Mentorship: क्या आपको मेंटर की जरूरत है? जानिए माइक्रो-मेंटरशिप से कैसे पाएं प्रभावी मार्गदर्शन
Career Tips: कई बार आपको यह एहसास ही नहीं हो पाता कि आपके आसपास पहले से ही अच्छी सलाह देने वाले लोग मौजूद हैं। इन पर ध्यान देने के बजाय आप ऐसे पेशेवरों को तवज्जो देते हैं, जो काफी मशहूर होते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Mentorship: एक अच्छा मेंटर आपके लिए, खासकर करियर के शुरुआती पड़ाव पर, बेहद जरूरी होता है। कभी-कभी ऐसा मार्गदर्शक ढूंढना काफी मुश्किल हो जाता है, जिसके पास आपको सही सलाह देने के लिए समय और रुचि हो। इस वजह से कई लोगों को सही और सटीक मार्गदर्शन नहीं मिल पाता है। हालांकि, मेंटरशिप के लिए आपके पास ऐसे विकल्प भी मौजूद होते हैं, जिन्हें आप जाने-अनजाने में अनदेखा कर देते हैं। ये छिपे हुए विकल्प आपके शिक्षक, दोस्त या माता-पिता हो सकते हैं। इनसे मिलने वाले मार्गदर्शन को ‘माइक्रो-मेंटरशिप’ कहा जाता है। इसका मतलब है कि एक ही मेंटर पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग लोगों से सलाह लेना। इसके जरिये, आप तब भी मेंटरशिप का लाभ उठा सकते हैं, जब आपके पास सही सलाह देने वाला कोई गुरु न हो।
और भी पढ़ें:- यूपी बोर्ड परीक्षा की तीन करोड़ कॉपियों का मूल्यांकन आज से, 1.35 लाख शिक्षक करेंगे कॉपी चेक
छिपे हुए मेंटर को तलाशें
कई बार आपको यह एहसास ही नहीं हो पाता कि आपके आसपास पहले से ही अच्छी सलाह देने वाले लोग मौजूद हैं। इन पर ध्यान देने के बजाय आप ऐसे पेशेवरों को तवज्जो देते हैं, जो काफी मशहूर होते हैं। ये छिपे हुए मेंटर प्रोफेसर, पूर्व शिक्षण सहायक, पारिवारिक मित्र, पिछली इंटर्नशिप के सहकर्मी या दूर के परिचित होते हैं। ये आपको अच्छी नसीहत दे सकते हैं, क्योंकि वे आपकी रुचियों, खूबियों और कमियों को अच्छी तरह से जानते हैं। उनसे राय-मशविरा कतई न करें, जो आपको नहीं जानते और न ही सही सलाह देने के लिए उनके पास वक्त है।
और भी पढ़ें:- परीक्षा में नंबर ही सब कुछ नहीं होते... 12वीं में कम अंक होने के बाद भी आईपीएस बने दिनेश कुमार
क्राउडसोर्स सलाह मांगें
अपने करियर के लिए अहम फैसले लेते वक्त किसी एक इन्सान के फैसले पर निर्भर रहना ठीक नहीं है। इसलिए अपने लिए लोगों का एक समूह बनाएं। आप एक क्राउडसोर्स बनाने के लिए लिंक्डइन पर उन लोगों से भी जुड़ सकते हैं, जो आपके ही क्षेत्र या विषय की जानकारी रखते हों। फिर आप उनसे सहजता से सलाह और उनका मार्गदर्शन मांग सकते हैं।
अपने मन की भी सुनें
आपको किसी अनुभवी व्यक्ति की बात पर भरोसा करने के साथ-साथ अपने अंतर्मन की बात भी सुननी चाहिए। इसके लिए आपको अपने अंदर ऐसी क्षमता विकसित करनी होगी, जिससे आप यह समझ सकें कि आपके लिए क्या सही है और क्या नहीं। आत्म-मूल्यांकन आपको एक ऐसी भूमिका को चुनने में मदद कर सकता है, जिसमें शुरुआती स्तर पर वेतन भले ही कम हो, लेकिन भविष्य में उसके अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और चैटबॉट
आप डिजिटल तकनीक के माध्यम से ऐसे लोगों से भी सलाह ले सकते हैं, जिनके विचार आपको बहुत पसंद हैं या जो आपके रोल मॉडल हैं। ‘आस्क मी एनीथिंग’ सेशन से ऐसे लोगों से जुड़कर उनसे अपने सवाल पूछ सकते हैं। आप अपने सवालों के प्रभावी जवाब जानने के लिए चैटजीपीटी जैसे चैटबॉट की भी मदद ले सकते हैं।
कमेंट
कमेंट X