NEET Counselling 2021: मध्यप्रदेश के छात्रों पर संकट, सीट रिजर्व करने पर एआईक्यू काउंसलिंग से रह जाएंगे वंचित
NEET Counselling 2021: छात्र अगर अपनी सीट को आरक्षित कर के बॉण्ड जमा कर देते हैं तो वह एआईक्यू की काउंसलिंग में भाग नहीं ले पाएंगे। सरकार के इसी कदम ने छात्रों के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।
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मध्यप्रदेश नीट यूजी काउंसलिंग को लेकर नया विवाद सामने आया है। यहां नीट यूजी काउंसलिंग में बॉण्ड जमा कराने को लेकर छात्रों के सामने संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सरकार पिछले सत्र तक दूसरे राउंड की काउंसलिंग के बाद 30 लाख का बॉण्ड भरवाती थी। वहीं, इस सत्र पहले राउंड की काउंसलिंग के ठीक बाद 30 लाख का बॉण्ड जमा करवाया जा रहा है। अगर छात्र द्वितीय चरण की काउंसिलिंग के दो दिवस पूर्व तक त्यागपत्र देते हैं, तो जमा की गई फीस में से 10 फीसदी ( अधिकतम दस हजार रुपये) काटकर उनकी फीस कांउसिलिंग समाप्ति के बाद वापस कर दी जाएगी। लेकिन निर्धारित समय सीमा के उपरांत सीट त्यागने पर छात्रों पर सीट लीविंग बॉण्ड लागू होगा। इस कारण छात्रों को 30 लाख रुपये से हाथ धोना पड़ेगा।
कहां आ रही है समस्या?
नीट काउंसलिंग की प्रक्रिया के दौरान कई छात्र ऐसे भी होते हैं, जो राज्य कोटा और अखिल भारतीय कोटा दोनों ही स्तर प्रवेश के लिए आवेदन करते हैं। नीट एआईक्यू (अखिल भारतीय कोटा) के लिए पहले राउंड के परिणाम तो आ गए हैं लेकिन दूसके राउंड की प्रक्रिया शेष है। ऐसे में अगर छात्र राज्य कोटा में अपनी सीट को आरक्षित कर के बॉण्ड जमा कर देते हैं तो वह एआईक्यू की काउंसलिंग में भाग नहीं ले पाएंगे। सरकार के इसी कदम ने छात्रों के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।
क्या कहा गया है आदेश में?
इस सत्र के नियम के अनुसार छात्र पहले राउंड की काउंसलिंग के आखिरी दिन तक अपनी सीट से फ्री एग्जिट ले सकते हैं। इसके बाद के राउंड में उन्हें 30 लाख का बॉण्ड जमा करना होगा। जबकि एआईक्यू सीटों पर राउंड-2 काउंसलिंग अभी बाकी है। एमसीसी के नए नियमानुसार इस सत्र से एआईक्यू काउंसलिंग में रिक्त सीटों को राज्यों के भी पास नहीं भेजा जाएगा। छात्र इसलिए मांग कर रहे हैं कि बॉण्ड दूसरे राउंड की काउंसलिग के बाद जमा करवाया जाए।
बीते साल क्या थी बॉण्ड जमा करने की समय-सीमा
| साल 2019 | एआईक्यू राउंड -2 परिणाम के 8 दिनों बाद। |
| साल 2020 | एआईक्यू राउंड -2 परिणाम के 11 दिनों बाद। |
| इस साल (सत्र 2021) | एआईक्यू राउंड -2 परिणाम के 12 दिनों पहले। |
300 छात्रों के प्रवेश पर खतरा
छात्रों की मांग के अनुसार अगर बॉण्ड जमा करने की तारीखों में बदलाव नहीं किए जाते हैं तो मध्यप्रदेश के करीब 300 छात्र मेडिकल में प्रवेश से वंचित रह जाएंगे। इससे पहले तक राज्य के छात्रों के पास एमसीसी की एआईक्यू सीटों पर काउंसलिंग में भाग लेने के दो मौके होते थे, यह अब एक रह गया है। ज्यादातर छात्र मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। इस कारण वह केवल एक अखिल भारतीय कोटा की सीट के लिए 30 लाख रुपये का प्रबंध नहीं कर सकते, भले ही उन्हें प्रवेश उनके मेरिट पर मिल रहा हो।
अन्य राज्यों में क्या है प्रावधान
ज्यादातर राज्यों में बॉण्ड जमा कराने की प्रक्रिया काउंसलिंग के दूसरे राउंड के बाद तय की गई है। कई राज्यों में बॉण्ड की रकम मध्यप्रदेश के मुकाबले कम है। वहीं, कई राज्य ऐसे हैं, जहां बॉण्ड जमा कराने का भी प्रावधान नहीं है। सीट छोड़ने के समय छात्रों से केवल पंजीयन राशि ली जाती है। ऐसे में मध्यप्रदेश के छात्रों के सामने ही ऐसा संकट आ गया है।
| राज्य | बॉण्ड | सीट त्यागने के प्रावधान |
| मध्यप्रदेश | 30 लाख | अगर छात्र दूसरे राउंड की काउंसलिंग शुरू होने से दो दिन पहले तक सीट न छोड़े तब लिविंग बॉण्ड लागू होगा। |
| राजस्थान | 5 लाख | जब छात्र दूसरे राउंड की काउंसलिंग के बाद कॉलेज में प्रवेश करा ले और पाठ्यक्रम के दौरान सीट छोड़ दे तब लिविंग बॉण्ड लागू होगा। |
| महाराष्ट्र | 10 लाख | जब छात्र आखिरी राउंड के प्रवेश तक सीट न चुने या अपनी सीट छोड़ दे तब लिविंग बॉण्ड लागू होगा |
| छत्तीसगढ़ | 25 लाख | जब छात्र प्रवेश की आखिरी तारीख के बाद अपनी सीट त्याग दे तब लिविंग बॉण्ड लागू होगा। |
| हरियाणा | 00 | प्रवेश की आखिरी तारीख से 3 दिन पहले सीट छोड़ने पर कोई शुल्क नहीं, अन्यथा पहले साल की ट्यूशन फीस। |
| गुजरात | 00 | बॉण्ड का कोई प्रावधान नहीं। छात्र अपनी सीट आरक्षित करने के बाद भी मॉपअप राउंड तक इंतजार कर सकते हैं। |
| उत्तर प्रदेश | 00 | 3 लाख की सिक्योरिटी में से 50 फीसदी और एडमिशन फीस में से 50 फीसदी का काटने का प्रावधान। अगर छात्र पहले या दूसरे राउंड की काउंसलिंग के बाद और मॉपअप राउंड से दो दिन पहले तक सीट छोड़े तब। |
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