EWS Seats: निजी स्कूलों में ईडब्ल्यूएस की सीटें खाली, अब होगा ड्रा; फरवरी में शुरू हुई थी दाखिला प्रक्रिया
EWS Seats: निजी स्कूलों में ईडब्ल्यूएस की कुछ सीटें अभी भी खाली हैं, इसलिए अब इन सीटों के लिए नया ड्रा आयोजित किया जाएगा। पहले ड्रॉ मार्च में संपन्न हुआ था, लेकिन उसके बाद भी सभी सीटें भर नहीं पाईं।
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Private Schools Admissions: निजी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के तहत नर्सरी, केजी व पहली कक्षा में दाखिले के लिए आर्थिक पिछड़े वर्ग, वंचित वर्ग व दिव्यांग श्रेणी की 25 फीसदी सीटों में से अब भी कुछ सीटें खाली हैं। इन सीटों को भरने के लिए पहला ड्रा मार्च में हुआ था।
उसके बाद भी कुछ ड्रा हो चुके हैं लेकिन सीटें नहीं भरी हैं, जिसके बाद शिक्षा निदेशालय ने एक और ड्रा निकालने का फैसला किया है। दिल्ली के निजी गैर सहायता मान्यता प्राप्त स्कूलों में ईडब्ल्यूएस-वंचित वर्ग के तहत दाखिले के लिए अंतिम कंप्यूटरीकृत ड्रा 19 नवंबर को निकाला जाएगा। यह ड्रा पूरी तरह से अंतिम होगा। हालांकि अभिभावक अब ड्रा निकालने पर सवाल उठा रहे हैं। अभिभावकों के अनुसार अप्रैल 2026 से नया सत्र शुरू हो जाएगा।
ऐसे में अभी नया सत्र शुरू होने में कम ही समय शेष है। चालू सत्र भी मार्च के मध्य तक खत्म हो जाएगा। ऐसे में अब यदि बच्चे को दाखिला मिलता है तो वह कितने दिन पढ़ाई कर पाएगा। दिसंबर के अंत से जनवरी के मध्य तक शीतकालीन अवकाश भी होंगे। इस कारण स्कूल जाने के लिए कम ही समय बचेगा। मालूम हो कि ईडब्ल्यूएस, वंचित वर्ग की 25 फीसदी सीट के अंदर ही तीन फीसदी सीटें विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए होती हैं। दिल्ली के निजी स्कूलों में इन श्रेणियों के लिए इन कक्षाओं में करीब 40 हजार से अधिक सीटें हैं।
40 हजार से अधिक बच्चों तक पहुंची बाल-सुरक्षा
एसओएस चिल्ड्रेन्स विलेजेज इंडिया ने पिछले एक वर्ष में अपनी बाल-सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से 40 हजार से अधिक संवेदनशील बच्चों को सहयोग प्रदान किया है। संगठन का मानना है कि हर बच्चा परिवार के प्यार, सुरक्षित घर और सम्मानजनक भविष्य का हकदार है। छह दशकों से अधिक समय से यह संस्था देशभर में ऐसे बच्चों के लिए सशक्त और सुरक्षित माहौल तैयार करने में लगी है। संस्था के अनुसार, 42 हजार बच्चों को विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सीधे लाभ मिला।
फैमिली लाइक केयर के तहत 5 हजार बच्चों को देशभर के एसओएस विलेजेज में पोषणकारी माहौल मिला, जबकि 33 हजार से अधिक बच्चों को फैमिली स्ट्रेंथनिंग प्रोग्राम के जरिए सहयोग प्रदान किया गया। इसके साथ ही शॉर्ट स्टे होम्स में 343 बच्चों को तत्काल सुरक्षा और मनो-सामाजिक सहायता दी गई। एसओएस इंडिया के सीईओ सुमंता कर ने कहा कि संस्था का लक्ष्य परिवार-आधारित देखभाल को मजबूत करना और बच्चों को सुरक्षित, स्थिर और सम्मानजनक भविष्य देना है।
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