Abroad Study: आईआईएम अहमदाबाद और आईआईएफटी के कैंपस दुबई में खुलेंगे, भारत-यूएई रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती
Crown Prince Al Maktoum India Visit: दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम की भारत यात्रा के दौरान समग्र द्विपक्षीय संबंधों को प्रगति देने के प्रयासों के तहत दुबई में भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद और भारतीय विदेश व्यापार संस्थान का एक परिसर खोलने का निर्णय शामिल है।
विस्तार
Crown Prince Al Maktoum India Visit: दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। इनमें समग्र द्विपक्षीय संबंधों को प्रगति देने के प्रयासों के तहत दुबई में भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद (IIM-Ahmedabad) और भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (IIFT) का एक परिसर खोलने का निर्णय शामिल है।
अल मकतूम द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ अलग-अलग बैठकों के कुछ घंटों बाद इन निर्णयों की घोषणा की गई।
पहला विदेशी परिसर होगा स्थापित
विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (आईआईएफटी) का पहला विदेशी परिसर दुबई में स्थापित किया जाएगा और खाड़ी शहर में भारत-यूएई मैत्री अस्पताल के निर्माण के लिए भूमि आवंटित की जाएगी।
आईआईएम अहमदाबाद ने एक्स पर दी जानकारी
आईआईएम अहमदाबाद ने अपने एक्स प्लेटफॉर्म पर ट्वीट करते हुए लिखा कि यह बताते हुए हमें बेहद खुशी हो रही है कि हम दुबई इंटरनेशनल एकेडमिक सिटी में IIMA दुबई ब्रांच कैंपस के साथ अपनी वैश्विक उपस्थिति का विस्तार कर रहे हैं। IIMA के निदेशक प्रोफेसर और दुबई के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन विभाग के महानिदेशक महामहिम हेलाल सईद आलमारी के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।Excited to share that we are expanding our global footprint with the IIMA Dubai Branch Campus at the Dubai International Academic City!
— IIM Ahmedabad (@IIMAhmedabad) April 9, 2025
The MoU was signed between IIMA Director Prof @BhaskerBharat and HE Helal Saeed Almarri, Director General, Dubai’s Dept. of Economy & Tourism. pic.twitter.com/FhmNcEWQRj
मोदी के साथ अपनी बैठक में दुबई के क्राउन प्रिंस ने प्रधानमंत्री को अपने दादा शेख राशिद के बिष्ट की प्रतिकृति भेंट की, जो दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और पीढ़ीगत राजनीतिक मित्रता का प्रतीक है। दोनों नेताओं ने भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी और मजबूत सांस्कृतिक और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर भी चर्चा की।
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