एमबीबीएस दाखिला 2026: सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 450 सीटें बढ़ीं, 64 हजार छात्रों को मिलेगा दाखिला
देशभर के मेडिकल छात्रों के लिए अच्छी खबर है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 450 सीटें बढ़ाई गई हैं। इसके साथ ही एम्स को छोड़कर देश में एमबीबीएस सीटों की कुल संख्या 1,40,664 हो गई है।
विस्तार
मेडिकल में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए राहत की खबर है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) की नई सीट मैट्रिक्स में एमबीबीएस की 450 सीटें और बढ़ाई गई हैं। इसके साथ ही देश में एम्स जैसे राष्ट्रीय संस्थानों को छोड़कर एमबीबीएस की कुल सीटों की संख्या 1,40,664 हो गई है। 10 सितंबर की सीट मैट्रिक्स में यह संख्या 1,40,214 थी।
नई सीटें मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की मौजूदा प्रक्रिया के बीच जोड़ी गई हैं। एनएमसी के नए आदेश के मुताबिक, अब कुल 1,40,664 सीटों में 64,121 सरकारी और 76,543 निजी सीटें हैं। महाराष्ट्र में 150 सीटें का और इजाफा हुआ है।
| श्रेणी | एमबीबीएस सीटें |
|---|---|
| कुल एमबीबीएस सीटें | 1,40,664 |
| सरकारी मेडिकल कॉलेज | 64,121 |
| निजी मेडिकल कॉलेज | 76,543 |
| 10 सितंबर की कुल सीटें | 1,40,214 |
| नई बढ़ी सीटें | 450 |
| महाराष्ट्र में बढ़ी सीटें | 150 |
मंजूर सीटों से ज्यादा दाखिला लेने पर होगी कार्रवाई
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने मेडिकल कॉलेजों को मंजूर सीटों से ज्यादा छात्रों का दाखिला नहीं लेने की चेतावनी दी है। कॉलेजों को सिर्फ उतनी ही MBBS सीटों पर प्रवेश देना होगा, जितनी सीटें NMC ने मंजूर और अधिसूचित की हैं। तय क्षमता से अधिक छात्रों का एडमिशन नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और ऐसे कॉलेजों पर नियामकीय या दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है। वहीं, काउंसलिंग कराने वाली अथॉरिटीज को भी MARB की मंजूर संख्या से अधिक सीटों पर दाखिला नहीं देने का निर्देश दिया गया है।
कॉलेज और छात्रों को लेटेस्ट सीट मैट्रिक्स जरूर देखनी चाहिए
एनएमसी ने मेडिकल कॉलेजों को अपनी संस्थान संबंधी जानकारी और मंजूर सीटों की संख्या ध्यान से जांचने को कहा है। अगर सीट मैट्रिक्स में किसी कॉलेज को अपनी जानकारी में कोई गलती या कमी नजर आती है, तो वह इसकी जानकारी MARB के अध्यक्ष या निदेशक को दे सकता है। इसके बाद मामले की जांच कर जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
एनएमसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि मौजूदा सीट मैट्रिक्स को अंतिम नहीं माना जाना चाहिए। अपील कमेटी या किसी सक्षम प्राधिकरण के फैसले के बाद इसमें बदलाव हो सकता है। इसलिए नीट यूजी 2026 के उम्मीदवारों को काउंसलिंग से पहले और काउंसलिंग के दौरान NMC की लेटेस्ट सीट मैट्रिक्स जरूर चेक करनी चाहिए।
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