Space Mirror Lab: डीयू में रूस की मदद से बनेगी ‘स्पेस मिरर लैब’, एचएसई यूनिवर्सिटी करेगी सहयोग
HSE University: दिल्ली विश्वविद्यालय और रूस की एचएसई यूनिवर्सिटी ने स्पेस साइंस के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। दोनों संस्थानों के बीच स्टेटमेंट ऑफ कोऑपरेशन पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसके तहत डीयू में अत्याधुनिक स्पेस मिरर लैब स्थापित की जाएगी।
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एचएसई यूनिवर्सिटी के रेक्टर डॉ. निकिता अनिसिमोवा और डीयू रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता ने कुलपति प्रो योगेश सिंह की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए। दोनों यूनिवर्सिटी मिरर लैब के जरिये ऐसे संयुक्त रिसर्च और एजुकेशनल प्रोजेक्ट पर काम करेंगी जो भारत और रूस के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
डीयू कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि दो बड़े संस्थान संयुक्त रूप से अनुसंधान में आगे आए हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तावित सहयोग एचएसई यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर डीयू की फैकल्टी ऑफ टेक्नोलॉजी में एक स्पेस मिरर लैब बनाने के लिए है। एकेडमिक रिसर्च के लिहाज से स्पेस स्पेक्ट्रम में डेटा स्टोरेज, प्रोसेसिंग और ट्रांसमिशन पर डीयू और एचएसई यूनिवर्सिटी के बीच एक वैज्ञानिक मिरर लैब बनाना दूरदर्शी और महत्वाकांक्षी योजना है।
कुलपति ने बताया कि इसके अलावा भी कई और शैक्षणिक परियोजनाएं भी पाइपलाइन में हैं। उन्होंने कहा कि इन अकादमिक और अनुसंधान कार्यक्रमों से दोनों विश्वविद्यालयों के छात्रों और शिक्षकों को लाभ होगा। इस दौरान रूस की ओर से एचएसई यूनिवर्सिटी के उपाध्यक्ष डॉ. मनोज शर्मा एवं उनके साथ अनास्तासिया सर्गेवा उपस्थित रहीं। वहीं डीयू के डीन ऑफ कॉलेजेज प्रो बलराम पाणी, स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग की निदेशक प्रो पायल मागो, डीयू इंटरनेशनल रिलेशन की अध्यक्ष प्रो नीरा अग्निमित्रा, डीन इंटरनेशनल रिलेशन प्रो अनिल राय, फैकल्टी ऑफ टेक्नोलॉजी के डीन प्रो संजीव सिंह तथा डीन अकदामिक प्रो के रत्नाबली समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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