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खुशखबर: IIT में कमजोर छात्रों को मिलेगा कोर्स छोड़ने का विकल्प, लेकिन जारी रहेगी पढ़ाई

Thu, 26 Sep 2019 12:04 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया सीमा शर्मा, नई दिल्ली
सीमा शर्मा, नई दिल्ली Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Thu, 26 Sep 2019 12:04 PM IST
सार

  • आईआईटी के कमजोर छात्रों के लिए राहत की खबर
  • बीटेक की पढ़ाई का बोझ नहीं सह पाए, तो संस्थान देगा कोर्स बदलने का मौका

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IIT to offer course change option to weak students of BTech, Can shift to BSc Engineering

विस्तार

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT - Indian Institute of Technology) के उन छात्रों के लिए राह आसान होने वाली है, जो बीटेक (BTech) की पढ़ाई का बोझ सहन नहीं कर पा रहे, या पढ़ने में कमजोर हैं। आईआईटी ऐसे छात्रों के लिए कोर्स से बाहर निकलने का विकल्प ला रहा है। 

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इसके तहत बीटेक की पढ़ाई का बोझ न झेल पाने वाले छात्रों को अब फेल होने पर उस कोर्स को छोड़ने का विकल्प मिलेगा। ऐसे छात्रों को फिर बीएससी इंजीनियरिंग (BSc Engineering) कोर्स में शिफ्ट किया जाएगा। इस मुद्दे पर 27 सितंबर को आईआईटी दिल्ली में होने वाली काउंसिल की बैठक में चर्चा होगी।
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आईआईटी को क्यों लेना पड़ रहा है ये फैसला

सूत्रों का कहना है कि आईआईटी में बीटेक के पहले सेमेस्टर में ही करीब तीन हजार छात्र फेल हो जाते हैं। उन्हें आईआईटी दोबारा परीक्षा का मौका तो देता है, पर तनाव के चलते कुछ ही छात्र सफल हो पाते हैं। ऐसे छात्र आईआईटी से बाहर निकाले जाने के बाद कहीं दाखिला नहीं ले पाते। तनाव के कारण दर्जनों छात्र हर साल आत्महत्या कर लेते हैं।

आईआईटी प्रबंधन इसी सत्र से ऐसे छात्रों को बीएससी इंजीनियरिंग के दूसरे सेमेस्टर में शिफ्ट करने की तैयारी कर रहा है। इस डिग्री प्रोग्राम में छह सेमेस्टर की पढ़ाई होगी। अगर काउंसिल बैठक में सभी 23 आईआईटी इस बात पर सहमत होते हैं, तो यह योजना इसी सत्र लागू हो जाएगी। 

इसके अलावा आरक्षित वर्ग के कमजोर छात्रों को स्कॉलरशिप के साथ एक साल का विस्तार देने का प्रस्ताव भी आएगा। संस्थानों की रैंकिंग गिरने के मामले पर भी चर्चा होगी।

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दो सालों में 2461 छात्रों ने पढ़ाई छोड़ी

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने हाल में ही आईआईटी के संबंध में एक रिपोर्ट जारी की थी। बताया गया था कि पिछले दो सालों में आईआईटी के 2461 छात्रों ने अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ दी। पाठ्यक्रम समझ नहीं आना, तनाव और नौकरी इसका मुख्य कारण था।

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