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Nursery Admission 2026-27: अभिभावकों से नजदीकी स्कूल चुनने की अपील, ट्रैफिक झंझट से बचेंगे बच्चे

Thu, 11 Dec 2025 10:14 AM IST
शाहीन परवीन अमर उजाला, ब्यूरो
अमर उजाला, ब्यूरो Published by: शाहीन परवीन Updated Thu, 11 Dec 2025 10:14 AM IST
सार

Nursery Admission: दिल्ली के निजी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नर्सरी और पहली कक्षा में दाखिला प्रक्रिया जारी है। स्कूल प्रमुखों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे घर के नजदीकी स्कूल को प्राथमिकता दें, ताकि बच्चों को ट्रैफिक में फंसने जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।

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Nursery Admission 2026-27: Parents Advised to Choose Nearby Schools to Avoid Traffic Hassles
Delhi Nursery Admission - फोटो : freepik

विस्तार

Nursery Admission 2026-27: शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए दिल्ली के निजी स्कूलों में नर्सरी से लेकर पहली कक्षा में दाखिला आवेदन की प्रक्रिया जारी है। स्कूल दाखिला मानदंड में नेबरहुड (आस-पड़ोस) के सबसे ज्यादा अंक दे रहे है। स्कूल प्रमुखों की अभिभावकों से अपील है कि वह दाखिला आवेदन में नजदीकी स्कूल को प्राथमकिता दें। स्कूल घर के नजदीक होने पर बच्चा ट्रैफिक जाम में नहीं फंसेगा।

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विकासपुरी स्थित ममता मॉर्डन सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्रधानाचार्य पल्लवी शर्मा ने कहा कि दिल्ली में ट्रैफिक जाम की समस्या सबसे ज्यादा है। ऐसे में अभिभावक दाखिला आवेदन फॉर्म भरते समय नजदीकी स्कूल को प्राथमिकता दें। इससे बच्चे का आवागमन का समय बचेगा। प्रदूषण से भी बचाव होगा। साथ ही स्कूलों में शाम के समय होने वाली खेल संबंधियों गतिविधियों में बच्चा सक्रिय होकर हिस्सा ले सकेगा।
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उन्होंने बताया, अगर बच्चे का स्कूल घर के नजदीक होता है तो उसके दाखिला की संभावना अधिक रहती है। हर स्कूल ने नेबरहुड के अलग-अलग अंक तय किए है। शून्य से एक किलोमीटर के दायरे में घर होने पर बच्चे को 70 अंक मिलेंगे। जबकि किलोमीटर बढ़ने पर दस अंक कम होते चले जाएंगे। पांच किलोमीटर से अधिक दूरी पर बच्चे को 40 अंक दिए जाएंगे।

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दूर स्कूल होने पर बच्चा जाता है थक

वसुंधरा एन्क्लेव स्थित एवरग्रीन पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य प्रियंका गुलाटी ने कहा कि छोटे बच्चों का दाखिला अभिभावकों को नजदीकी स्कूल में कराना चाहिए। दूर के स्कूल में दाखिला कराने से बच्चा सफर में थक जाता है। ज्यादातर स्कूल घर नजदीक होने के अधिक अंक देते है। ऐसे में बच्चे के दाखिला सुनिश्चित होने की संभावना बनी रहती है। स्कूल शून्य से छह किलोमीटर के दायरे में रहने वाले बच्चों को 60 अंक दे रहा है।

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