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UGC और AICTE हो जाएंगे खत्म? कैबिनेट के सामने आने वाला है विधेयक
Wed, 25 Sep 2019 02:21 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया
Updated Wed, 25 Sep 2019 02:21 PM IST
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भारतीय उच्च शिक्षा आयोग (HECI - Higher Education Commision if India) गठित करने के प्रस्ताव वाले विधेयक को अक्तूबर 2019 में कैबिनेट के समक्ष लाया जाएगा। अगले महीने कैबिनेट में इस प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।
इस विधेयक में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC - University Grants Commission) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE - All India Council For Technical Education) को HECI के दायरे में लाने का प्रावधान किया गया है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) के अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी दी है।
गौरतलब है कि मंत्रालय ने पिछले साल विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम को निरस्त कर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को विस्थापित करने एवं भारतीय उच्च शिक्षा आयोग (एचईसीआई) की स्थापना करने की घोषणा की थी।
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मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, 'भारतीय उच्च शिक्षा आयोग एकल नियामक के रूप में काम करेगा। यह विधेयक राज्यों के साथ व्यापक विचार विमर्श के बाद तैयार किया गया है। इसे अक्तूबर में कैबिनेट के समक्ष लाया जाएगा।’
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केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (HRD Minister Ramesh Pokhariyal Nishank) ने जुलाई में संसद में बताया था कि एचईसीआई शैक्षणिक मानदंड को बनाए रखने, गुणवत्ता को बेहतर बनाने, अच्छा प्रदर्शन करने वाली संस्थाओं व ज्ञान, नवाचार को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
गौरतलब है कि अब तक यूजीसी देशभर में विश्वविद्यालयों के नियमन का कार्य करता है। जबकि एआईसीटीई इंजीनियरिंग, फार्मेसी, प्रबंधन एवं अन्य तकनीकी शिक्षा प्रदान करने वाले कालेजों व संस्थानों के नियमन का कार्य करता है। विधेयक पारित होने के बाद देश में उच्च शिक्षा व शिक्षण संस्थानों से जुड़े मुख्य अधिकार एचईसीआई के पास होंगे।
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इस विधेयक में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC - University Grants Commission) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE - All India Council For Technical Education) को HECI के दायरे में लाने का प्रावधान किया गया है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) के अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी दी है।
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गौरतलब है कि मंत्रालय ने पिछले साल विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम को निरस्त कर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को विस्थापित करने एवं भारतीय उच्च शिक्षा आयोग (एचईसीआई) की स्थापना करने की घोषणा की थी।
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क्यों जरूरी है HECI
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इसे टिप्पणियों और सुझावों के लिए सार्वजनिक किया है। इस विधेयक के प्रस्तावों पर विभिन्न पक्षकारों से राय मांगी गई है। कहा गया है कि भारतीय उच्च शिक्षा आयोग (एचईसीआई) का उद्देश्य उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षा के स्तर को सुधारना है।मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, 'भारतीय उच्च शिक्षा आयोग एकल नियामक के रूप में काम करेगा। यह विधेयक राज्यों के साथ व्यापक विचार विमर्श के बाद तैयार किया गया है। इसे अक्तूबर में कैबिनेट के समक्ष लाया जाएगा।’
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केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (HRD Minister Ramesh Pokhariyal Nishank) ने जुलाई में संसद में बताया था कि एचईसीआई शैक्षणिक मानदंड को बनाए रखने, गुणवत्ता को बेहतर बनाने, अच्छा प्रदर्शन करने वाली संस्थाओं व ज्ञान, नवाचार को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
गौरतलब है कि अब तक यूजीसी देशभर में विश्वविद्यालयों के नियमन का कार्य करता है। जबकि एआईसीटीई इंजीनियरिंग, फार्मेसी, प्रबंधन एवं अन्य तकनीकी शिक्षा प्रदान करने वाले कालेजों व संस्थानों के नियमन का कार्य करता है। विधेयक पारित होने के बाद देश में उच्च शिक्षा व शिक्षण संस्थानों से जुड़े मुख्य अधिकार एचईसीआई के पास होंगे।
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