{"_id":"5de0bd678ebc3e54ce703683","slug":"mahatma-gandhi-gandhipedia-to-be-developed-with-artificial-intelligence-by-iits-ans-ncsm","type":"story","status":"publish","title_hn":"आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार होगा देश का पहला 'गांधीपीडिया'","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार होगा देश का पहला 'गांधीपीडिया'
Fri, 29 Nov 2019 12:10 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया
Updated Fri, 29 Nov 2019 12:10 PM IST
विज्ञापन
महात्मा गांधी
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दो भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT - Indian Institute of Technology) और राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद् (NCSM - National Council of Science Museums) साथ मिलकर 'गांधीपीडिया' (Gandhipedia) तैयार करेंगे। महात्मा गांधी के 150वें जन्मदिवस के संदर्भ में ये फैसला लिया गया है।
विज्ञापन
शुक्रवार, 29 नवंबर को आईआईटी खड़गपुर ने इस बारे में बताया कि ये पूरा प्रोजेक्ट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से पूरा किया जाएगा। इस गांधीपीडिया में माहात्मा गांधी द्वारा लिखी गई चिट्ठियों, किताबों का ऑनलाइन संग्रह रहेगा।
विज्ञापन
पहले चरण में महात्मा गांधी द्वारा लिखी गई 40 से ज्यादा किताबों को डिजिटल स्वरूप में बदला जाएगा। आईआईटी खड़गपुर द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि इन किताबों के माध्यम से समाज के उन सभी लोगों को भी जोड़ने में मदद मिलेगी जिन्होंने महात्मा गांधी को प्रभावित किया या उनसे प्रेरित हुए।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें : इस यूनिवर्सिटी ने दुनिया को दिए सबसे ज्यादा अमीर, छात्र चंदे में देते हैं दो-तीन लाख करोड़
कहा जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट का पहला चरण अगले साल मार्च में पूरा कर लिया जाएगा। जबकि अन्य चार चरणों को 2024 के मार्च तक पूरा किए जाने की उम्मीद है।
एनसीएसएम और आईआईटी खड़गपुर के अलावा इस प्रोजेक्ट में आईआईटी गांधीनगर भी जु़ड़ा है। एनसीएसएम एक स्वायत्त संस्धा है जो संस्कृति मंत्रालय के अधीन कार्य करती है।
आईआईटी खड़गपुर के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के प्रो अनिमेष मुखर्जी ने कहा कि महात्मा गांधी की किताब 'माय एक्सपेरिमेंट्स विद ट्रूथ' पहली किताब होगी जिसका उनके सोशल नेटवर्क के पुनर्निर्माण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। प्रो. अनिमेष मुखर्जी ही इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी की किताबें, चिट्ठियां समेत उनके कुल 100 कार्यों को इस पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
ये भी पढ़ें : सरकारी नौकरी का लालच : चपरासी के 368 पदों के लिए 23 लाख आवेदन, ढाई लाख इंजीनियर्स भी शामिल
कमेंट
कमेंट X