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Ajit Pawar Education: कितने पढ़े-लिखे थे महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार? जानें उनकी शैक्षणिक योग्यता

Wed, 28 Jan 2026 01:51 PM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शाहीन परवीन Updated Wed, 28 Jan 2026 01:51 PM IST
सार

Ajit Pawar Education Qualification: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार का बारामती में हुए प्लेन हादसे में दुखद निधन हो गया। आइए जानते हैं छह बार के डिप्टी सीएम रह चुके अजीत पवार कितने पढ़े-लिखे थे?

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Maharashtra Deputy CM Ajit Pawar’s Education: What Was His Qualification?
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार - फोटो : ANI

विस्तार

Ajit Pawar Education: महाराष्ट्र के पुणे जिले के बारामती में हुए विमान हादसे में उप मुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया है। इस हादसे में विमान में सवार अन्य चार लोग भी बच नहीं पाए। यह दुर्घटना तब हुई जब एनसीपी नेता अजीत पवार (66) और अन्य लोगों को ले जा रहा विमान बारामती के रनवे के पास क्रैश लैंड हो गया।

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अजीत पवार के इस दर्दनाक हादसे में निधन से महाराष्ट्र समेत पूरे देश में हड़कंप मच गया है। आइए जानते हैं, छह बार के डिप्टी सीएम रह चुके अजीत पवार की शैक्षणिक योग्यता क्या रही है।

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अजित पवार का जन्म

अजित पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में हुआ था। वे एनसीपी प्रमुख शरद पवार के बड़े भाई अनंतराव पवार के बेटे थे। उनके पिता वी. शांताराम राजकमल स्टूडियो में काम करते थे। राजनीति में उनका सफर अपने चाचा शरद पवार के मार्गदर्शन में शुरू हुआ। जनता और समर्थकों के बीच वे ‘दादा’ के नाम से जाने जाते थे।

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कितने पढ़े-लिखे थे?

उन्होंने अपने एक साक्षात्कार में कहा है, कि वे दसवीं कक्षा में एक विषय में अनुत्तीर्ण हुए थे, लेकिन अगले वर्ष उस विषय की परीक्षा देकर पास हो गए। वे खुद को पढ़ाई में बहुत अच्छा नहीं मानते थे और शिक्षा में उन्होंने कुछ समय के लिए अंतराल भी लिया।

उन्होंने आगे कहा, "मैंने बी.कॉम की पढ़ाई की... लेकिन मैं बी.कॉम का छात्र नहीं बन पाया। मेरा एक सेमेस्टर बाकी है। एक सेमेस्टर के बाद आप बी.कॉम की परीक्षा नहीं दे सकते। फिर आपको 12वीं की परीक्षा देनी होगी।" इसी कारण वे अपने आप को हमेशा 12वीं पास ही बताते थे। छात्र जीवन से ही उनका झुकाव सामाजिक और सार्वजनिक कार्यों की ओर था, जिसने उन्हें आगे चलकर सक्रिय राजनीति में कदम रखने के लिए प्रेरित किया।

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