{"_id":"6176b70b740ec07da661999d","slug":"neet-result-centre-moves-supreme-court-seeks-stay-on-high-court-order-for-re-exam","type":"story","status":"publish","title_hn":"NEET Result: नीट परीक्षा परिणाम की घोषणा से रोक हटवाने सुप्रीम कोर्ट पहुंची एनटीए, बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
NEET Result: नीट परीक्षा परिणाम की घोषणा से रोक हटवाने सुप्रीम कोर्ट पहुंची एनटीए, बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती
Mon, 25 Oct 2021 07:25 PM IST
देवेश शर्मा
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देवेश शर्मा
Updated Mon, 25 Oct 2021 07:25 PM IST
सार
NEET 2021 Result : एनटीए ने तर्क दिया है कि 12 सितंबर, 2021 को 16 लाख से अधिक उम्मीदवारों के लिए नीट परीक्षा आयोजित की थी। लेकिन हाईकोर्ट के आदेश का प्रभाव यह है कि परिणाम तैयार होने के बावजूद वह परिणाम घोषित नहीं कर पा रही है।
विज्ञापन
नीट यूजी परिणाम 2021
- फोटो : Amar Ujala Graphics
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के परिणामों की घोषणा को रोकने के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने दो प्रभावित उम्मीदवारों के लिए पुन: नीट परीक्षा आयोजित करने के लिए परिणामों की घोषणा को निलंबित कर दिया था।
विज्ञापन
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सोमवार को प्रधान न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष एनटीए की अपील का उल्लेख किया। प्रधान न्यायाधीश इसे नीट मामलों की सुनवाई कर रही पीठ के पास भेजने के लिए इच्छुक थे, लेकिन मेहता के अनुरोध पर सीजेआई ने कहा कि वह केस फाइल को देखने के बाद फैसला करेंगे।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें : NEET PG Counselling: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नीट पीजी काउंसलिंग पर रोक लगाने को कहा, जानिए क्या है मामला
विज्ञापन
हाईकोर्ट के समक्ष दो छात्रों ने कहा था कि 12 सितंबर, 2021 को आयोजित नीट परीक्षा के दौरान उनकी टेस्ट बुकलेट और ओएमआर शीट मिश्रित हो गईं थीं। कहा गया था कि जब निरीक्षकों ने परीक्षण पुस्तिकाओं का वितरण करना शुरू किया तो वह नीचे गिर गया। परिणामस्वरूप परीक्षा पुस्तिका और ओएमआर शीट जो दोनों उम्मीदवारों को प्राप्त हुई आपस में मिल गईं। इसलिए हाईकोर्ट ने एनटीए को परिणाम घोषित करने से पहले इन दो उम्मीदवारों के लिए अलग से परीक्षा आयोजित करने का निर्देश दिया था।
यह भी पढ़ें : NEET: ईडब्लूएस आरक्षण के मानदंड को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार पर लगाई सवालों की झड़ी
सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दायर अपनी अपील में एनटीए ने तर्क दिया है कि 12 सितंबर, 2021 को 16 लाख से अधिक उम्मीदवारों के लिए नीट परीक्षा आयोजित की थी। लेकिन हाईकोर्ट के आदेश का प्रभाव यह है कि परिणाम तैयार होने के बावजूद वह परिणाम घोषित नहीं कर पा रही है। याचिका में कहा गया है कि परिणाम की घोषणा में देरी से एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस, बीएसएमएस, बीयूएमएस और बीएचएमएस कोर्स में प्रवेश की प्रक्रिया प्रभावित होगी और इसमें और देरी होगी।
यह भी पढ़ें : NEET PG Counselling: नीट पीजी काउंसलिंग के लिए एमसीसी 25 अक्तूबर से शुरू करेगी रजिस्ट्रेशन, जानिए क्या रहेगी प्रक्रिया
कमेंट
कमेंट X