: एसओएल और एनसीवेब के छात्रों को बड़ी राहत, अब चौथे वर्ष में दाखिले का मिलेगा मौका
FYUP: एसओएल और नॉन- कॉलेजिएट वीमेन एजुकेशन बोर्ड में पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है। अब से ये छात्र भी चार वर्षीय स्नातक प्रोग्राम का लाभ उठा सकेंगे, जो पहले सिर्फ रेगुलर स्टूडेंट्स के लिए उपलब्ध था।
विस्तार
SOL Admission: दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) और नॉन कॉलिजिऐट वूमेंस एजुकेशन बोर्ड (एनसीवेब) के तीसरे वर्ष के विद्यार्थी अब चौथे वर्ष (चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम) की पढ़ाई कर सकेंगे। दरअसल अब चार वर्षीय स्नातक प्रोग्राम को एसओएल व एनसीवेब में आधिकारिक रूप से लागू किया जा रहा है। इसे हाल ही में हुई अकादमिक काउंसिल से स्वीकृति मिल गई है।
अब इसे अगले सप्ताह होने वाली कार्यकारी परिषद की बैठक में रखा जाएगा। इसके साथ ही मंजूरी के लिए एसओएल इसे डिस्टेंस एजुकेशन बोर्ड के पास भी भेजेगा।
डीयू में वर्ष 2022 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत चार वर्षीय स्नातक प्रोग्राम (एफवाईयूपी) की शुरुआत की गई थी। यह डीयू के नियमित कॉलेजों के समान ही एसओएल व एनसीवेब में भी लागू किया। लेकिन अब तक इसे आधिकारिक रूप से शुरू नहीं किया गया। एसओएल की निदेशक प्रो. पायल मागो ने बताया, एसओएल में चौथे वर्ष की पढ़ाई को लेकर असमंजस था। ऐसे में इसे अकादमिक काउंसिल में रिपोर्ट किया गया। जहां से इसे मंजूरी मिल गई।
चौथे वर्ष में मिलेगा रिसर्च आधारित डिग्री का विकल्प
चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम एफवाईयूपी संरचना के अंतर्गत छात्रों को पहले वर्ष के बाद स्नातक प्रमाणपत्र दूसरे वर्ष के बाद डिप्लोमा, तीसरे वर्ष के बाद स्नातक की डिग्री मिलती है। वे चौथे वर्ष के बाद ऑनर्स के साथ स्नातक की डिग्री या शोध के साथ ऑनर्स की डिग्री के लिए पात्र होते हैं बशर्ते कि वे शोध घटक को पूरा करना चुनते हैं। अब 23 मई को होने वाली कार्यकारी परिषद की बैठक से मंजूरी मिलने के बाद इसे डिस्टेंस एजुकेशन बोर्ड के पास भेजा जाएगा।
एसओएल में स्नातक स्तर और स्नातकोत्तर स्तर के 19 कोर्स चलते हैं। हर साल यहां करीब 1.20 लाख छात्र दाखिला लेते हैं। अब जब छात्रों को चौथे वर्ष में प्रवेश करने के बाद ऑनर्स की डिग्री दी जाएगी। उन्हें ऑनर्स विद रिसर्च की डिग्री मिलेगी।
एसओएल व एनसीवेब के छात्रों की सुविधा के मद्देनजर प्रोग्राम में शोध के अलावा डिसिप्लिन स्पेसिफिक इलेक्टिव (डीएसई) और मूल विषय से संबंधित दो क्रेडिट का एक कौशल आधारित पाठ्यक्रम का विकल्प दिया है। इससे छात्रों को चौथे वर्ष में पढ़ाई करने में दिक्कत नहीं होगी। छात्रों की सुविधा के लिए ऐसा किया गया है। कौशल आधारित पाठ्यक्रम से छात्राें को काफी सहूलियत रहेगी।
कमेंट
कमेंट X