{"_id":"680067220f4167c42b012a6c","slug":"ncert-language-textbooks-for-class-1-to-8-to-be-based-on-ragas-and-musical-instruments-know-details-here-2025-04-17","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"NCERT: राग और वाद्ययंत्रों पर आधारित होंगी पहली से आठवीं तक की भाषा की किताबें; नई शिक्षा नीति के तहत बदलाव","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
NCERT: राग और वाद्ययंत्रों पर आधारित होंगी पहली से आठवीं तक की भाषा की किताबें; नई शिक्षा नीति के तहत बदलाव
Thu, 17 Apr 2025 07:58 AM IST
शिवम गर्ग
सीमा शर्मा, अमर उजाला
सीमा शर्मा, अमर उजाला
Published by: शिवम गर्ग
Updated Thu, 17 Apr 2025 07:58 AM IST
सार
NCERT New Books: एनसीईआरटी की नई किताबें अब बच्चों को राग और वाद्ययंत्रों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और संगीत से जोड़ेंगी। पहली से आठवीं कक्षा तक की भाषा पुस्तकों में अब भारतीयता और संविधान की प्रस्तावना भी शामिल होगी।
विज्ञापन
NCERT
- फोटो : freepik
विस्तार
NCERT New Books: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की नई पाठ्य पुस्तकें छात्रों को 21वीं सदी की जरूरतों के आधार पर विषय ज्ञान के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, परंपराओं के अलावा संगीत से भी जोड़ेंगी। पहली से आठवीं कक्षा में भाषा की किताबों के नाम राग और वाद्य यंत्रों पर आधारित हैं। पाठयपुस्तकों की विषय-वस्तु को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और राष्ट्रीय करिकुलम फ्रेमवर्क के तहत तैयार किया गया है। इसमें भारतीय ज्ञान प्रणाली, सांस्कृतिक विरासत के तत्व भी शामिल हैं। यह लैगिंग समानता, डिजिटल कौशल और पर्यावरण जैसे मूल्यों की शिक्षा देती है। पहली से पांचवीं कक्षा में भाषा की किताबों के नाम भारतीय वाद्य यंत्रों पर आधारित हैं। जबकि छठीं से आठवीं कक्षा तक की भाषा की किताबों के नाम विभिन्न प्रचलित रागों को दर्शाते हैं। इसका मकसद, स्कूली शिक्षा की पढ़ाई के साथ बच्चों को भारतीय परिपेक्ष्य से जोड़ना है।
विज्ञापन
संविधान की प्रस्तावना पाठ्य पुस्तकों में शामिल
संविधान को कमजोर करने की विपक्ष की आलोचना को खारिज करने की पहल सरकार ने किताबों के माध्यम से की है। आजादी के बाद पहली बार एनसीईआरटी ने अपनी सभी नई पाठ्य पुस्तकों में ' संविधान ' की प्रस्तावना और उद्देशिका को शामिल किया है। नई पाठ्य पुस्तक खोलते ही छात्र संविधान की प्रस्तावना पढ़ेंगे।
विज्ञापन
पहली व दूसरी कक्षा (फाउंडेशन श्रेणी )
- हिंदी:- सारंगी (उत्तर भारत का हिंदोस्तानी शास्त्रीय संगीत से जुड़ा प्रसिद्ध वाद्ययंत्र है)
- अंग्रेजी:- मृदंग (दक्षिण भारत के कर्नाटक संगीत का प्रसिद्ध वाद्य यंत्र मृदंगम से लिया गया है)
- उर्दू:- शहनाई (उत्तर भारत का प्रसिद्ध वाद्ययंत्र है, जोकि शुभ मौके पर बजाया जाता है। इसकी पहचान बिस्मिल्लाह खां से होती है)
तीसरी, चौथी व पांचवीं कक्षा(प्रिपरेटरी)
- अंग्रेजी- संतुर ( कश्मीर का एक लोक वाद्ययंत्र है)
- हिंदी-वीणा (दक्षिण भारत के तमिलनाडु के तंजावुर शहर से जुड़ा वाद्ययंत्र है। दक्षिण भारत के सभी राज्यों में प्रचलित है। कर्नाटक संगीत में भी मुख्य वाद्य में प्रयोग होता है)
- उर्दू- सितार (उत्तर भारत के हिंदोस्तानी शास्त्रीय संगीत में प्रयोग होता है)
विज्ञापन
छठी, सातवीं, आठवीं कक्षा ( मिडिल स्टेज)
- हिंदी- मल्हार (राग मल्हार हिंदोस्तानी शास्त्रीय संगीत का एक प्रचलित राग है। यह एक बारिश के मौसम से जुड़ा राग है। संगीत सम्राट तानसेन ने इसकी बंदिश बनाई थी)
- अंग्रेजी- पूर्वी (शाम ढलने पर गाया जाने वाला हिंदोस्तानी शास्त्रीय संगीत से जुड़ा राग है)
- उर्दू- ख्याल (यह भी उत्तर भारत के हिंदोस्तानी राग से लिया गया है )
- संस्कृत-दीपकम (तानसेन द्वारा गाया जाने वाले दीपक राग से लिया गया है)
कमेंट
कमेंट X