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दिल्ली: शीतकालीन योजना बनकर तैयार, पर्यावरण मंत्री बोले-सीएम केजरीवाल चार अक्तूबर को करेंगे घोषणा
Sat, 02 Oct 2021 11:04 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 02 Oct 2021 11:04 PM IST
सार
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने असोला भाटी वन्यजीव अभ्यारण में वन्यजीव सप्ताह की शुरुआत के दौरान कहा कि सर्दी में प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली की शीतकालीन कार्य योजना बनकर तैयार हो गई है। मुख्यमंत्री केजरीवाल चार अक्तूबर को घोषणा करेंगे।
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गोपाल राय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सर्दी में प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली की शीतकालीन कार्य योजना बनकर तैयार हो गई है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आगामी चार अक्तूबर को कार्ययोजना की घोषणा करेंगे। इसके बाद धूल प्रदूषण से लेकर प्रदूषित कारकों के खिलाफ सरकार अभियान तेज करेगी। उक्त बातें पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शनिवार को असोला भाटी स्थित वन्यजीव अभ्यारण में वन्यजीव संरक्षण सप्ताह की शुरुआत के दौरान कही।
गोपाल राय ने कहा कि शीतकालीन कार्य योजना की घोषणा के बाद दिल्ली के अंदर युद्ध स्तर पर चौतरफा अभियान शुरू किया जाएगा, जिसमें वाहन प्रदूषण, धूल प्रदूषण, बायोमास बर्निग व पराली प्रदूषण सहित सभी प्रकार के प्रदूषण से मिलकर लड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि लोगों को वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए अलग-अलग कार्यक्रमों व प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। असोला भाटी वन्यजीव अभ्यारण में मौजूद हरी झील का सरकार प्राथमिकता के आधार पर सौंदर्यीकरण करेगी। साथ यहां घूमने के लिए ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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बकौल राय, वन विभाग की तरफ से असोला भाटी वन्य जीव अभ्यारण में घूमने आने वाले लोगों के लिए इलेक्ट्रिक कार और गाइड की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। लोगों के लिए यहां साइकिल ट्रैक का भी उद्घाटन किया गया है।
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गोपाल राय ने कहा कि शीतकालीन कार्य योजना की घोषणा के बाद दिल्ली के अंदर युद्ध स्तर पर चौतरफा अभियान शुरू किया जाएगा, जिसमें वाहन प्रदूषण, धूल प्रदूषण, बायोमास बर्निग व पराली प्रदूषण सहित सभी प्रकार के प्रदूषण से मिलकर लड़ा जाएगा।
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उन्होंने कहा कि लोगों को वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए अलग-अलग कार्यक्रमों व प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। असोला भाटी वन्यजीव अभ्यारण में मौजूद हरी झील का सरकार प्राथमिकता के आधार पर सौंदर्यीकरण करेगी। साथ यहां घूमने के लिए ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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बकौल राय, वन विभाग की तरफ से असोला भाटी वन्य जीव अभ्यारण में घूमने आने वाले लोगों के लिए इलेक्ट्रिक कार और गाइड की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। लोगों के लिए यहां साइकिल ट्रैक का भी उद्घाटन किया गया है।
वन्यजीव अभ्यारण से शुरू हुआ वन्यजीव संरक्षण सप्ताह की आठ अक्तूबर तक चलाया जाएगा। गोपाल राय ने कहा कि सरकार ने मार्च तक 35 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। अभी तक 22 लाख से ज्यादा पौधे लगाए जा चुके हैं।
दिल्ली में मानकों के मुताबिक, राज्य के पूरे क्षेत्रफल का 20 फीसदी हरित क्षेत्र होना चाहिए। इसके मुकाबले 22 फीसदी ग्रीन कवर विकसित किया जा चुका है। गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली देश की पहली राजधानी है जहां पर वृक्ष प्रत्यारोपण नीति बनी है।
पहले विकास के लिए पेड़ काटते थे और उसकी जगह पर 10 पौधे लगाते थे, लेकिन उन्हें बड़े होकर पेड़ बनने में 10 से 20 साल लग जाते हैं। इसलिए सरकार ने नई तकनीकी का सहयोग लेकर नीति बनाई है कि जिन पेड़ों का प्रत्यारोपण हो सकता है उनको उसी आकार में उसी तरह से प्रत्यारोपित किया जाए।
इसके अलावा उनकी जगह पर भी 10 पौधे लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों दिल्ली के अंदर अलग-अलग विभागों, निजी कंस्ट्रक्शन एजेंसी, आरडब्ल्यूए के साथ बैठक की थी। सभी लोगों से दिल्ली के पर्यावरण को बेहतर करने और प्रदूषण से लड़ने के लिए उपाय मिले हैं।
दिल्ली में मानकों के मुताबिक, राज्य के पूरे क्षेत्रफल का 20 फीसदी हरित क्षेत्र होना चाहिए। इसके मुकाबले 22 फीसदी ग्रीन कवर विकसित किया जा चुका है। गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली देश की पहली राजधानी है जहां पर वृक्ष प्रत्यारोपण नीति बनी है।
पहले विकास के लिए पेड़ काटते थे और उसकी जगह पर 10 पौधे लगाते थे, लेकिन उन्हें बड़े होकर पेड़ बनने में 10 से 20 साल लग जाते हैं। इसलिए सरकार ने नई तकनीकी का सहयोग लेकर नीति बनाई है कि जिन पेड़ों का प्रत्यारोपण हो सकता है उनको उसी आकार में उसी तरह से प्रत्यारोपित किया जाए।
इसके अलावा उनकी जगह पर भी 10 पौधे लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों दिल्ली के अंदर अलग-अलग विभागों, निजी कंस्ट्रक्शन एजेंसी, आरडब्ल्यूए के साथ बैठक की थी। सभी लोगों से दिल्ली के पर्यावरण को बेहतर करने और प्रदूषण से लड़ने के लिए उपाय मिले हैं।