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SFI Strike: बंगाल के विश्वविद्यालयों में हड़ताल, कार्यकर्ताओं के बीच झड़प; शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग
Mon, 03 Mar 2025 12:09 PM IST
शिवम गर्ग
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिवम गर्ग
Updated Mon, 03 Mar 2025 12:09 PM IST
सार
SFI Strike: बंगाल में एसएफआई कार्यकर्ताओं ने जादवपुर विश्वविद्यालय में हुई हिंसक घटना के बाद शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु के इस्तीफे की मांग को लेकर विश्वविद्यालय परिसरों में हड़ताल की।
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पश्चिम बंगाल के विश्वविद्यालयों में हड़ताल की घोषणा
- फोटो : PTI
विस्तार
SFI Strike in Bengal: सीपीआई(M) की छात्र शाखा एसएफआई (Students' Federation of India) ने पश्चिम बंगाल के विभिन्न विश्वविद्यालयों में हड़ताल का आह्वान किया है। जिसमें वे शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस हड़ताल के कारण सोमवार सुबह कोलकाता के जादवपुर और प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालयों के परिसर सुनसान हो गए क्योंकि छात्रों, शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों ने हड़ताल के समर्थन में विश्वविद्यालयों से दूरी बना ली।
अधिकारियों ने बताया कि कलकत्ता विश्वविद्यालय, रवींद्र भारती विश्वविद्यालय, उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय और बर्दवान विश्वविद्यालय जैसे अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के परिसर आंशिक रूप से प्रभावित हुए, क्योंकि सेमेस्टर परीक्षाएं आयोजित होने के बावजूद कुछ कक्षाएं नहीं हुईं।
हालांकि, जेयू और प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी के विपरीत इन परिसरों में एसएफआई के कम कार्यकर्ता देखे गए। सत्तारूढ़ टीएमसी की छात्र शाखा तृणमूल छात्र परिषद के कार्यकर्ता भी परिसरों में देखे गए।
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अधिकारियों ने बताया कि कलकत्ता विश्वविद्यालय, रवींद्र भारती विश्वविद्यालय, उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय और बर्दवान विश्वविद्यालय जैसे अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के परिसर आंशिक रूप से प्रभावित हुए, क्योंकि सेमेस्टर परीक्षाएं आयोजित होने के बावजूद कुछ कक्षाएं नहीं हुईं।
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हालांकि, जेयू और प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी के विपरीत इन परिसरों में एसएफआई के कम कार्यकर्ता देखे गए। सत्तारूढ़ टीएमसी की छात्र शाखा तृणमूल छात्र परिषद के कार्यकर्ता भी परिसरों में देखे गए।
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वामपंथी-टीएमसीपी कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प
हड़ताल के दौरान सोमवार को पश्चिम बंगाल में विभिन्न वामपंथी छात्र संगठनों और तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद (टीएमसीपी) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुईं। पश्चिम मेदिनीपुर जिले के मेदिनीपुर शहर, दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी, कूच बिहार जिले और पूर्व मेदिनीपुर जिले के पंसकुरा में टीएमसी की छात्र शाखा के सदस्यों और एआईडीएसओ और एसएफआई के वामपंथी कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुईं।
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जादवपुर विश्वविद्यालय में हुआ हिंसक घटना
यह घटनाक्रम 1 मार्च को जादवपुर विश्वविद्यालय में उस समय घटित हुआ जब मंत्री ब्रत्य बसु विश्वविद्यालय से निकल रहे थे। छात्रों ने विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनावों के संचालन को लेकर उनके साथ चर्चा करने की मांग की थी, लेकिन मंत्री के साथ उनका टकराव हो गया। विरोध के दौरान मंत्री की कार से दो छात्र घायल हो गए थे, जिनमें से एक को गंभीर चोटें आई थीं। मंत्री के वाहन का कांच तोड़ दिया गया था और वे सुरक्षा कारणों से बिना किसी बातचीत के परिसर छोड़कर निकल गए थे।एसएफआई का आरोप और मंत्री से इस्तीफे की मांग
एसएफआई के राज्य समिति सदस्य शुभजीत सरकार ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) द्वारा शरण लिए गए बाहरी तत्वों ने जादवपुर विश्वविद्यालय में हिंसा और तोड़फोड़ की थी। उन्होंने बताया कि छात्र केवल शिक्षा मंत्री से बातचीत करना चाहते थे, लेकिन मंत्री ने बगैर किसी चर्चा के परिसर छोड़ने की कोशिश की, जिसके कारण यह हिंसा हुई। एसएफआई ने मंत्री के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग की और कहा कि उन्हें अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा देना चाहिए।हड़ताल का असर और परीक्षा पर कोई प्रभाव नहीं
सोमवार सुबह से ही विश्वविद्यालयों में एसएफआई के सदस्य हड़ताल को लागू करने के लिए मौजूद थे, लेकिन इसका वाहनों की आवाजाही पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। हड़ताल के बावजूद राज्यभर में बोर्ड परीक्षा (कक्षा 12) की परीक्षाएं बिना किसी रुकावट के जारी रही।इसके अलावा, एसएफआई ने उच्च माध्यमिक परीक्षा की सुचारू रूप से संचालन के लिए परीक्षा केंद्रों के पास सहायता शिविर लगाने की घोषणा की है, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
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