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विश्व हेपेटाइटिस दिवस आज : कोरोना काल में जरूरी है विशेष देखभाल, जल्द लगवाएं टीका
Wed, 28 Jul 2021 05:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 28 Jul 2021 05:04 AM IST
सार
- जीवन शैली में बदलाव और सही खानपान जरूरी
- विशेषज्ञों ने कहा- गंभीर स्थिति से बचने के लिए जल्द से जल्द वैक्सीन लगवाएं हेपेटाइटिस के मरीज
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हेपेटाइटिस
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
दिल्ली में कई मरीज हेपेटाइटिस बीमारी से पीड़ित हैं। जिन मरीजों को यह समस्या है और अगर उनको कोरोना का संक्रमण हो जाता है तो यह खतरनाक साबित हो सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि हेपेटाइटिस के मरीजों को अपना विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। ऐसे मरीजों के लिए जरूरी है कि वह अपनी जीवनशैली सही करें और खानपान का विशेष ध्यान रखें। साथ ही इन मरीजों को जल्द से जल्द कोरोना वैक्सीन भी लगवा लेनी चाहिए।
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पीएसआरआई अस्पताल के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉक्टर दिनेश सिंघल ने बताया कि कोरोना से पीड़ित जो मरीज अस्पताल में भर्ती हुए थे उनमें लिवर और हाइपोप्रोटीनेमिया संबंधी जटिलताएं देखी गई थीं। इसके अलावा, पहले से हेपेटाइटिस से ग्रसित मरीजों में कोरोना निमोनिया के गंभीर परिणाम दिखाई दिए हैं। डॉ. सिंघल ने कहा कि कोरोना के कारण हेपेटाइटिस का खतरा बढ़ जाता है।
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यह देखा गया है कि जिन मरीजों को लिवर से जुड़ी समस्या पहले से है उनके लिए कोरोना जानलेवा बन गया है। आमतौर पर जितना ज्यादा गंभीर कोरोना का संक्रमण होता है, उसी गंभीरता से लिवर एंजाइम्स बढ़ने की संभावना होती है। कुछ लोगों में हल्के कोविड के साथ भी हेपेटाइटिस हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि हेपेटाइटिस के मरीजों को प्राथमिकता के तौर पर बिना देरी करे कोरोना वैक्सीन लगवानी चाहिए, उनके लिए यह पूरी तरह से सुरक्षित है।
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आकाश अस्पताल के गैस्ट्रो विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर शरद मल्होत्रा ने कहा कि हेपेटाइटिस बी भारत में बहुत तेजी से फैलने वाली बीमारी है। यह दुनिया की लगभग 3 से 4% आबादी को अपनी चपेट में लिए हुए है। हालांकि भारत में हेपेटाइटिस सी के मामले बहुत कम देखने को मिलते हैं। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस से पीड़ित ज्यादातर वे लोग हैं जो आईवी दवाओं का दुरुपयोग करते हैं, हेपेटाइटिस बी और सी से मौतें ज्यादा होती हैं क्योंकि इनसे लीवर में सिरोसिस और लीवर कैंसर होता है।
हेपेटाइटिस बी से बचने के लिए टीका आमतौर पर जन्म के समय दिया जाता है लेकिन यह टीका जिंदगी में कभी भी किसी भी समय लिया जा सकता है। हेपेटाइटिस वाले लोग सुरक्षित रूप से कोविड की वैक्सीन लगवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें किसी विशेष सावधानी या किसी दवा को बंद करने की आवश्यकता नहीं होती है। लीवर सिरोसिस वाले लोग वैक्सीन लगवाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं। अच्छी जीवन शैली, स्वस्थ भोजन की आदतों और शराब से परहेज कर इस बीमारी को खत्म किया जा सकता है।