Neet PG Counselling 2021: नीट काउंसलिंग का रास्ता साफ, ओबीसी के लिए 27 फीसदी आरक्षण को सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी
सुप्रीम कोर्ट आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और ओबीसी कोटा से संबंधित याचिकाओं पर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के माध्यम से स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए शुक्रवार को अपना आदेश सुनाएगा। इससे नीट-पीजी काउंसलिंग का रास्ता भी साफ हो जाएगा, इससे ता रही सैकड़ों रेजिडेंट डॉक्टरों को राहत मिलेगी।
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और ओबीसी कोटा से संबंधित याचिकाओं पर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के माध्यम से स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए शुक्रवार को अपना आदेश सुनाएगा। न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना की पीठ ने गुरुवार को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया और पक्षों से विचार के लिए अपनी लिखित दलीलें दाखिल करने को कहा।
पीठ ने कहा, हम दो दिन से इस मामले की सुनवाई कर रहे हैं, हमें राष्ट्रहित में काउंसलिंग शुरू करनी चाहिए। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शीर्ष अदालत से कहा कि वह इस भ्रम को दूर करना चाहेंगे कि खेल के नियमों में बीच में ही बदलाव किया गया है। उन्होंने प्रस्तुत किया कि सबसे पहले, खेल के नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। जो इस चुनौती का विषय है, वह 2019 से अखिल भारतीय कोटा को छोड़कर पहले से ही लागू है। कुछ उम्मीदवारों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद दातार और श्याम दीवान कोर्ट में पेश हुए। तमिलनाडु सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पी विल्सन पेश हुए।
केंद्र ने बुधवार को शीर्ष अदालत से कहा था कि वह उस स्थिति को स्वीकार नहीं करेगा जिससे ओबीसी या ईडब्ल्यूएस श्रेणी में आने वाले लोग, 8 लाख रुपये की वार्षिक आय की कसौटी पर फिर से विचार करने की कवायद से पहले या बाद में, किसी ऐसी चीज से वंचित हैं जो उनके कारण वैध है।
फोर्डा के बैनर तले हुआ प्रदर्शन
नीट-पीजी उम्मीदवारों, जिन्होंने 2021-22 शैक्षणिक वर्ष से ओबीसी और ईडब्ल्यूएस कोटा के कार्यान्वयन के लिए 29 जुलाई, 2021 की अधिसूचना को चुनौती दी है। उन्होंने सरकार के 8 लाख रुपये की आय मानदंड को लागू करने के औचित्य का विरोध करते हुए कहा कि इससे लागू करने से पहले कोई अध्ययन नहीं हुआ है। नीट-पीजी काउंसलिंग में देरी को लेकर दिल्ली समेत देश के अन्य हिस्सों में फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) के बैनर तले विभिन्न अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टरों द्वारा बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया गया था, जिसे स्थगित कर दिया गया है। मामले की पेंडेंसी और केंद्र ने ईडब्ल्यूएस कोटा के निर्धारण के लिए मानदंड पर फिर से विचार करने का निर्णय लिया है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नीट-पीजी काउंसलिंग का रास्ता साफ
उम्मीद की जा रही है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नीट-पीजी काउंसिलंग 2021 का रास्ता साफ हो सकता है। इससे सैकड़ों रेजिडेंट डॉक्टर को राहत मिलेगी। नवंबर और दिसंबर, 2021 में रेजिडेंट डॉक्टरों ने नीट पीजी काउंसलिंग के शुरू न होने के कारण जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। नीट पीजी की परीक्षा 11 सितंबर, 2021 को आयोजित हुई थी।
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