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NCERT Books Name: अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकों के हिंदी नाम पर विवाद, एनसीईआरटी पर भड़के केरल के शिक्षा मंत्री
Tue, 15 Apr 2025 05:48 AM IST
ज्योति भास्कर
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Tue, 15 Apr 2025 05:48 AM IST
सार
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने अंग्रेजी माध्यम की किताबों के हिंदी नाम रखे हैं। भाषा विवाद के बीच नई किताबें आईं हैं। शिक्षाविदों और भाषा विशेषज्ञों में बहस छिड़ गई है। एनसीईआरटी पर भड़के केरल के शिक्षा मंत्री ने फैसले को वापस लेने की मांग की है।
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एनसीईआरटी की पुस्तकों के हिंदी नाम पर विवाद
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
विस्तार
देश में छिड़े भाषा विवाद के बीच राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने अंग्रेजी माध्यम की अपनी कई नई पाठ्यपुस्तकों को रोमन लिपि में हिंदी नाम दे दिए हैं। इनमें अंग्रेजी की पुस्तकें भी शामिल हैं। पुस्तकों को हिंदी शीर्षक दिए जाने के बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया है। इस कदम के बाद शिक्षाविदों और भाषा विशेषज्ञों के बीच बहस छिड़ गई है। कुछ विशेषज्ञ इसे भ्रमित करने वाला और शैक्षिक परंपराओं से विचलन मान रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम गैर-हिंदी भाषी क्षेत्रों में हिंदी को बढ़ावा देने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है। तमिलनाडु जैसे राज्य इसका पहले ही विरोध कर चुके हैं।
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उदाहरण के लिए, कक्षा 6 की अंग्रेजी पाठ्यपुस्तक को पहले हनीसकल के नाम से जाना जाता था, अब इसका नया नाम पूर्वी है। पूर्वी हिंदी शब्द है, जिसका अर्थ पूर्व दिशा है। यह एक शास्त्रीय संगीत राग का भी नाम है। इसी तरह, कक्षा एक और 2 की पाठ्यपुस्तकों को अब मृदंग और कक्षा 3 की किताबों को संतूर नाम दिया गया है। ये दोनों भारतीय वाद्य यंत्रों के नाम हैं। गणित की किताबों के लिए भी यही पैटर्न अपनाया गया है। कक्षा 6 की गणित की किताब, जो पहले अंग्रेजी में मैथमेटिक्स और हिंदी में गणित थी, अब दोनों भाषाओं में गणित प्रकाश के नाम से हैं।
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एनसीईआरटी ने नहीं स्पष्ट किया कारण
कक्षा 6 की अंग्रेजी की पुस्तक की प्रस्तावना एनसीईआरटी के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने लिखी है। अकादमिक समन्वयक कीर्ति कपूर ने इसका परिचय लिखा है। उन्होंने हिंदी शीर्षक पूर्वी चुनने के पीछे का कारण नहीं बताया है। प्रस्तावना में सिर्फ इतना कहा गया है कि पुस्तक में भारतीय ज्ञान प्रणालियों, सांस्कृतिक विरासत के तत्व शामिल हैं। इसमें लैंगिक समानता, डिजिटल कौशल और पर्यावरण की देखभाल जैसे मूल्यों को शामिल किया गया है।
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उच्चारण संबंधी दिक्कतें आ सकती हैं: विशेषज्ञ
भाषा विशेषज्ञों का कहना है कि रोमन लिपि में हिंदी शीर्षक देने से उच्चारण संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। उदाहरण के लिए, गणित शब्द में ण का उच्चारण रोमन लिपि में सही ढंग से व्यक्त नहीं होता। यह कदम विद्यार्थियों व शिक्षकों के लिए जटिलता पैदा कर सकता है।
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कई किताबों के नहीं बदले नाम
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत 2023 से नई पुस्तकें प्रकाशित की जा रही हैं। कक्षा एक से 6 की किताबें पहले आ चुकी हैं। अब कक्षा 4, 5, 7 और 8 की किताबें जारी की जा रही हैं। सभी किताबों के नाम नहीं बदले गए हैं। जैसे कक्षा 6 की विज्ञान की किताब अंग्रेजी में क्यूरियोसिटी, हिंदी में जिज्ञासा और उर्दू में तजस्सुस है।
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एनसीईआरटी पर भड़के केरल के शिक्षा मंत्री, फैसले को वापस लेने की मांग
केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री वी शिवकुट्टी ने सोमवार को एनसीईआरटी के अंग्रेजी माध्यम की पाठ्यपुस्तकों के लिए हिंदी शीर्षक अपनाने के फैसले की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे गंभीर तर्कहीनता और भारत की भाषाई विविधता को कमजोर करने वाला कदम करार दिया।शिवकुट्टी ने कहा कि लंबे समय से चले आ रहे अंग्रेजी शीर्षकों को मृदंगम और संतूर जैसे हिंदी शीर्षकों से बदलना अनुचित है। ये बदलाव केरल की भाषाई विविधता को संरक्षित करने और क्षेत्रीय सांस्कृतिक स्वायत्तता को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी शीर्षक छात्रों में संवेदनशीलता और समझ को बढ़ावा देते हैं। शिवकुट्टी ने कहा कि एनसीईआरटी का यह निर्णय संघीय सिद्धांतों और सांविधानिक मूल्यों को कमजोर करता है। उन्होंने एनसीईआरटी से इस फैसले की समीक्षा कर इसे वापस लेने की मांग की और सभी राज्यों से ऐसे थोपन के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया।
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