जी20 पर तीन दिन दिल्ली रहेगी सूनी: सैर सपाटे पर निकलेंगे दिल्लीवाले, पहाड़ों में मनेगा वीकेंड, अभी से होटल फुल
दिल्ली में जी 20 के दौरान सब कुछ बंद रहेगा। इस दौरान लंबा वीकेंड होने की वजह से दिल्ली के लोग टूर पर निकलेंगे। आयोजन के दौरान बंदिशों की वजह से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को भी आने की अनुमति नहीं है। दिल्ली के होटल सूने रहेंगे। लुटियन दिल्ली, आईजीआई के नजदीकी पांच से तीन सितारा होटलों के अलावा बाकी होटल खाली रहेंगे।
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जी-20 शिखर सम्मेलन के अवसर पर लंबा वीकेंड होने से दिल्लीवाले सैर-सपाटे पर निकलने के लिए तैयार हैं। वहीं, बंदिशों की वजह से घरेलू और विदेशी पर्यटक भी इस दौरान दिल्ली में नहीं होंगे। इसका सीधा असर दिल्ली की होटल इंडस्ट्री पर अभी से दिखने लगा है। लुटियन दिल्ली व आईजीआई के नजदीकी नजदीकी पांच से तीन सितारा होटलों के अलावा बाकी के होटल खाली हैं। बजट होटलों की भी मांग नहीं है। यहां तक कि इनमें आयोजित होने वाली दूसरी कान्फ्रेंस की प्री बुकिंग तक रद्द हो रही है। दूसरी तरफ हरिद्वार, ऋषिकेश, जयपुर, कुंभलगढ़ समेत दिल्ली से बाहर के पर्यटन स्थलों में होटल दबाव में हैं।
दरअसल, जी-20 में आने वाले राष्ट्राध्यक्षों व राजनयिकों के लिए लुटियन दिल्ली व आईजीआई एयरपोर्ट के नजदीक के फाइव स्टार, फोर स्टार व थ्री स्टार होटल बुक हैं। सरकारी बुकिंग होने से रेट भी सरकार ने तय किया है। यहां के करीब 16 होटलों में ज्यादातर कमरे बुक हैं। यहां के होटलों की बुकिंग लगभग बंद है। दूसरी तरफ दिल्ली के दूसरे इलाकों के फाइव स्टार होटल पर्यटकों का इंतजार कर रहे हैं। छूट देने के बावजूद कमरा बुक नहीं हो रहा है। वजह यह कि जी-20 के अलावा इस दौरान दूसरा कोई डेलीगेशन कान्फ्रेंस के लिए दिल्ली नहीं आ रहा है। विदेशी व घरेलू पर्यटक भी आयोजन के दौरान दिल्ली आने से बच रहे हैं।
फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष व होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ नार्दन इंडिया के अध्यक्ष गिरिश ओबेरॉय का कहना है कि वीवीआईपी मूवमेंट वाली जगहों के फाइव, फोर व थ्री स्टार होटल पहले ही बुक हैं। यहां थोड़े-बहुत जो कमरे बचे हुए हैं, उनका टैरिफ निजी लोगों के लिए डायनेमिक हो जाता है। होटल मालिकों पर दबाव भी बहुत ज्यादा है।
बजट होटल सूने तो आसपास के फुल
दिल्ली होटल एंड रेस्टोरेंट ऑनर एसोसिएशन के महासचिव मोहित शाह का कहना है कि दिल्ली में स्टार होटलों में कुल 17,000 कमरे हैं। जबकि सरकारी आंकड़े के हिसाब से मेहमानों की संख्या 8000 ही है। ऐसे में होटल इंडस्ट्री पर बुरा असर पड़ रहा है। जी20 के अलावा दूसरे विदेशी पर्यटकों के नहीं आने की वजह से बुकिंग नहीं हो रही है। 50 प्रतिशत तक छूट के बावजूद कमरे की बुकिंग नहीं हो रही है। दूसरी तरफ जयपुर, हरिद्वार, कुंभलगढ़, ऋषिकेश, पंजाब, हिमाचल, जम्मू समेत कई पर्यटन स्थलों के होटल पूरी तरह से फुल हो गए हैं।
दिल्ली से बाहर जाने वालों की संख्या में काफी इजाफा शिखर सम्मेलन के दौरान हुआ है। टूर-ट्रेवल कंपनी में भी वाहनों की कमी है। टूरिज्म एक्सपर्ट संदीप खंडेलवाल ने बताया कि बजट होटल की बुकिंग नहीं हो रही है। दिल्ली में इस दौरान पर्यटकों की संख्या काफी कम रहेगी। छुट्टी की वजह से दिल्ली से लोग बाहर सैर-सपाटे के लिए जाने की तैयारी में है। लिहाजा अन्य पर्यटक स्थलों पर होटल की मांग बढ़ी है।
12 हजार वाले कमरे 70 हजार में हो रहे बुक
उद्योग के जानकार बताते हैं कि जिन होटलों में विदेशी मेहमान रहेंगे, वहां इक्का-दुक्का कमरे ही बचे हैं, डायनेमिक फेयर होने से उनकी कीमत ज्यादा है। संख्या सीमित होने से दरें इस वक्त बढ़ रही हैं। इसका फायदा लुटियन दिल्ली के स्टार होटलों को मिल रहा है। जबकि रोहिणी, पीतमपुरा, साउथ एक्स समेत अन्य फाइव स्टार होटल में काफी कमरे खाली है।
टैक्सी की भी हुई कमी
विश्वभर से आने वाले मेहमानों के लिए बड़े-बड़े टूर एंड ट्रेवल कंपनियां जुटी हुई है। ज्यादातर कंपनियों की टैक्सी बुक हो गई है। ज्यादा मांग बढ़ने वाली वजह से कई टैक्सी कंपनियों को नई-नई टैक्सी खरीदकर होटल ऑपरेटर को देना पड़ रहा है। दूसरी तरफ छोटे टूर एंड ट्रेवल कंपनियों की भी चांदी हो गई है और मनमाना रेट वसूल रहे है। चूंकि दिल्ली वाले सैर सपाटे के शौकीन होते हैं और तीन दिनों की छुट्टी की वजह से इस शौक को पूरा करने के लिए दिल्ली से बाहर जाने की तैयारी में है। इस वजह से टैक्सी की बुकिंग धड़ल्ले से चल रही है।