Jaipuria: जयपुरिया लखनऊ बना उद्यमिता का केंद्र, मयंक सिसोदिया को मिला शार्क टैंक इंडिया से 1 करोड़ का निवेश
Jaipuria: जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट अपने यहां के छात्रों के ड्रीम्स को बढ़ावा देने के लिए अपने एमबीए पाठ्यक्रम में एक्सपीरियंशियल एजुकेशन पर विशेष ध्यान दे रहा है। यहां से पढ़े मयंक सिसोदिया को शार्क टैंक इंडिया से एक करोड़ रुपये का निवेश मिला है।
विस्तार
Jaipuria:जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट हमेशा से ही अपने नवाचारों और विशेष पहलों के लिए जाना जाता है। साथ ही जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट "स्टूडेंट फर्स्ट" के सिद्धांत को आगे रखता है, इसलिए यह संस्थान जो भी गतिविधियां संचालित करता है उसका मुख्य उद्देश्य छात्र विकास और उनकी भागीदारी होती है।
आज के बदलते परिवेश में कई सारे युवा नौकरी करने की जगह अपना खुद का बिजनेस या स्टार्टअप शुरू करने के प्रति काफी ज्यादा आकर्षित हैं। बीते कुछ वर्षों में भारत में स्टार्टअप कल्चर काफी तेजी से बढ़ा है, जिसके परिणामस्वरूप कई सारे युवाओं ने सफलतापूर्वक न सिर्फ खुद का स्टार्टअप शुरू किया है, बल्कि वो उसे आज नई ऊंचाइयों तक लेकर गए हैं।
भारत में बढ़ते हुए इसी स्टार्टअप कल्चर और युवाओं का इसके प्रति आकर्षण को समझते हुए, जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट ने अपने यहां के छात्रों के ड्रीम्स को बढ़ावा देने के लिए अपने एमबीए पाठ्यक्रम में अनुभवात्मक शिक्षा अर्थात् एक्सपीरियंशियल एजुकेशन पर विशेष ध्यान दिया है। इसके तहत वो छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ खुद बिजनेस आईडिया या स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रोत्साहन और आर्थिक मदद भी प्रदान करने का कार्य करते हैं।
जयपुरिया लखनऊ कैंपस ने मैनेजमेंट के छात्रों के लिए डिजाइन थिंकिंग और एंटरप्रेन्योरशिप (उद्यमिता) जैसे पाठ्यक्रमों का संचालन कर रहा हैं। इनका मुख्य उद्देश्य छात्रों को न्यू एज टेक्नोलॉजी और उद्यमिता कल्चर के अनुसार ज्ञान प्रदान करना हैं, ताकि वो प्रोफेशनल जगत के साथ-साथ खुद के स्टार्टअप के लिए तैयार हो सके। इन्हीं पाठ्यक्रमों के मदद से जयपुरिया लखनऊ के कैंपस में कई छात्रों ने खुद के स्टार्टअप आईडिया पर काम करते हुए सफलता से अपना स्टार्टअप स्थापित किया है। ऑनेस्ट होम कंपनी, इंफ्रा मंत्रा प्राइवेट लिमिटेड और लिबास-ए-लखनऊ जैसी तीन स्टार्टअप कंपनियों की शुरुआत हुई और इन तीनों कंपनियों के संस्थापकों ने जयपुरिया लखनऊ से ही अपनी पढ़ाई पूरी की थी।
जयपुरिया लखनऊ कैंपस ने मैनेजमेंट के छात्रों के लिए डिजाइन थिंकिंग और एंटरप्रेन्योरशिप (उद्यमिता) जैसे पाठ्यक्रमों का संचालन कर रहा हैं। इनका मुख्य उद्देश्य छात्रों को न्यू एज टेक्नोलॉजी और उद्यमिता कल्चर के अनुसार ज्ञान प्रदान करना हैं, ताकि वो प्रोफेशनल जगत के साथ-साथ खुद के स्टार्टअप के लिए तैयार हो सके। इन्हीं पाठ्यक्रमों के मदद से जयपुरिया लखनऊ के कैंपस में कई छात्रों ने खुद के स्टार्टअप आईडिया पर काम करते हुए सफलता से अपना स्टार्टअप स्थापित किया है। ऑनेस्ट होम कंपनी, इंफ्रा मंत्रा प्राइवेट लिमिटेड और लिबास-ए-लखनऊ जैसी तीन स्टार्टअप कंपनियों की शुरुआत हुई और इन तीनों कंपनियों के संस्थापकों ने जयपुरिया लखनऊ से ही अपनी पढ़ाई पूरी की थी।
जयपुरिया से शार्क टैंक तक: मयंक सिसोदिया की लाखों डॉलर ऊंची छलांग
जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट लखनऊ के पूर्व छात्र मयंक सिसौदिया की हालिया उपलब्धि एक उल्लेखनीय उदाहरण है। मयंक प्रताप सिंह सिसोदिया ने हाल ही में अपने बिजनेस के लिए स्टार्टअप रियलिटी टीवी शो शार्क टैंक इंडिया सीजन 3 पर 1 करोड़ रुपये का उल्लेखनीय निवेश हासिल किया है। मयंक उत्तर प्रदेश के धामपुर के रहने वाले हैं, उन्होंने जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, लखनऊ से बैच 2008-10 मैं एमबीए किया है। मयंक सिसौदिया कहते हैं, "शार्क टैंक पर मेरी सफलता जयपुरिया लखनऊ में सीखे गए अमूल्य पाठों में गहराई से निहित है। कैम्पस ने न केवल मुझे ज्ञान प्रदान किया, बल्कि एंटरप्रेन्योरशिप की मानसिकता भी पैदा की, जिसने मेरी अब तक की यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”
जयपुरिया लखनऊ देता है छात्रों को स्टार्टअप में मदद
छात्रों को स्टार्टअप में मदद करने के लिए जयपुरिया लखनऊ अपने यहां के छात्रों को कई तरह की मदद प्रदान करता है। साथ ही स्टार्टअप में इच्छुक छात्रों के लिए वो सेमिनार, टॉक शो, लाइव प्रोजेक्ट और इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करते हैं।
स्टूडेंट्स के बीच एंटरप्रेन्योरशिप स्किल डेवलप करने के साथ ही उन्हें देश और दुनिया की बेहतरीन कंपनियों में प्लेसमेंट के लिहाज से भी तैयार किया जाता है। हाल के प्लेसमेंट सीजन में एक्सेंचर, जेनपैक्ट, इवैल्यूसर्व, एसएंडपी ग्लोबल, बोस्टन एनालिटिक्स, पीडब्ल्यूसी, डेलॉय और केपीएमजी जैसी रिसर्च और कंसस्टिंग कंपनियों ने जयपुरिया से स्टूडेंट्स को रिक्रूट किया। इंस्टीट्यूट के ग्रेजुएट्स ने स्पेंड एनालिटिक्स, ऑपरेशन, सप्लाई चेन, एचआर, रिसर्च, साइबर सिक्युरिटी, आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग जैसे कई क्षेत्रों में प्रतिष्ठित पोजिशन हासिल की है।
इंस्टीट्यूट की डायरेक्टर डॉ. कविता पाठक कहती हैं ''जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट लखनऊ सिर्फ एक एजुकेशनल इंस्टीट्यूट से कहीं अधिक है, यह महत्वाकांक्षी एंटरप्रेन्योर्स के लिए एक लॉन्चपैड है। 'स्टार्टअप कोच' कार्यक्रम, लाइव प्रोजेक्ट और इंटर्नशिप जैसी पहल के साथ, इंस्टीट्यूट बिजनेस लीडर्स की अगली पीढ़ी को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है।''
कमेंट
कमेंट X