एक्सप्लेनर: दादा साहब फाल्के पुरस्कार क्या है और किसे मिलता है? जानिए पहले विजेता से लेकर सम्मान की पूरी कहानी
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विस्तार
National Film Award: 22 सितंबर 2026 को गुजरात के एकता नगर में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने वर्ष 2024 के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किए। इसी समारोह में अभिनेता अनंत नाग को वर्ष 2024 का दादा साहब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया गया। यह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सबसे बड़े सम्मानों में एक है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह महत्वपूर्ण घटना है। इससे जुड़े सामान्य ज्ञान के सवाल यूपीएससी, एसएससी, रेलवे, बैंकिंग और पुलिस भर्ती जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जा सकते हैं।
ऐसे में आइए जानते हैं कि दादा साहब फाल्के पुरस्कार क्या है? इसकी शुरुआत कब हुई? यह पुरस्कार किस महान शख्सियत के नाम पर है? यह किन लोगों को दिया जाता है? पुरस्कार के लिए चयन कैसे होता है? पुरस्कार में क्या-क्या दिया जाता है? और अब तक कौन-कौन ये पुरस्कार पा चुके हैं।
दादा साहब फाल्के पुरस्कार क्या है?
दादा साहब फाल्के पुरस्कार भारतीय सिनेमा में उत्कृष्ट योगदान और लंबे सिनेमाई सफर को सम्मानित करता है। इसे भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान बताया गया है। 1969 में शुरू हुए इस सम्मान से अब तक कई दिग्गज कलाकार, निर्देशक, निर्माता और संगीतकार सम्मानित हो चुके हैं। वर्ष 2024 का सम्मान अभिनेता अनंत नाग को दिया गया है। यह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से थोड़ा अलग होता है। सीधे शब्दों में समझें तो:
- राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार किसी खास फिल्म, कलाकार या तकनीकी उपलब्धि के लिए मिल सकता है।
- दादा साहब फाल्के पुरस्कार किसी व्यक्ति के भारतीय सिनेमा के विकास और योगदान को ध्यान में रखकर दिया जाता है।
- इस पुरस्कार के लिए सामान्य फिल्म पुरस्कारों की तरह प्रविष्टियां नहीं मांगी जातीं।
- एक विशेष रूप से गठित समिति सम्मान के लिए नाम की सिफारिश करती है।
दादा साहब फाल्के पुरस्कार कब शुरू हुआ और इसका नाम किसके नाम पर है?
- इस पुरस्कार का नाम भारतीय सिनेमा के शुरुआती दौर के प्रमुख फिल्मकार धुंडीराज गोविंद फाल्के, यानी दादा साहब फाल्के के नाम पर रखा गया है।
- 1913 में दादा साहब फाल्के ने ‘राजा हरिश्चंद्र’ के जरिए भारतीय सिनेमा के शुरुआती इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
- यह भारत की पहली पूर्ण लंबाई वाली फीचर फिल्म थी।
- करीब पांच दशक बाद 1969 में भारत सरकार ने धुंडीराज गोविंद फाल्के के नाम पर यह पुरस्कार शुरू किया।
- पहली बार यह सम्मान देविका रानी को मिला।
- इसके बाद अभिनय से लेकर निर्देशन, निर्माण, संगीत और गायन तक सिनेमा के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े दिग्गज इस सम्मान से जुड़े।
- अब 2024 के सम्मान के साथ इस सूची में अनंत नाग का नाम भी जुड़ गया है।
दादा साहब फाल्के पुरस्कार किन लोगों को दिया जाता है?
किसी कलाकार को केवल लोकप्रिय होने के कारण यह पुरस्कार नहीं दिया जाता, बल्कि उसके पूरे सिनेमाई योगदान को देखा जाता है। यह पुरस्कार केवल अभिनेताओं के लिए नहीं है। इसकी पिछली सूची देखें तो भारतीय सिनेमा के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े लोगों को यह सम्मान मिला है। इसमें शामिल रहे हैं:
- अभिनेता और अभिनेत्रियां
- निर्देशक
- निर्माता
- संगीतकार
- गायक
- गीतकार
- फिल्म से जुड़े अन्य प्रमुख रचनात्मक व्यक्तित्व
पुरस्कार के लिए चयन कैसे होता है?
यह प्रक्रिया सामान्य राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से कुछ अलग है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की कई श्रेणियों के लिए फिल्में और प्रविष्टियां आमंत्रित की जाती हैं। लेकिन दादा साहब फाल्के पुरस्कार के लिए कोई प्रविष्टि नहीं मांगी जाती।
इसके लिए सरकार एक विशेष चयन समिति गठित करती है। समिति में सिनेमा क्षेत्र की प्रमुख हस्तियां शामिल होती हैं। समिति की सिफारिश के आधार पर पुरस्कार के लिए नाम चुना जाता है।
पुरस्कार में क्या-क्या दिया जाता है?
दादा साहब फाल्के पुरस्कार के साथ तीन प्रमुख चीजें जुड़ी हैं-
- स्वर्ण कमल पदक
- शॉल
- नकद पुरस्कार
सरकार की हाल की आधिकारिक जानकारी के अनुसार 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में दादा साहब फाल्के पुरस्कार के साथ 10 लाख रुपये की नकद राशि निर्धारित है। गौरतलब है कि पुरस्कार की नकद राशि समय-समय पर बदलती रहती है।
1969 से अब तक कौन-कौन पा चुके हैं दादा साहब फाल्के पुरस्कार?
1969 से 1980 तक
| पुरस्कार वर्ष | सम्मानित व्यक्ति |
|---|---|
| 1969 | देविका रानी |
| 1970 | बी. एन. सरकार |
| 1971 | पृथ्वीराज कपूर |
| 1972 | पंकज मलिक |
| 1973 | सुलोचना (रूबी मायर्स) |
| 1974 | बी. एन. रेड्डी |
| 1975 | धीरेन गांगुली |
| 1976 | कानन देवी |
| 1977 | नितिन बोस |
| 1978 | आर. सी. बोराल |
| 1979 | सोहराब मोदी |
| 1980 | पी. जयराज |
1981 से 1990 तक
| पुरस्कार वर्ष | सम्मानित व्यक्ति |
|---|---|
| 1981 | नौशाद अली |
| 1982 | एल. वी. प्रसाद |
| 1983 | दुर्गा खोटे |
| 1984 | सत्यजित रे |
| 1985 | वी. शांताराम |
| 1986 | बी. नागी रेड्डी |
| 1987 | राज कपूर |
| 1988 | अशोक कुमार |
| 1989 | लता मंगेशकर |
| 1990 | अक्किनेनी नागेश्वर राव |
1991 से 2000 तक
| पुरस्कार वर्ष | सम्मानित व्यक्ति |
|---|---|
| 1991 | बालचंद्र गोविंद पेंढारकर |
| 1992 | डॉ. भूपेन हजारिका |
| 1993 | मजरूह सुल्तानपुरी |
| 1994 | दिलीप कुमार |
| 1995 | डॉ. राजकुमार |
| 1996 | शिवाजी गणेशन |
| 1997 | कवि प्रदीप |
| 1998 | बी. आर. चोपड़ा |
| 1999 | ऋषिकेश मुखर्जी |
| 2000 | आशा भोसले |
2001 से 2010 तक
| पुरस्कार वर्ष | सम्मानित व्यक्ति |
|---|---|
| 2001 | यश चोपड़ा |
| 2002 | देव आनंद |
| 2003 | मृणाल सेन |
| 2004 | अडूर गोपालकृष्णन |
| 2005 | श्याम बेनेगल |
| 2006 | तपन सिन्हा |
| 2007 | मन्ना डे |
| 2008 | वी. के. मूर्ति |
| 2009 | डी. रामानायडू |
| 2010 | के. बालाचंदर |
2011 से 2020 तक
| पुरस्कार वर्ष | सम्मानित व्यक्ति |
|---|---|
| 2011 | सौमित्र चटर्जी |
| 2012 | प्राण |
| 2013 | गुलजार |
| 2014 | शशि कपूर |
| 2015 | मनोज कुमार |
| 2016 | के. विश्वनाथ |
| 2017 | विनोद खन्ना |
| 2018 | अमिताभ बच्चन |
| 2019 | रजनीकांत |
| 2020 | आशा पारेख |
2021 से 2024 तक
| पुरस्कार वर्ष | सम्मानित व्यक्ति |
|---|---|
| 2021 | वहीदा रहमान |
| 2022 | मिथुन चक्रवर्ती |
| 2023 | मोहनलाल |
| 2024 | अनंत नाग |
अनंत नाग को क्यों मिला वर्ष 2024 का सम्मान?
भारत सरकार ने 16 सितंबर 2026 को अनंत नाग को वर्ष 2024 के दादा साहब फाल्के पुरस्कार के लिए चुने जाने की घोषणा की थी। यह फैसला दादा साहब फाल्के पुरस्कार चयन समिति की सिफारिश के आधार पर किया गया।
अनंत नाग का भारतीय सिनेमा में योगदान पांच दशक से अधिक का है। उन्होंने कन्नड़ फिल्म ‘संकल्प’ से अभिनय की शुरुआत की थी और ‘अंकुर’ से हिंदी सिनेमा में प्रवेश किया।
उन्होंने कन्नड़, हिंदी, तेलुगु, मलयालम, तमिल और मराठी सहित छह भारतीय भाषाओं की 300 से अधिक फिल्मों में अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाईं। उनके काम में ‘मालगुडी डेज’ भी शामिल है।
परीक्षा के लिहाज से क्यों जरूरी है यह पुरस्कार?
शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा के नजरिए से दादा साहब फाल्के पुरस्कार से जुड़े कुछ तथ्य सीधे पूछे जा सकते हैं।
याद रखने वाले तथ्य:
- शुरुआत: 1969
- पहली सम्मानित: देविका रानी
- किसके नाम पर: दादा साहब फाल्के (धुंडीराज गोविंद फाल्के)
- दादा साहब फाल्के की प्रमुख फिल्म: राजा हरिश्चंद्र
- राजा हरिश्चंद्र कब रीलीज हुई: 1913
- सम्मान का क्षेत्र: भारतीय सिनेमा
- चयन: विशेष रूप से गठित समिति की सिफारिश
- वर्ष 2021: वहीदा रहमान
- वर्ष 2022: मिथुन चक्रवर्ती
- वर्ष 2023: मोहनलाल
- वर्ष 2024: अनंत नाग
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