फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   CBSE Introduces Alternative Assessment for Class 12 Students in West Asia, Check Evaluation Method

CBSE: पश्चिम एशिया में कक्षा 12 के लिए सीबीएसई ने लागू किया वैकल्पिक मूल्यांकन सिस्टम; ऐसे तैयार होगा रिजल्ट

Sat, 28 Mar 2026 12:24 PM IST
Akash Kumar एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Akash Kumar Updated Sat, 28 Mar 2026 12:24 PM IST
सार

CBSE: सीबीएसई ने पश्चिम एशिया के कुछ देशों के कक्षा 12 छात्रों के लिए वैकल्पिक मूल्यांकन प्रणाली लागू की है। जो छात्र परीक्षा नहीं दे पाए, उनका रिजल्ट स्कूल के टेस्ट और प्री-बोर्ड अंकों के आधार पर तैयार किया जाएगा।
 

विज्ञापन
CBSE Introduces Alternative Assessment for Class 12 Students in West Asia, Check Evaluation Method
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, CBSE - फोटो : X(@cbseindia29)

विस्तार

CBSE: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने पश्चिम एशिया के कुछ देशों में कक्षा 12 के छात्रों के लिए वैकल्पिक मूल्यांकन प्रणाली लागू करने का फैसला लिया है। यह व्यवस्था उन क्षेत्रों में परीक्षा कराने में आई कठिनाइयों को देखते हुए शुरू की गई है, ताकि छात्रों के परिणाम समय पर जारी किए जा सकें।

विज्ञापन

किन देशों के लिए लागू है यह व्यवस्था?

यह नई प्रणाली बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों में पढ़ने वाले छात्रों पर लागू होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

कैसे तैयार होगा रिजल्ट?

सीबीएसई ने छात्रों को इस आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में रखा है कि उन्होंने कितनी परीक्षाएं दी हैं।

  • जिन छात्रों ने सभी विषयों की परीक्षा दी है, उनका रिजल्ट सामान्य तरीके से बोर्ड परीक्षा के अंकों के आधार पर तैयार होगा।
  • जो छात्र कुछ पेपर नहीं दे पाए, उनके लिए स्कूल आधारित मूल्यांकन अपनाया जाएगा।
विज्ञापन

स्कूल आधारित मूल्यांकन का तरीका

ऐसे छात्रों के लिए स्कूल द्वारा लिए गए टेस्ट जैसे त्रैमासिक, अर्धवार्षिक और प्री-बोर्ड परीक्षाओं के अंक जोड़े जाएंगे।

  • जिन विषयों में थ्योरी 70 या 80 अंकों की है, उनमें इन तीनों परीक्षाओं में से सबसे अधिक अंक को अंतिम परिणाम में शामिल किया जाएगा।
  • जिन विषयों में थ्योरी 60, 50 या 30 अंकों की है, उनमें केवल अंतिम प्री-बोर्ड के अंक जोड़े जाएंगे। यदि छात्र प्री-बोर्ड में शामिल नहीं हुआ है, तो पहले के प्री-बोर्ड के अंक लिए जाएंगे।


प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट के अंक पहले की तरह ही अंतिम परिणाम में जोड़े जाएंगे।

स्कूलों की भूमिका और जिम्मेदारी

इस पूरी प्रक्रिया में स्कूलों की भूमिका अहम होगी। स्कूलों को छात्रों के सभी आंतरिक मूल्यांकन, प्रैक्टिकल और अन्य शैक्षणिक रिकॉर्ड को सही तरीके से संकलित करना होगा। CBSE ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे पूरी पारदर्शिता और सावधानी के साथ यह प्रक्रिया पूरी करें।

विस्तृत विवरण यहां पढ़ सकते हैं...

छात्रों के लिए जरूरी सलाह

छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अपने-अपने स्कूलों के संपर्क में रहें और मूल्यांकन प्रक्रिया व रिजल्ट से जुड़ी हर अपडेट पर नजर बनाए रखें। सीबीएसई की यह पहल सुनिश्चित करती है कि किसी भी परिस्थिति में छात्रों का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो और उन्हें समय पर परिणाम मिल सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed