School Safety: सरकार ने सभी स्कूलों में सुरक्षा ऑडिट किया अनिवार्य, शिक्षा मंत्रालय ने जारी किए कड़े निर्देश
Education Ministry Directive: शिक्षा मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को स्कूलों में सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य करने का निर्देश दिया है। इसमें भवन की संरचनात्मक जांच, आपातकालीन तैयारी और बच्चों की मानसिक सुरक्षा शामिल है।
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Safety Audit in Schools: शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों के लिए सुविधाओं की जांच के लिए अनिवार्य सुरक्षा ऑडिट करवाने का निर्देश जारी किया है। यह कदम राजस्थान के झालावाड़ जिले में एक सरकारी स्कूल भवन के ध्वस्त होने की दर्दनाक घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें सात बच्चों की मौत हो गई और 28 घायल हुए।
सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य
मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों को तुरंत कदम उठाकर छात्रों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करनी होगी। इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुसार स्कूलों और बाल संबंधित सुविधाओं का अनिवार्य सुरक्षा ऑडिट, कर्मचारियों और छात्रों को आपातकालीन तैयारियों का प्रशिक्षण और परामर्श व सहकर्मी नेटवर्क के जरिए मानसिक समर्थन शामिल है।”
उन्होंने बताया कि भवन की संरचनात्मक मजबूती, अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन निकास मार्ग और विद्युत वायरिंग की जांच बेहद जरूरी है। साथ ही कर्मचारियों और छात्रों को बचाव अभ्यास, प्राथमिक चिकित्सा और सुरक्षा नियमों की जानकारी होनी चाहिए।
नियमित प्रशिक्षण व अभ्यास कराने का भी दिया सुझाव
शिक्षा मंत्रालय ने स्थानीय अधिकारियों जैसे राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, फायर सर्विस, पुलिस और मेडिकल एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाने और नियमित प्रशिक्षण व अभ्यास कराने का भी सुझाव दिया है।
सिर्फ शारीरिक सुरक्षा ही नहीं, मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक भलाई पर भी जोर देते हुए मंत्रालय ने स्कूलों में परामर्श सेवाओं, सहकर्मी सहायता प्रणालियों और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने की बात कही है।
किसी भी जोखिमपूर्ण स्थिति, दुर्घटना या बच्चे से जुड़ी खतरे की घटना को 24 घंटे के भीतर संबंधित राज्य या केंद्रशासित प्रदेश के प्राधिकारी को रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा। देरी या लापरवाही की स्थिति में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
असुरक्षा की सूचना देने के लिए किया प्रोत्साहित
मंत्रालय ने अभिभावकों, समुदाय के नेताओं और स्थानीय संस्थाओं को भी सतर्क रहने और स्कूलों, सार्वजनिक स्थानों या बच्चों के परिवहन में असुरक्षा की सूचना देने के लिए प्रोत्साहित किया है।
अधिकारी ने कहा, “शिक्षा विभाग, स्कूल बोर्ड और संबद्ध प्राधिकारी बिना विलंब इन सुरक्षा उपायों को लागू करने के लिए तत्काल कार्रवाई करें।”
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