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दिल्ली के पहले ट्रांजिट ओरिएंटेड हब को मंजूरी का रास्ता साफ
Mon, 28 Jun 2021 06:22 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 28 Jun 2021 06:22 AM IST
सार
- पर्यावरण मंत्रालय की समिति ने दिखाई हरी झंडी
- 123 पेड़ हटाने, 20 को स्थानांतरित करने की योजना
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पर्यावरण मंत्रालय की विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति ने पूर्वी दिल्ली हब की एकीकृत विकास परियोजना को मंजूरी प्रदान करने की सिफारिश की है। इसके तहत 123 पेड़ों को हटाने और 20 को स्थानांतरित करने की योजना है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने वर्ष 2014 में इस परियोजना को मंजूरी दी थी। इसके बाद वर्ष 2019 में इसे राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम (एनबीसीसी) को सौंपा गया था।
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गत 27-28 मई को हुई ईएसी की 65वीं बैठक की कार्यवाही के मुताबिक, कड़कड़डूमा में नया ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलेपमेंट (टीओडी) विकसित करने का प्रस्ताव है। इससे लोगों को घर, कार्यस्थल और मनोरंजन स्थल के लिए कम से कम चलने की जरूरत होगी। इसका विकास 37.42 हेक्टेयर से भी अधिक क्षेत्र में 1168 करोड़ रुपये से किया जाना है। पहले चरण में 25.89 हेक्टेयर में 78,213 वर्गमीटर को हरित क्षेत्र में विकसित किया जाना है।
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ईएसी के मुताबिक, वर्तमान में इस स्थान पर 462 पेड़ हैं। इनमें से 123 को काटा जाएगा और 20 को स्थानांतरित किया जाएगा। ओखला बर्ड सेंचुरी करीब 9.14 किमी में है और यह परियोजना सेंचुरी के अधिसूचित पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र से बाहर है।
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अधिकारियों के मुताबिक, परियोजना को दिल्ली मेट्रो रूट की ब्लू और पिंक लाइन के नजदीक विकसित किया जाना है। इसमें एक बड़ा भू-भाग वाला हरित क्षेत्र और 48 मंजिला सिग्नेचर टावर भी शामिल होगा। इसे पहले चरण के तहत विकसित किया जाएगा। इसमें 6518 आवासीय इकाइयां भी शामिल होंगी। इसमें आर्थिक कमजोर वर्ग के लिए 1992 इकाइयों समेत स्कूल, डिस्पेंसरी, लाइब्रेरी, सांस्कृतिक केंद्र, सामुदायिक भवन, शॉपिंग केंद्र और अन्य स्थान शामिल होंगे।
ईएसी ने इससे पहले एक मार्च को हुई 62वीं बैठक में प्रस्ताव की जांच की थी। कुछ बदलाव के साथ परियोजना प्रस्तावक को फिर से रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा गया था। दिल्ली की टीओडी परियोजना के मुताबिक, ट्रांजिट क्षेत्र व इसके आसपास आवासीय, कार्यालय, मनोरंजन केंद्र पर पैदल या फिर साइकिल से ही पहुंचा जा सकेगा।