NEP 2020: राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तीन साल पूरे, यूनिसेफ इंडिया की प्रतिनिधि ने की सरकार की सराहना
NEP 2020: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तीन साल पूरे हो चुके हैं। तीसरी वर्षगांठ के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'शिक्षा महाकुंभ' का उद्घाटन किया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
NEP 2020: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तीन साल पूरे हो चुके हैं। तीसरी वर्षगांठ के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'शिक्षा महाकुंभ' का उद्घाटन किया। इस मौके पर यूनिसेफ इंडिया की प्रतिनिधि सिंथिया मैकफेरी (Cynthia McCaffrey) ने भारत सरकार और शिक्षा मंत्रालय के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा सबसे महान उपहारों में से एक है जो हम अपने बच्चों को दे सकते हैं। भारत और शिक्षा मंत्रालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तीन साल पूरे कर रहे हैं। आइए हम एक उज्जवल और अधिक समृद्ध भविष्य का निर्माण जारी रखें।
उन्होंने ट्विटर पर साझा किए वीडियो संदेश में कहा कि 95 फीसदी बच्चे जिनकी उम्र 06 से 10 वर्ष के बीच है, वे स्कूल जा रहे हैं। ज्यादा बच्चों तक शिक्षा की पहुंच हो सकी है। जिससे उन्हें आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। यह कदम वाकई में प्रेरणादाई है। निपुण भारत योजना इस क्षेत्र में बच्चों के माइंड के विकास में कारगर साबित हो रही है, उन्हें आगे बढ़ने के लिए गाइडेंस भी दे रही है।
Education is one of the greatest gifts we can give to our children.
— Cynthia McCaffrey (@UNICEFIndiaRep) July 29, 2023
As India and the Ministry of Education complete #3YearsofNEP, let us continue to build a brighter and more prosperous future #ForEveryChild.@UNICEFIndia @EduMinOfIndia pic.twitter.com/SICmhTi8op
उन्होंने आगे कहा कि इसके तहत शिक्षकों की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। शिक्षा के तरीके में बदलाव हुआ है। यह पूरी यात्रा गर्व की अनुभूति और प्रेरणादायक है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षा के भविष्य को देखते हुए सुधार किए जा रहे हैं। एक नया स्वरूप देने की कोशिश चल रही है। जो हर बच्चे तक आसानी से पहुंच सके। उसके लिए सुलभ हो।
उन्होंने कहाकि यूनिसेफ की तरफ से सभी निष्ठावान शिक्षकों, अभिभावकों, सभी मदद करने वाली कम्युनिटीज, जिन्होंने इसे सफल बनाया है उन्हें सभी को हृदय से बधाई। शिक्षा केवल किताबों और परीक्षा तक ही नहीं सीमित है, बल्कि यह उत्सुकता और जानने की ललक भी, समस्याओं के निदान, भावनात्मक रूप से कैसे मजबूत बनें, युवा कैसे देश दुनिया की चीजों से निपटें ये सब भी शिक्षा से ही संभव है।
कमेंट
कमेंट X