फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Mentorship: Do you need a mentor? Know how to get effective guidance through micro-mentorship

Mentorship: क्या आपको मेंटर की जरूरत है? जानिए माइक्रो-मेंटरशिप से कैसे पाएं प्रभावी मार्गदर्शन

Wed, 19 Mar 2025 09:07 AM IST
शिवम गर्ग डोरी क्लार्क, हार्वर्ड बिजमेस रिव्यू
डोरी क्लार्क, हार्वर्ड बिजमेस रिव्यू Published by: शिवम गर्ग Updated Wed, 19 Mar 2025 09:07 AM IST
सार

Career Tips: कई बार आपको यह एहसास ही नहीं हो पाता कि आपके आसपास पहले से ही अच्छी सलाह देने वाले लोग मौजूद हैं। इन पर ध्यान देने के बजाय आप ऐसे पेशेवरों को तवज्जो देते हैं, जो काफी मशहूर होते हैं। 

विज्ञापन
Mentorship: Do you need a mentor? Know how to get effective guidance through micro-mentorship
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

विस्तार

Mentorship: एक अच्छा मेंटर आपके लिए, खासकर करियर के शुरुआती पड़ाव पर, बेहद जरूरी होता है। कभी-कभी ऐसा मार्गदर्शक ढूंढना काफी मुश्किल हो जाता है, जिसके पास आपको सही सलाह देने के लिए समय और रुचि हो। इस वजह से कई लोगों को सही और सटीक मार्गदर्शन नहीं मिल पाता है। हालांकि, मेंटरशिप के लिए आपके पास ऐसे विकल्प भी मौजूद होते हैं, जिन्हें आप जाने-अनजाने में अनदेखा कर देते हैं। ये छिपे हुए विकल्प आपके शिक्षक, दोस्त या माता-पिता हो सकते हैं। इनसे मिलने वाले मार्गदर्शन को ‘माइक्रो-मेंटरशिप’ कहा जाता है। इसका मतलब है कि एक ही मेंटर पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग लोगों से सलाह लेना। इसके जरिये, आप तब भी मेंटरशिप का लाभ उठा सकते हैं, जब आपके पास सही सलाह देने वाला कोई गुरु न हो।

विज्ञापन


और भी पढ़ें:- यूपी बोर्ड परीक्षा की तीन करोड़ कॉपियों का मूल्यांकन आज से, 1.35 लाख शिक्षक करेंगे कॉपी चेक

विज्ञापन

छिपे हुए मेंटर को तलाशें

कई बार आपको यह एहसास ही नहीं हो पाता कि आपके आसपास पहले से ही अच्छी सलाह देने वाले लोग मौजूद हैं। इन पर ध्यान देने के बजाय आप ऐसे पेशेवरों को तवज्जो देते हैं, जो काफी मशहूर होते हैं। ये छिपे हुए मेंटर प्रोफेसर, पूर्व शिक्षण सहायक, पारिवारिक मित्र, पिछली इंटर्नशिप के सहकर्मी या दूर के परिचित होते हैं। ये आपको अच्छी नसीहत दे सकते हैं, क्योंकि वे आपकी रुचियों, खूबियों और कमियों को अच्छी तरह से जानते हैं। उनसे राय-मशविरा कतई न करें, जो आपको नहीं जानते और न ही सही सलाह देने के लिए उनके पास वक्त है।

और भी पढ़ें:- परीक्षा में नंबर ही सब कुछ नहीं होते... 12वीं में कम अंक होने के बाद भी आईपीएस बने दिनेश कुमार

क्राउडसोर्स सलाह मांगें

अपने करियर के लिए अहम फैसले लेते वक्त किसी एक इन्सान के फैसले पर निर्भर रहना ठीक नहीं है। इसलिए अपने लिए लोगों का एक समूह बनाएं। आप एक क्राउडसोर्स बनाने के लिए लिंक्डइन पर उन लोगों से भी जुड़ सकते हैं, जो आपके ही क्षेत्र या विषय की जानकारी रखते हों। फिर आप उनसे सहजता से सलाह और उनका मार्गदर्शन मांग सकते हैं।

अपने मन की भी सुनें

आपको किसी अनुभवी व्यक्ति की बात पर भरोसा करने के साथ-साथ अपने अंतर्मन की बात भी सुननी चाहिए। इसके लिए आपको अपने अंदर ऐसी क्षमता विकसित करनी होगी, जिससे आप यह समझ सकें कि आपके लिए क्या सही है और क्या नहीं। आत्म-मूल्यांकन आपको एक ऐसी भूमिका को चुनने में मदद कर सकता है, जिसमें शुरुआती स्तर पर वेतन भले ही कम हो, लेकिन भविष्य में उसके अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और चैटबॉट

आप डिजिटल तकनीक के माध्यम से ऐसे लोगों से भी सलाह ले सकते हैं, जिनके विचार आपको बहुत पसंद हैं या जो आपके रोल मॉडल हैं। ‘आस्क मी एनीथिंग’ सेशन से ऐसे लोगों से जुड़कर उनसे अपने सवाल पूछ सकते हैं। आप अपने सवालों के प्रभावी जवाब जानने के लिए चैटजीपीटी जैसे चैटबॉट की भी मदद ले सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed