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फेसबुक पर वेबपेज बनाकर बेच रहे थे हथियार, दो गिरफ्तार
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नई दिल्ली। फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वेबपेज बनाकर हथियार बेचने वाले गिरोह के दो बदमाशों को स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बड़वानी, मध्य प्रदेश निवासी राजेंद्र सिंह बरनाला (22) और बबलू सिंह (30) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 18 पिस्टल और 60 कारतूस बरामद किए हैं। आरोपियों ने वेबपेज बनाकर बाकायदा वर्चुअल मोबाइल नंबर (इंटरनेट कॉलिंग नंबर) दे रखे थे। जिन पर हथियारों के ऑर्डर लिए जाते थे। आरोपी खालिस्तान समर्थकों व अन्य राज्यों के गैंगस्टरों को हथियार सप्लाई कर रहे थे। पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि करीब एक वर्ष उनकी टीम खालिस्तान समर्थकों पर नजर रख रही थी। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि कुछ खालिस्तानी समर्थक मध्य प्रदेश के हथियार तस्करों के संपर्क में हैं। बदमाश फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वेबपेज बनाकर हथियारों की सप्लाई कर रहे थे। पेज पर खालिस्तान समर्थकों को सपोर्ट करने की बात लिखी थी। पेज पर कुछ वर्चुअल नंबर भी मिले। जांच में पता चला कि पेज पर हथियारों की फोटो और वीडियो शेयर की जाती थी। उसको देखकर बदमाश वर्चुअल नंबर पर संपर्क कर ऑर्डर देते थे। आरोपी दिल्ली-एनसीआर के अलावा, पंजाब, हरियाणा और यूपी में भी हथियार सप्लाई कर रहे थे।
बुधवार को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी हथियार सप्लाई करने शाम करीब 7:30 बजे रोहिणी के पास आने वाले हैं। पुलिस की टीम ने मौके से आरोपी राजेंद्र और बबलू को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के पास से 18 पिस्टल व 60 कारतूस के अलावा कई मोबाइल व सिम कार्ड बरामद हुए। पूछताछ के दौरान राजेंद्र ने बताया कि वह बड़वानी, बुरहानपुर, धार और खारगौन से हथियार खरीदकर सप्लाई करता थे। राजेंद्र अपने भाई नरेंद्र सिंह के साथ मिलकर हथियारों की तस्करी करता था। आरोपी अलग-अलग असलहों के लिए 25 से 50 हजार रुपये लेते थे। स्पेशल सेल पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है।
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स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि करीब एक वर्ष उनकी टीम खालिस्तान समर्थकों पर नजर रख रही थी। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि कुछ खालिस्तानी समर्थक मध्य प्रदेश के हथियार तस्करों के संपर्क में हैं। बदमाश फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वेबपेज बनाकर हथियारों की सप्लाई कर रहे थे। पेज पर खालिस्तान समर्थकों को सपोर्ट करने की बात लिखी थी। पेज पर कुछ वर्चुअल नंबर भी मिले। जांच में पता चला कि पेज पर हथियारों की फोटो और वीडियो शेयर की जाती थी। उसको देखकर बदमाश वर्चुअल नंबर पर संपर्क कर ऑर्डर देते थे। आरोपी दिल्ली-एनसीआर के अलावा, पंजाब, हरियाणा और यूपी में भी हथियार सप्लाई कर रहे थे।
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बुधवार को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी हथियार सप्लाई करने शाम करीब 7:30 बजे रोहिणी के पास आने वाले हैं। पुलिस की टीम ने मौके से आरोपी राजेंद्र और बबलू को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के पास से 18 पिस्टल व 60 कारतूस के अलावा कई मोबाइल व सिम कार्ड बरामद हुए। पूछताछ के दौरान राजेंद्र ने बताया कि वह बड़वानी, बुरहानपुर, धार और खारगौन से हथियार खरीदकर सप्लाई करता थे। राजेंद्र अपने भाई नरेंद्र सिंह के साथ मिलकर हथियारों की तस्करी करता था। आरोपी अलग-अलग असलहों के लिए 25 से 50 हजार रुपये लेते थे। स्पेशल सेल पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है।
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