Career Tips: असफलताओं की फिक्र न करते हुए सीखते रहना जरूरी, रखें पॉजिटिव माइंडसेट
Growth Mindset: वैज्ञानिकों का मानना है कि बुद्धिमानी यानी इंटेलीजेंस को विकसित किया जा सकता है। लेकिन इसके लिए सीखने वाली मानसिकता यानी ग्रोथ माइंडसेट का होना जरूरी है।
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Career Tips: ग्रोथ माइंडसेट यानी सोच का वह नजरिया जो हमें दूसरे लोगों से अलग बनाता है। हम जब सोचते है कि किसी भी लक्ष्य को हम हासिल कर सकते हैं तो यह हमारी सकारात्मक सोच को दिखाता है। वहीं बहुत से लोग ऐसे भी होते हैं कि वे प्रयास नहीं करना चाहते हैं या एक बार असफल होने के बाद फिर उस चीज को छोड़ देते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि कैसे खुद को सकारात्मक रखते हुए आगे बढ़ा जा सकता है...
गलतियों को पहचानें
जब हम कुछ काम करते हैं तो गलतियां होना भी स्वाभाविक है।लेकिन सबसे अहम बात यह होनी चाहिए कि हमें अपनी गलतियों को पहचानते हुए उनके बारे में बात करनी चाहिए। इससे आप उसे दोबारा नहीं दोहराएंगे। अगर आप कहीं किसी प्रतिकूल परिस्थिति में फंस जाते हैं तो उसके बारे में जरूर साझा करना चाहिए।
नए प्रयोग से घबराएं नहीं
करिअर में ग्रोथ के लिए नए प्रयोग करते रहें। नए प्रयोग करते समय हो सकता है कि आप असफल भी हो जाएं, लेकिन इसमें कुछ गलत नहीं है। जब आप असफल होते हैं या गिरते हैं तो आप वहां से बहुत कुछ सीखते हैं। गलतियों से जब आप सीखते हैं तो आपका आत्मविश्वास बढ़ता है।
हमेशा पॉजिटिव माइंडसेट रखें
जब हम किसी चुनौती का सामना करते हैं तो सबसे जरूरी होता है हमारा पॉजिटिव माइंडसेट। वहीं दूसरी तरफ जो चुनौतियों से पीछे हट गए उनका मानना है कि वह अपनी क्षमता को और बेहतर नहीं कर सकते हैं। यही सोच लर्निंग यानी सीखने के सभी पहलुओं पर लागू होती है।
परीक्षा पर भी असर
आप चाहे स्कूल कॉलेज के विद्यार्थी हों या फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हों। ग्रोथ माइंडसेट वाले विद्यार्थी हर परीक्षा में अच्छे अंक लाते हैं। जबकि चुनौतियों से डरने वाले परीक्षाओं में अच्छा नहीं कर पाते हैं। ग्रोथ माइंडसेट वाले बच्चे कठिन विषयों पर मेहनत करते हैं और निरंतर अपनी कमियों पर काम करते हैं।
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