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पति की कैट्स ड्यूटी में मौत पर पत्नी ने मांगा एक करोड़ मुआवजा
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नई दिल्ली। कोविड-19 के दौरान पति की मौत पर एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग को लेकर एक महिला ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। याची ने कहा कि पति को पिछले साल कैट्स में तैनात किया गया था। वह वायरस से संक्रमित हो गया था जिससे उसकी मौत हो गई। अदालत ने दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
न्यायमूर्ति रेखा पल्ली के समक्ष याची ने तर्क रखा कि केंद्रीकृत दुर्घटना और ट्रॉमा सर्विस (कैट्स) के एक कार्यालय नोट के अनुसार उनके पति कोविड कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे थे। वहीं दूसरी तरफ राजस्व विभाग ने ऐसा मानने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा राजस्व विभाग ने कैट्स द्वारा उनके पति की मौत पर अनुग्रह राशि प्रदान करने के प्रस्ताव को रद्द कर दिया था। इसके बाद उपराज्यपाल ने भी आवेदन को खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा कि उसका पति दिल्ली अधीनस्थ लेखा सर्विस में लेखा अधिकारी था और उसे 2018 में कैट्स में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया था। कोविड-19 प्रकोप के बाद 8 फरवरी से 20 अप्रैल 2020 तक उन्हें वितरित अधिकारी के रूप में अपने सामान्य कर्तव्यों के अलावा कैट्स में प्रशासनिक अधिकारी और कार्यालय प्रमुख का कार्यभार सौंपा गया था।
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याचिका में दावा किया गया है कि उनका पति 20 अप्रैल 2020 के बाद भी कोविड कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे थे। याची ने कहा कि दिल्ली सरकार ने पिछले वर्ष मई माह में निर्णय लिया था कि कोविड डयूटी में मारे गए व्यक्ति के आश्रितों को एक करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे। याची ने कहा कि उनके पति जून 2020 में संक्रमित हो गए थे और जुलाई माह में उनकी मौत हो गई। ऐसे में दिल्ली सरकार को निर्देश दिया जाए कि उनके पति की महामारी ड्यूटी पर मारे गए अधिकारियों के रूप में मानते हुए परिजनों को 1 करोड़ रुपये अनुग्रह राशि प्रदान करे।
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न्यायमूर्ति रेखा पल्ली के समक्ष याची ने तर्क रखा कि केंद्रीकृत दुर्घटना और ट्रॉमा सर्विस (कैट्स) के एक कार्यालय नोट के अनुसार उनके पति कोविड कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे थे। वहीं दूसरी तरफ राजस्व विभाग ने ऐसा मानने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा राजस्व विभाग ने कैट्स द्वारा उनके पति की मौत पर अनुग्रह राशि प्रदान करने के प्रस्ताव को रद्द कर दिया था। इसके बाद उपराज्यपाल ने भी आवेदन को खारिज कर दिया।
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उन्होंने कहा कि उसका पति दिल्ली अधीनस्थ लेखा सर्विस में लेखा अधिकारी था और उसे 2018 में कैट्स में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया था। कोविड-19 प्रकोप के बाद 8 फरवरी से 20 अप्रैल 2020 तक उन्हें वितरित अधिकारी के रूप में अपने सामान्य कर्तव्यों के अलावा कैट्स में प्रशासनिक अधिकारी और कार्यालय प्रमुख का कार्यभार सौंपा गया था।
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याचिका में दावा किया गया है कि उनका पति 20 अप्रैल 2020 के बाद भी कोविड कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे थे। याची ने कहा कि दिल्ली सरकार ने पिछले वर्ष मई माह में निर्णय लिया था कि कोविड डयूटी में मारे गए व्यक्ति के आश्रितों को एक करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे। याची ने कहा कि उनके पति जून 2020 में संक्रमित हो गए थे और जुलाई माह में उनकी मौत हो गई। ऐसे में दिल्ली सरकार को निर्देश दिया जाए कि उनके पति की महामारी ड्यूटी पर मारे गए अधिकारियों के रूप में मानते हुए परिजनों को 1 करोड़ रुपये अनुग्रह राशि प्रदान करे।