NEET UG: 522 की जगह 95 अंक मिलने का दावा, नीट के अभ्यर्थी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जानें क्या आरोप लगाए
NEET UG 2026: महाराष्ट्र के बीड जिले के एक नीट-यूजी अभ्यर्थी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया है कि उसे 522 अंक मिलने चाहिए थे, लेकिन एनटीए ने 95 अंक दिए। छात्र ने ईमेल भेजकर परिणाम की दोबारा जांच और सुधार की मांग की। दावा है कि एजेंसी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
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NEET UG 2026: महाराष्ट्र के बीड जिले के नीट यूजी अभ्यर्थी सोहम नितिन गावते ने बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ में याचिका दायर की है। छात्र ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने 21 जून को हुई नीट पुनर्परीक्षा में उन्हें 522 अंक मिलने के बजाय केवल 95 अंक दिए हैं। छात्र का कहना है कि ओएमआर (OMR) शीट और आधिकारिक आंसर-की के आधार पर उनके अंक इससे कहीं अधिक बनते हैं। यह मामला 23 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है।
क्या है पूरा मामला?
- याचिका के अनुसार, सोहम गावते ने 21 जून 2026 को आयोजित नीट-यूजी पुनर्परीक्षा दी थी।
- 14 जुलाई को जारी ओएमआर रिस्पॉन्स शीट और 16 जुलाई को जारी आधिकारिक आंसर-की का मिलान करने पर उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कुल 148 प्रश्न हल किए।
- इनमें से 136 उत्तर सही और 12 उत्तर गलत थे।
- नीट की मार्किंग स्कीम के अनुसार उनका स्कोर 522 अंक होना चाहिए था।
- हालांकि, एनटीए की ओर से जारी स्कोरकार्ड में उन्हें 95 अंक दिए गए।
याचिका के अनुसार, सोहम ने कक्षा 10 में 94.6 प्रतिशत और कक्षा 12 (विज्ञान) में 74.17 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। उसने 21 जून 2026 को आयोजित नीट यूजी री-एग्जाम में हिस्सा लिया था।
ओएमआर शीट और आंसर-की के आधार पर क्या दावा किया गया है?
छात्र का कहना है कि 14 जुलाई को जारी ओएमआर रिस्पॉन्स शीट और 16 जुलाई को जारी आधिकारिक आंसर-की का मिलान करने पर पता चला कि उसने कुल 148 प्रश्न हल किए थे, जिनमें 136 उत्तर सही और 12 उत्तर गलत थे। नीट की मार्किंग स्कीम के अनुसार उसके 720 में से 522 अंक बनने चाहिए थे, लेकिन एनटीए द्वारा जारी स्कोरकार्ड में उसे केवल 95 अंक दिए गए।
याचिका में यह भी कहा गया है कि छात्र ने 17 और 18 जुलाई को एनटीए को ईमेल भेजकर इस अंतर पर स्पष्टीकरण मांगा और परिणाम में सुधार तथा उत्तर पुस्तिका के सत्यापन का अनुरोध किया, लेकिन एजेंसी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
छात्र ने अदालत से क्या मांग की है?
इसके बाद सोहम ने अधिवक्ता सुदर्शन सालुंके और महेंद्र गांधले के माध्यम से हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की। याचिका में उत्तर पुस्तिका का सत्यापन कराने और सही अंक दर्शाते हुए संशोधित स्कोरकार्ड जारी करने का निर्देश देने की मांग की गई है।
अधिवक्ता महेंद्र गांधले ने कहा कि मामले की सुनवाई 23 जुलाई को होगी और उस दिन अदालत के समक्ष याचिकाकर्ता की ओर से सभी पक्ष रखे जाएंगे।
गौरतलब है कि 3 मई 2026 को आयोजित नीट यूजी परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई थी। इसके बाद एनटीए ने 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा आयोजित की थी, जिसका परिणाम 16 जुलाई 2026 को घोषित किया गया।
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