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एकमुश्त मिलेंगे 10 लाख रुपये!: 60 हजार महीना अलग से, देश में पहली बार शुरू हो रही इस पीएचडी के बारे में जानें

Fri, 04 Sep 2026 10:22 AM IST
शाहीन परवीन सीमा शर्मा
सीमा शर्मा Published by: शाहीन परवीन Updated Fri, 04 Sep 2026 10:22 AM IST
सार

देश में पहली बार स्टार्टअप और इंडस्ट्री के सहयोग से पीएचडी करने का अवसर मिलेगा। सरकार ने इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप डॉक्टोरल फेलोशिप को मंजूरी दे दी है, जिससे शोध को उद्योग और उद्यमिता से जोड़ने में मदद मिलेगी।

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India Approves First-Ever Startup-Industry Collaborative PhD Fellowship
देश में पहली बार शुरू हो रही इस पीएचडी के बारे में जानें - फोटो : AI

विस्तार

Doctoral Fellowship: इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और आर्किटेक्चर कॉलेजों में अब स्टार्टअप और इंडस्ट्री कोलैबोरेशन में भी अब पीएचडी होगी। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) काउंसिल ने 2026 सत्र से इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप डॉक्टोरल फेलोशिप प्रोग्राम को मंजूरी दी है। इसमें पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, गरीबी, सामाजिक न्याय व महिला सशक्तीकरण जैसी समस्याओं पर शोध से दिक्कतों का समाधान करना है। इसमें प्रति महीने पहले तीन साल 60 हजार, आखिरी दो वर्ष 70 हजार और शोध एरिया का सामान खरीदने के लिए एकमुश्त 10 लाख रुपये मिलेंगे।

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एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रो. योगेश सिंह ने बताया, स्टार्टअप और इंडस्ट्री कोलैबोरेशन पीएचडी से रोजगार और दिक्कतोंं के समाधान पर फोकस होगा। पहले अकादमिक रिसर्च तक पीएचडी सीमित थी। इसका मकसद देश में इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप आधारित मजबूत अकादमिक वातावरण तैयार करना है। तकनीकी-गैर-तकनीकी क्षेत्रों में बहुविषयक/ अंतर-विषयक पीएचडी शोध को बढ़ावा दिया जाएगा। अब इनोवेशन-पेटेंट या प्रोटोटाइप, इंडस्ट्री कोलैबोरेशन, स्टार्टअप कमर्शियलाइजेशन, सोशल इंपैक्ट पर काम होगा। इसमें पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, गरीबी, सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण जैसी समस्याओं को शोध के माध्यम से ठीक करने पर काम होगा।

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पीएचडी में 10 लाख मिलेंगे: 

5 साल की पीएचडी में एकमुश्त 10 लाख मिलेंगे। इस राशि का इस्तेमाल रिसर्च, प्रोटोटाइम प्रोसेस, पॉलिसी सर्विस, इनोवेशन, टेस्टिंग, फील्ड ट्रायल, डाटा कोलेक्शन समेत यात्रा भत्ता पर प्रयोग होगा।

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एनआईआरएफ टॉप-150 रैंकिंग वाले कॉलेजों को मौका : एनआईआरएफ टॉप-150 रैंकिंग, इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस के अलावा रिसर्च सुविधा वाले कॉलेज इस पीएचडी प्रोग्राम में पढ़ाई करा सकते हैं।

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