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Hindi News ›   Education ›   NCERT Director Defends Class 8 Book, Says All Historical Facts Are Based on Authentic Sources

NCERT: 'इतिहास की बुक में सभी बातें तथ्यों पर आधारित, कोई मनगढ़ंत कहानी नहीं बनाई गई', एनसीईआरटी निदेशक ने कहा

Thu, 17 Jul 2025 03:15 PM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शाहीन परवीन Updated Thu, 17 Jul 2025 03:15 PM IST
सार

NCERT Class 8 History: एनसीईआरटी के निदेशक प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी ने कहा है कि कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की किताब में जो भी ऐतिहासिक तथ्य दिए गए हैं, वे पूरी तरह से प्रमाणिक और भरोसेमंद ऐतिहासिक स्रोतों पर आधारित हैं।

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NCERT Director Defends Class 8 Book, Says All Historical Facts Are Based on Authentic Sources
एनसीईआरटी निदेशक प्रो. सकलानी - फोटो : ANI

विस्तार

NCERT Textbook Class 8: एनसीईआरटी की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की किताब को लेकर चल रहे विवाद के बीच, निदेशक प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी ने अपने बयान कहा है, कि किताब में शामिल सभी ऐतिहासिक तथ्य भरोसेमंद और प्रमाणिक स्रोतों पर आधारित हैं।

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उन्होंने स्पष्ट किया है कि कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में उल्लिखित सभी ऐतिहासिक तथ्य प्रमाणिक ऐतिहासिक स्रोतों पर आधारित हैं। 

तथ्यों के पीछे ऐतिहासिक ग्रंथों और दस्तावेजों का आधार

उन्होंने बताया कि इन तथ्यों को बाबरनामा, बनारस गजेटियर, साकी मुत्तिद खान द्वारा लिखित और सर जदुनाथ सरकार द्वारा अनूदित मआसिर-ए-आलमगिरी, तथा आरसी मजूमदार द्वारा लिखित द हिस्ट्री एंड कल्चर ऑफ द इंडियन पीपल जैसी ऐतिहासिक पुस्तकों और ग्रंथों के आधार पर प्रस्तुत किया गया है।

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उन्होंने कहा कि पाठ्यपुस्तक में मुगल साम्राज्य के शासकों, विशेषकर औरंगजेब, का वर्णन समकालीन इतिहासकार खफी खान की पुस्तक मुंतखब-अल-लुबाब जैसे स्रोतों के माध्यम से किया गया है।

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छात्रों में समग्र दृष्टिकोण विकसित करने पर जोर

प्रो. सकलानी के अनुसार, "एनसीईआरटी द्वारा प्रकाशित यह पाठ्यपुस्तक ऐतिहासिक तथ्यों को संतुलित और संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत करती है ताकि छात्र न केवल ऐतिहासिक घटनाओं की जानकारी प्राप्त करें, बल्कि उनके सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक प्रभावों की गहराई से समझ भी विकसित कर सकें।"



उन्होंने यह भी जोड़ा कि इन तथ्यों की प्रस्तुति भारतीय इतिहास की जटिलता को दर्शाने के उद्देश्य से की गई है, जिससे छात्रों में समग्र ऐतिहासिक दृष्टिकोण विकसित हो सके।

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